BC Act 18Aअध्याय V · Miscellaneous
धारा 18A · कुछ मामलों में बोर्ड का अधिष्ठापन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [18ए. कुछ मामलों में निदेशक मंडल का अधिक्रमण। --(1) जहाँ केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक की अनुशंसा पर, संतुष्ट हो कि जनहित में या किसी समवर्ती नए बैंक के कार्यों को जमाकर्ताओं या समवर्ती नए बैंक के हितों के प्रतिकूल तरीके से संचालित होने से रोकने के लिए या किसी समवर्ती नए बैंक के उचित प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है, तो केंद्र सरकार, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के साथ, आदेश द्वारा, ऐसे समवर्ती नए बैंक के निदेशक मंडल को अधिकतम छह माह की अवधि के लिए, जैसा कि आदेश में निर्दिष्ट किया जा सकता है, अधिक्रमित कर सकती है:
बशर्ते कि निदेशक मंडल के अधिक्रमण की अवधि को समय-समय पर बढ़ाया जा सकता है, लेकिन कुल अवधि बारह महीने से अधिक नहीं होगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन संबंधित नए बैंक के निदेशक मंडल को निरस्त करने पर केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक से परामर्श करके, ऐसी अवधि के लिए, जैसा वह निर्धारित करे, एक प्रशासक (जो केंद्र सरकार या राज्य सरकार का अधिकारी न हो) नियुक्त कर सकती है, जिसे विधि, वित्त, बैंकिंग, अर्थशास्त्र या लेखांकन का अनुभव हो।
(3) केंद्र सरकार प्रशासक को ऐसे निर्देश जारी कर सकती है जिन्हें वह उचित समझे तथा प्रशासक ऐसे निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा।
(4) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, संबंधित नए बैंक के निदेशक मंडल को निरस्त करने का आदेश देने पर,--
(क) अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और अन्य निदेशक, पदच्युत होने की तिथि से अपने पद खाली कर देंगे;
(ख) वे सभी शक्तियां, कार्य और कर्तव्य जो इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत, ऐसे समरूप नए बैंक के निदेशक मंडल द्वारा या उसकी ओर से, या ऐसे समरूप नए बैंक की आम बैठक में पारित प्रस्ताव द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जा सकते हैं, जब तक कि ऐसे समरूप नए बैंक के निदेशक मंडल का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक उप-धारा (2) के तहत केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएंगे।
बशर्ते कि प्रशासक द्वारा प्रयोग की गई शक्ति वैध होगी, भले ही ऐसी शक्ति संबंधित नए बैंक की आम बैठक में पारित प्रस्ताव द्वारा प्रयोग की जा सकती हो।
(5) केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक के परामर्श से, तीन या दो से अधिक व्यक्तियों की एक समिति गठित कर सकती है, जिन्हें कानून, वित्त, बैंकिंग, अर्थशास्त्र या लेखांकन में अनुभव हो, ताकि प्रशासक को उसके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता मिल सके।
(6) समिति ऐसे समय और स्थानों पर बैठक करेगी तथा ऐसी कार्य-प्रणालियों का पालन करेगी जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया जाए।
(7) केंद्र सरकार द्वारा उपधारा (5) के तहत गठित समिति के प्रशासक और सदस्यों को देय वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किए जाएँगे और संबंधित पत्राचार नए बैंक द्वारा देय होंगे।
(8) उपधारा (1) के तहत जारी आदेश में निर्दिष्ट निदेशक मंडल के अधिक्रमण की अवधि की समाप्ति से दो माह पहले, संबंधित नए बैंक का प्रशासक, नए निदेशकों का चुनाव करने और उसके निदेशक मंडल का पुनर्गठन करने के लिए संबंधित नए बैंक की आम बैठक बुलाएगा।
(9) किसी अन्य कानून या किसी अनुबंध, ज्ञापन या संघ के लेखों में निहित किसी भी बात के बावजूद, कोई भी व्यक्ति अपने पद की हानि या समाप्ति के लिए किसी मुआवजे का दावा करने का हकदार नहीं होगा।
(10) उपधारा (2) के अधीन नियुक्त प्रशासक संबंधित नए बैंक के निदेशक मंडल के पुनर्गठन के तुरंत बाद अपना पद छोड़ देगा।]
बशर्ते कि निदेशक मंडल के अधिक्रमण की अवधि को समय-समय पर बढ़ाया जा सकता है, लेकिन कुल अवधि बारह महीने से अधिक नहीं होगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन संबंधित नए बैंक के निदेशक मंडल को निरस्त करने पर केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक से परामर्श करके, ऐसी अवधि के लिए, जैसा वह निर्धारित करे, एक प्रशासक (जो केंद्र सरकार या राज्य सरकार का अधिकारी न हो) नियुक्त कर सकती है, जिसे विधि, वित्त, बैंकिंग, अर्थशास्त्र या लेखांकन का अनुभव हो।
(3) केंद्र सरकार प्रशासक को ऐसे निर्देश जारी कर सकती है जिन्हें वह उचित समझे तथा प्रशासक ऐसे निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा।
(4) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, संबंधित नए बैंक के निदेशक मंडल को निरस्त करने का आदेश देने पर,--
(क) अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और अन्य निदेशक, पदच्युत होने की तिथि से अपने पद खाली कर देंगे;
(ख) वे सभी शक्तियां, कार्य और कर्तव्य जो इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत, ऐसे समरूप नए बैंक के निदेशक मंडल द्वारा या उसकी ओर से, या ऐसे समरूप नए बैंक की आम बैठक में पारित प्रस्ताव द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जा सकते हैं, जब तक कि ऐसे समरूप नए बैंक के निदेशक मंडल का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक उप-धारा (2) के तहत केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएंगे।
बशर्ते कि प्रशासक द्वारा प्रयोग की गई शक्ति वैध होगी, भले ही ऐसी शक्ति संबंधित नए बैंक की आम बैठक में पारित प्रस्ताव द्वारा प्रयोग की जा सकती हो।
(5) केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक के परामर्श से, तीन या दो से अधिक व्यक्तियों की एक समिति गठित कर सकती है, जिन्हें कानून, वित्त, बैंकिंग, अर्थशास्त्र या लेखांकन में अनुभव हो, ताकि प्रशासक को उसके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता मिल सके।
(6) समिति ऐसे समय और स्थानों पर बैठक करेगी तथा ऐसी कार्य-प्रणालियों का पालन करेगी जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया जाए।
(7) केंद्र सरकार द्वारा उपधारा (5) के तहत गठित समिति के प्रशासक और सदस्यों को देय वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किए जाएँगे और संबंधित पत्राचार नए बैंक द्वारा देय होंगे।
(8) उपधारा (1) के तहत जारी आदेश में निर्दिष्ट निदेशक मंडल के अधिक्रमण की अवधि की समाप्ति से दो माह पहले, संबंधित नए बैंक का प्रशासक, नए निदेशकों का चुनाव करने और उसके निदेशक मंडल का पुनर्गठन करने के लिए संबंधित नए बैंक की आम बैठक बुलाएगा।
(9) किसी अन्य कानून या किसी अनुबंध, ज्ञापन या संघ के लेखों में निहित किसी भी बात के बावजूद, कोई भी व्यक्ति अपने पद की हानि या समाप्ति के लिए किसी मुआवजे का दावा करने का हकदार नहीं होगा।
(10) उपधारा (2) के अधीन नियुक्त प्रशासक संबंधित नए बैंक के निदेशक मंडल के पुनर्गठन के तुरंत बाद अपना पद छोड़ देगा।]
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