BC Act 9अध्याय IV · Management of Corresponding New Banks
धारा 9 · योजना बनाने की शक्ति केंद्र सरकार के पास है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार रिजर्व बैंक से परामर्श करने के बाद इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने की योजना बना सकती है।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उक्त योजना निम्नलिखित सभी या इनमें से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकती है, अर्थात्:
(क) संबंधित नए बैंक की पूंजी संरचना 1 ***
(ख) संबंधित नए बैंक के निदेशक मंडल का गठन, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, और उससे संबंधित या उससे जुड़े सभी मामले जिन्हें केंद्र सरकार आवश्यक या उचित समझे;
(ग) किसी संगत नए बैंक का दो या दो से अधिक निगमों में पुनर्गठन, किसी संगत नए बैंक का किसी अन्य संगत नए बैंक या किसी अन्य बैंकिंग संस्था के साथ विलय, किसी संगत नए बैंक के पूरे या किसी भाग के उपक्रम का किसी अन्य संगत नए बैंक या बैंकिंग संस्था को हस्तांतरण या किसी अन्य बैंकिंग संस्था के पूरे या किसी भाग के उपक्रम का किसी संगत नए बैंक को हस्तांतरण;
3 [(ca) उपधारा (3) के खंड (i) के द्वितीय परंतुक के अधीन अतिरिक्त निदेशकों के सेवानिवृत्त होने का तरीका;]
(घ) इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए आवश्यक आकस्मिक, परिणामी और पूरक मामले।
4 [(3) उपधारा (1) के तहत बनाई गई किसी योजना के तहत गठित किसी समरूप नए बैंक के प्रत्येक निदेशक मंडल में निम्नलिखित शामिल होंगे--
5 [(क) केंद्रीय सरकार द्वारा रिजर्व बैंक से परामर्श के बाद नियुक्त किए जाने वाले पांच से अधिक पूर्णकालिक निदेशक नहीं होंगे:
बशर्ते कि केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक से परामर्श करने के बाद, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, इस प्रकार नियुक्त पूर्णकालिक निदेशक को किसी अन्य समतुल्य नए बैंक में तैनात कर सकती है।
स्पष्टीकरण .--इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "अनुरूप नया बैंक" अभिव्यक्ति में बैंकिंग कंपनी (अधिग्रहण एवं उपक्रमों का हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 की धारा 2 के खंड (घ) में परिभाषित "अनुरूप नया बैंक" शामिल होगा;]
(ख) एक निदेशक जो केंद्र सरकार का अधिकारी हो और जिसे केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा कोई भी निदेशक किसी अन्य संबंधित नए बैंक का निदेशक नहीं होगा।
स्पष्टीकरण। --इस खंड के प्रयोजनों के लिए, संगत नए बैंक अभिव्यक्ति में बैंकिंग कंपनी (अधिग्रहण और उपक्रमों का हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5) के अर्थ में संगत नया बैंक शामिल होगा;
6 [(ग) वाणिज्यिक बैंकों के विनियमन या पर्यवेक्षण से संबंधित मामलों में आवश्यक विशेषज्ञता और अनुभव रखने वाला एक निदेशक, जिसे रिजर्व बैंक की सिफारिश पर केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाएगा;]
स्पष्टीकरण। --इस खंड के प्रयोजन के लिए, भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारी में भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा 54एए के तहत उस बैंक द्वारा किसी निर्दिष्ट संस्था में प्रतिनियुक्त अधिकारी भी शामिल है; 7 * * * * *
(ई) संबंधित नए बैंक के उन कर्मचारियों में से एक निदेशक, जो औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947) की धारा 2 के खंड (एस) के अंतर्गत कामगार हैं, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा इस धारा के अंतर्गत बनाई गई योजना में निर्दिष्ट तरीके से मनोनीत किया जाएगा;
(f) संबंधित नए बैंक के उन कर्मचारियों में से एक निदेशक, जो औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947) की धारा 2 के खंड (एस) के अंतर्गत कामगार नहीं हैं, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा रिजर्व बैंक से परामर्श के बाद मनोनीत किया जाएगा;
(जी) एक निदेशक जो कम से कम पंद्रह वर्षों से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहा हो, जिसे रिजर्व बैंक से परामर्श के बाद केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाएगा;
(h) खंड (i) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किए जाने वाले निदेशकों की संख्या छह से अधिक नहीं होगी;
8 [(i) जहां धारा 3 की उपधारा (2बी) के खंड (सी) के तहत जारी की गई पूंजी
(I) कुल चुकता पूंजी के सोलह प्रतिशत से अधिक नहीं, एक निदेशक;
(II) कुल चुकता पूंजी के सोलह प्रतिशत से अधिक लेकिन बत्तीस प्रतिशत से अधिक नहीं, दो निदेशक;
(III) कुल चुकता पूंजी के बत्तीस प्रतिशत से अधिक होने पर, तीन निदेशक, जिनका चुनाव केंद्र सरकार के अलावा अन्य शेयरधारकों द्वारा अपने बीच से किया जाएगा:
बशर्ते कि इस खंड के तहत किसी ऐसे निदेशक के चुनाव के बाद कार्यभार ग्रहण करने पर, खंड (एच) के तहत मनोनीत निदेशकों की समान संख्या योजना में निर्दिष्ट तरीके से सेवानिवृत्त होगी:
इसके अलावा, यदि बैंकिंग कंपनी (अधिग्रहण एवं उपक्रमों का हस्तांतरण) एवं वित्तीय संस्थान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रारंभ होने से पूर्व या उस तिथि को किसी संबंधित नए बैंक में निर्वाचित निदेशकों की संख्या उप-खंड (I) या उप-खंड (II) या उप-खंड (III) में निर्दिष्ट निदेशकों की संख्या से अधिक हो जाती है, तो प्रारंभ होने से पूर्व निर्वाचित अतिरिक्त निदेशक योजना में निर्दिष्ट तरीके से सेवानिवृत्त होंगे और ऐसे निदेशक अपने कार्यकाल की समयपूर्व सेवानिवृत्ति के लिए किसी भी प्रकार के मुआवजे का दावा करने के पात्र नहीं होंगे।
(3ए) उपधारा (3ए) के खंड (एच) के अधीन मनोनीत या खंड (आई) के अधीन निर्वाचित होने वाले निदेशक--
(ए) निम्नलिखित में से एक या अधिक मामलों के संबंध में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव होना, अर्थात्:--
(i) कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था,
(ii) बैंकिंग,
(iii) सहयोग,
(iv) अर्थशास्त्र,
(v) वित्त,
(vi) कानून,
(vii) लघु उद्योग,
(viii) कोई अन्य मामला जिसका विशेष ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव, रिजर्व बैंक की राय में, संबंधित नए बैंक के लिए उपयोगी होगा;
(ख) जमाकर्ताओं के हितों का प्रतिनिधित्व करना; या
(सी) किसानों, श्रमिकों और कारीगरों के हितों का प्रतिनिधित्व करना।
9 [(3एए) उप-धारा (3ए) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना और इस अधिनियम या किसी अन्य कानून में समय-समय पर लागू किसी भी विपरीत बात के होते हुए भी, कोई भी व्यक्ति उप-धारा (3) के खंड (i) के अधीन निदेशक के रूप में निर्वाचित होने के लिए पात्र नहीं होगा, जब तक कि वह ट्रैक रिकॉर्ड, सत्यनिष्ठा और ऐसे अन्य मानदंडों के आधार पर उपयुक्त और योग्य स्थिति वाला व्यक्ति न हो, जैसा कि रिजर्व बैंक इस संबंध में समय-समय पर अधिसूचित कर सकता है।
(3AB) रिजर्व बैंक उपधारा (3AA) के तहत जारी अधिसूचना में उपयुक्त और योग्य स्थिति निर्धारित करने के लिए प्राधिकारी, ऐसे निर्धारण का तरीका, ऐसे निर्धारण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और ऐसे अन्य मामलों को भी निर्दिष्ट कर सकता है जिन्हें आवश्यक या उससे संबंधित समझा जाए।]
(3ख) यदि भारतीय रिज़र्व बैंक की राय है कि उपधारा (3) के खंड (i) के अधीन निर्वाचित किसी समरूप नए बैंक का कोई निदेशक उपधारा (3क) और उपधारा (3एए) की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है, तो वह ऐसे निदेशक और बैंक को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद आदेश द्वारा ऐसे निदेशक को हटा सकता है और इस प्रकार हटाए जाने पर, निदेशक मंडल उपधारा (3क) और उपधारा (3एए) की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को हटाए गए व्यक्ति के स्थान पर निदेशक के रूप में सह-विकल्पित करेगा, जब तक कि समरूप नए बैंक के शेयरधारकों द्वारा अगली वार्षिक आम बैठक में किसी निदेशक का विधिवत चुनाव नहीं हो जाता और इस प्रकार सह-विकल्पित व्यक्ति को समरूप नए बैंक के शेयरधारकों द्वारा निदेशक के रूप में विधिवत निर्वाचित माना जाएगा।
(4) केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक से परामर्श करने के बाद, उप-धारा (1) के अधीन बनाई गई किसी योजना में संशोधन या परिवर्तन करने के लिए कोई योजना बना सकती है।
11 [(5) इस धारा के अंतर्गत उपधारा (2) के खंड (सी) में निर्दिष्ट किसी भी मामले या उससे संबंधित किसी भी आकस्मिक, परिणामी और पूरक मामले के संबंध में बनाई गई योजना के लागू होने की तिथि से,--
(क) यह योजना संबंधित नए बैंक या निगमों या बैंकिंग संस्थानों पर, और साथ ही उनके सदस्यों, यदि कोई हो, जमाकर्ताओं, अन्य लेनदारों और कर्मचारियों पर, और उनमें से किसी के संबंध में कोई अधिकार या दायित्व रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति पर, जिसमें न्यासी या अन्य व्यक्ति शामिल हैं, जो किसी भविष्य निधि या उनके द्वारा अनुरक्षित किसी अन्य निधि का प्रबंधन करते हैं या किसी अन्य तरीके से उससे जुड़े हुए हैं, बाध्यकारी होगी;
(ख) संबंधित नए बैंक या, जैसा भी मामला हो, बैंकिंग संस्था की संपत्तियां और परिसंपत्तियां, योजना में दिए गए प्रावधानों के अनुसार और सीमा तक, उस निगम या निगमों को हस्तांतरित और निहित हो जाएंगी, जिनका पुनर्गठन बैंकिंग संस्था या संबंधित नए बैंक के पुनर्गठन द्वारा किया गया है। संबंधित नए बैंक या, जैसा भी मामला हो, बैंकिंग संस्था की देनदारियां, योजना में दिए गए प्रावधानों के अनुसार और सीमा तक, उस निगम या निगमों को हस्तांतरित हो जाएंगी और उनकी देनदारियां बन जाएंगी।
12 [ स्पष्टीकरण 1]. इस खंड में, बैंकिंग संस्था का अर्थ बैंकिंग कंपनी है और इसमें भारतीय स्टेट बैंक या सहायक बैंक शामिल है।
13 [ स्पष्टीकरण II].-- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, संगत नए बैंक अभिव्यक्ति में बैंकिंग कंपनी (अधिग्रहण एवं उपक्रमों का हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5) के अर्थ में संगत नया बैंक शामिल होगा।]
14 [(6)] इस अधिनियम के अधीन केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई प्रत्येक योजना, बनने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखी जाएगी, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन योजना में कोई संशोधन करने पर सहमत हों या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि योजना नहीं बनाई जानी चाहिए, तो योजना इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगी या अप्रभावी होगी, जैसा भी मामला हो; हालांकि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस योजना के तहत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उक्त योजना निम्नलिखित सभी या इनमें से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकती है, अर्थात्:
(क) संबंधित नए बैंक की पूंजी संरचना 1 ***
(ख) संबंधित नए बैंक के निदेशक मंडल का गठन, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, और उससे संबंधित या उससे जुड़े सभी मामले जिन्हें केंद्र सरकार आवश्यक या उचित समझे;
(ग) किसी संगत नए बैंक का दो या दो से अधिक निगमों में पुनर्गठन, किसी संगत नए बैंक का किसी अन्य संगत नए बैंक या किसी अन्य बैंकिंग संस्था के साथ विलय, किसी संगत नए बैंक के पूरे या किसी भाग के उपक्रम का किसी अन्य संगत नए बैंक या बैंकिंग संस्था को हस्तांतरण या किसी अन्य बैंकिंग संस्था के पूरे या किसी भाग के उपक्रम का किसी संगत नए बैंक को हस्तांतरण;
3 [(ca) उपधारा (3) के खंड (i) के द्वितीय परंतुक के अधीन अतिरिक्त निदेशकों के सेवानिवृत्त होने का तरीका;]
(घ) इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए आवश्यक आकस्मिक, परिणामी और पूरक मामले।
4 [(3) उपधारा (1) के तहत बनाई गई किसी योजना के तहत गठित किसी समरूप नए बैंक के प्रत्येक निदेशक मंडल में निम्नलिखित शामिल होंगे--
5 [(क) केंद्रीय सरकार द्वारा रिजर्व बैंक से परामर्श के बाद नियुक्त किए जाने वाले पांच से अधिक पूर्णकालिक निदेशक नहीं होंगे:
बशर्ते कि केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक से परामर्श करने के बाद, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, इस प्रकार नियुक्त पूर्णकालिक निदेशक को किसी अन्य समतुल्य नए बैंक में तैनात कर सकती है।
स्पष्टीकरण .--इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "अनुरूप नया बैंक" अभिव्यक्ति में बैंकिंग कंपनी (अधिग्रहण एवं उपक्रमों का हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 की धारा 2 के खंड (घ) में परिभाषित "अनुरूप नया बैंक" शामिल होगा;]
(ख) एक निदेशक जो केंद्र सरकार का अधिकारी हो और जिसे केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा कोई भी निदेशक किसी अन्य संबंधित नए बैंक का निदेशक नहीं होगा।
स्पष्टीकरण। --इस खंड के प्रयोजनों के लिए, संगत नए बैंक अभिव्यक्ति में बैंकिंग कंपनी (अधिग्रहण और उपक्रमों का हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5) के अर्थ में संगत नया बैंक शामिल होगा;
6 [(ग) वाणिज्यिक बैंकों के विनियमन या पर्यवेक्षण से संबंधित मामलों में आवश्यक विशेषज्ञता और अनुभव रखने वाला एक निदेशक, जिसे रिजर्व बैंक की सिफारिश पर केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाएगा;]
स्पष्टीकरण। --इस खंड के प्रयोजन के लिए, भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारी में भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा 54एए के तहत उस बैंक द्वारा किसी निर्दिष्ट संस्था में प्रतिनियुक्त अधिकारी भी शामिल है; 7 * * * * *
(ई) संबंधित नए बैंक के उन कर्मचारियों में से एक निदेशक, जो औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947) की धारा 2 के खंड (एस) के अंतर्गत कामगार हैं, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा इस धारा के अंतर्गत बनाई गई योजना में निर्दिष्ट तरीके से मनोनीत किया जाएगा;
(f) संबंधित नए बैंक के उन कर्मचारियों में से एक निदेशक, जो औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947) की धारा 2 के खंड (एस) के अंतर्गत कामगार नहीं हैं, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा रिजर्व बैंक से परामर्श के बाद मनोनीत किया जाएगा;
(जी) एक निदेशक जो कम से कम पंद्रह वर्षों से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहा हो, जिसे रिजर्व बैंक से परामर्श के बाद केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाएगा;
(h) खंड (i) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किए जाने वाले निदेशकों की संख्या छह से अधिक नहीं होगी;
8 [(i) जहां धारा 3 की उपधारा (2बी) के खंड (सी) के तहत जारी की गई पूंजी
(I) कुल चुकता पूंजी के सोलह प्रतिशत से अधिक नहीं, एक निदेशक;
(II) कुल चुकता पूंजी के सोलह प्रतिशत से अधिक लेकिन बत्तीस प्रतिशत से अधिक नहीं, दो निदेशक;
(III) कुल चुकता पूंजी के बत्तीस प्रतिशत से अधिक होने पर, तीन निदेशक, जिनका चुनाव केंद्र सरकार के अलावा अन्य शेयरधारकों द्वारा अपने बीच से किया जाएगा:
बशर्ते कि इस खंड के तहत किसी ऐसे निदेशक के चुनाव के बाद कार्यभार ग्रहण करने पर, खंड (एच) के तहत मनोनीत निदेशकों की समान संख्या योजना में निर्दिष्ट तरीके से सेवानिवृत्त होगी:
इसके अलावा, यदि बैंकिंग कंपनी (अधिग्रहण एवं उपक्रमों का हस्तांतरण) एवं वित्तीय संस्थान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रारंभ होने से पूर्व या उस तिथि को किसी संबंधित नए बैंक में निर्वाचित निदेशकों की संख्या उप-खंड (I) या उप-खंड (II) या उप-खंड (III) में निर्दिष्ट निदेशकों की संख्या से अधिक हो जाती है, तो प्रारंभ होने से पूर्व निर्वाचित अतिरिक्त निदेशक योजना में निर्दिष्ट तरीके से सेवानिवृत्त होंगे और ऐसे निदेशक अपने कार्यकाल की समयपूर्व सेवानिवृत्ति के लिए किसी भी प्रकार के मुआवजे का दावा करने के पात्र नहीं होंगे।
(3ए) उपधारा (3ए) के खंड (एच) के अधीन मनोनीत या खंड (आई) के अधीन निर्वाचित होने वाले निदेशक--
(ए) निम्नलिखित में से एक या अधिक मामलों के संबंध में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव होना, अर्थात्:--
(i) कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था,
(ii) बैंकिंग,
(iii) सहयोग,
(iv) अर्थशास्त्र,
(v) वित्त,
(vi) कानून,
(vii) लघु उद्योग,
(viii) कोई अन्य मामला जिसका विशेष ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव, रिजर्व बैंक की राय में, संबंधित नए बैंक के लिए उपयोगी होगा;
(ख) जमाकर्ताओं के हितों का प्रतिनिधित्व करना; या
(सी) किसानों, श्रमिकों और कारीगरों के हितों का प्रतिनिधित्व करना।
9 [(3एए) उप-धारा (3ए) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना और इस अधिनियम या किसी अन्य कानून में समय-समय पर लागू किसी भी विपरीत बात के होते हुए भी, कोई भी व्यक्ति उप-धारा (3) के खंड (i) के अधीन निदेशक के रूप में निर्वाचित होने के लिए पात्र नहीं होगा, जब तक कि वह ट्रैक रिकॉर्ड, सत्यनिष्ठा और ऐसे अन्य मानदंडों के आधार पर उपयुक्त और योग्य स्थिति वाला व्यक्ति न हो, जैसा कि रिजर्व बैंक इस संबंध में समय-समय पर अधिसूचित कर सकता है।
(3AB) रिजर्व बैंक उपधारा (3AA) के तहत जारी अधिसूचना में उपयुक्त और योग्य स्थिति निर्धारित करने के लिए प्राधिकारी, ऐसे निर्धारण का तरीका, ऐसे निर्धारण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और ऐसे अन्य मामलों को भी निर्दिष्ट कर सकता है जिन्हें आवश्यक या उससे संबंधित समझा जाए।]
(3ख) यदि भारतीय रिज़र्व बैंक की राय है कि उपधारा (3) के खंड (i) के अधीन निर्वाचित किसी समरूप नए बैंक का कोई निदेशक उपधारा (3क) और उपधारा (3एए) की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है, तो वह ऐसे निदेशक और बैंक को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद आदेश द्वारा ऐसे निदेशक को हटा सकता है और इस प्रकार हटाए जाने पर, निदेशक मंडल उपधारा (3क) और उपधारा (3एए) की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को हटाए गए व्यक्ति के स्थान पर निदेशक के रूप में सह-विकल्पित करेगा, जब तक कि समरूप नए बैंक के शेयरधारकों द्वारा अगली वार्षिक आम बैठक में किसी निदेशक का विधिवत चुनाव नहीं हो जाता और इस प्रकार सह-विकल्पित व्यक्ति को समरूप नए बैंक के शेयरधारकों द्वारा निदेशक के रूप में विधिवत निर्वाचित माना जाएगा।
(4) केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक से परामर्श करने के बाद, उप-धारा (1) के अधीन बनाई गई किसी योजना में संशोधन या परिवर्तन करने के लिए कोई योजना बना सकती है।
11 [(5) इस धारा के अंतर्गत उपधारा (2) के खंड (सी) में निर्दिष्ट किसी भी मामले या उससे संबंधित किसी भी आकस्मिक, परिणामी और पूरक मामले के संबंध में बनाई गई योजना के लागू होने की तिथि से,--
(क) यह योजना संबंधित नए बैंक या निगमों या बैंकिंग संस्थानों पर, और साथ ही उनके सदस्यों, यदि कोई हो, जमाकर्ताओं, अन्य लेनदारों और कर्मचारियों पर, और उनमें से किसी के संबंध में कोई अधिकार या दायित्व रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति पर, जिसमें न्यासी या अन्य व्यक्ति शामिल हैं, जो किसी भविष्य निधि या उनके द्वारा अनुरक्षित किसी अन्य निधि का प्रबंधन करते हैं या किसी अन्य तरीके से उससे जुड़े हुए हैं, बाध्यकारी होगी;
(ख) संबंधित नए बैंक या, जैसा भी मामला हो, बैंकिंग संस्था की संपत्तियां और परिसंपत्तियां, योजना में दिए गए प्रावधानों के अनुसार और सीमा तक, उस निगम या निगमों को हस्तांतरित और निहित हो जाएंगी, जिनका पुनर्गठन बैंकिंग संस्था या संबंधित नए बैंक के पुनर्गठन द्वारा किया गया है। संबंधित नए बैंक या, जैसा भी मामला हो, बैंकिंग संस्था की देनदारियां, योजना में दिए गए प्रावधानों के अनुसार और सीमा तक, उस निगम या निगमों को हस्तांतरित हो जाएंगी और उनकी देनदारियां बन जाएंगी।
12 [ स्पष्टीकरण 1]. इस खंड में, बैंकिंग संस्था का अर्थ बैंकिंग कंपनी है और इसमें भारतीय स्टेट बैंक या सहायक बैंक शामिल है।
13 [ स्पष्टीकरण II].-- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, संगत नए बैंक अभिव्यक्ति में बैंकिंग कंपनी (अधिग्रहण एवं उपक्रमों का हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5) के अर्थ में संगत नया बैंक शामिल होगा।]
14 [(6)] इस अधिनियम के अधीन केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई प्रत्येक योजना, बनने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखी जाएगी, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन योजना में कोई संशोधन करने पर सहमत हों या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि योजना नहीं बनाई जानी चाहिए, तो योजना इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगी या अप्रभावी होगी, जैसा भी मामला हो; हालांकि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस योजना के तहत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
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