BC Act 12अध्याय V · Miscellaneous
धारा 12 · अध्यक्ष आदि के पद का अवकाश।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले किसी मौजूदा बैंक के अध्यक्ष के रूप में पद धारण करने वाला प्रत्येक व्यक्ति, यदि वह संबंधित नए बैंक का संरक्षक बन जाता है, तो ऐसे प्रारंभ होने पर उसे अध्यक्ष पद से मुक्त माना जाएगा।
(2) उपधारा (1) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, किसी मौजूदा बैंक का प्रत्येक अधिकारी या अन्य कर्मचारी, इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर, संबंधित नए बैंक का अधिकारी या अन्य कर्मचारी बन जाएगा और उस बैंक में उसी शर्तों और नियमों के साथ तथा पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य मामलों के समान अधिकारों के साथ अपना पद या सेवा धारण करेगा, जैसा कि उसे तब प्राप्त होता जब मौजूदा बैंक का उपक्रम संबंधित नए बैंक को हस्तांतरित और निहित नहीं किया गया होता, और ऐसा तब तक जारी रहेगा जब तक संबंधित नए बैंक में उसका रोजगार समाप्त नहीं हो जाता या संबंधित नए बैंक द्वारा उसके पारिश्रमिक, शर्तों या नियमों में विधिवत परिवर्तन नहीं किया जाता।
(3) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले, किसी मौजूदा बैंक के अधिकारियों या अन्य कर्मचारियों के लिए गठित किसी पेंशन, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी या इसी तरह के अन्य कोष के न्यासी रहे व्यक्तियों के स्थान पर, केंद्र सरकार द्वारा सामान्य या विशेष आदेश द्वारा निर्दिष्ट व्यक्तियों को न्यासी के रूप में प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(4) औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947) या उस समय लागू किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी की सेवाओं का किसी मौजूदा बैंक से किसी संबंधित नए बैंक में स्थानांतरण ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी को इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी मुआवजे का हकदार नहीं बनाएगा और ऐसा कोई दावा किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
(2) उपधारा (1) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, किसी मौजूदा बैंक का प्रत्येक अधिकारी या अन्य कर्मचारी, इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर, संबंधित नए बैंक का अधिकारी या अन्य कर्मचारी बन जाएगा और उस बैंक में उसी शर्तों और नियमों के साथ तथा पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य मामलों के समान अधिकारों के साथ अपना पद या सेवा धारण करेगा, जैसा कि उसे तब प्राप्त होता जब मौजूदा बैंक का उपक्रम संबंधित नए बैंक को हस्तांतरित और निहित नहीं किया गया होता, और ऐसा तब तक जारी रहेगा जब तक संबंधित नए बैंक में उसका रोजगार समाप्त नहीं हो जाता या संबंधित नए बैंक द्वारा उसके पारिश्रमिक, शर्तों या नियमों में विधिवत परिवर्तन नहीं किया जाता।
(3) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले, किसी मौजूदा बैंक के अधिकारियों या अन्य कर्मचारियों के लिए गठित किसी पेंशन, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी या इसी तरह के अन्य कोष के न्यासी रहे व्यक्तियों के स्थान पर, केंद्र सरकार द्वारा सामान्य या विशेष आदेश द्वारा निर्दिष्ट व्यक्तियों को न्यासी के रूप में प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(4) औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947) या उस समय लागू किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी की सेवाओं का किसी मौजूदा बैंक से किसी संबंधित नए बैंक में स्थानांतरण ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी को इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत किसी मुआवजे का हकदार नहीं बनाएगा और ऐसा कोई दावा किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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