The Warehousing (Development and Regulation) Act, 2007 43अध्याय X · Offences and Penalties
धारा 43 · अपराध और दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी गोदाम मालिक जानबूझकर अपने गोदाम में माल की वास्तविक भौतिक डिलीवरी लिए बिना परक्राम्य गोदाम रसीद जारी करता है, या कोई गोदाम मालिक या गोदाम मालिक का एजेंट या सेवक, जो यह सुनिश्चित किए बिना गोदाम रसीद जारी करता है कि जिस माल के लिए ऐसी गोदाम रसीद जारी की गई है, वह वास्तव में प्राप्त हो गया है, या माल की संख्या, वजन या श्रेणी गोदाम रसीद में निर्दिष्ट संख्या, वजन या श्रेणी के अनुरूप है, या ऐसी गोदाम रसीद जारी करते समय माल उसके वास्तविक नियंत्रण में है, वह अपराध करता है और उसे तीन वर्ष तक के कारावास या माल के मूल्य के चार गुना तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(2) कोई गोदाम मालिक या गोदाम मालिक का एजेंट या सेवक, जो जानबूझकर डुप्लिकेट गोदाम रसीद जारी करने की प्रक्रिया का पर्याप्त रूप से पालन किए बिना डुप्लिकेट परक्राम्य गोदाम रसीद जारी करता है, अपराध करता है और ऐसे अपराध के लिए उसे तीन वर्ष तक के कारावास या एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) कोई गोदाम मालिक या गोदाम मालिक का एजेंट या सेवक, जो यह जानते हुए कि ऐसे माल के संबंध में परक्राम्य गोदाम रसीद बकाया है और रद्द नहीं की गई है, ऐसी परक्राम्य गोदाम रसीद को प्राप्त किए बिना माल की सुपुर्दगी करता है और इस प्रकार किसी व्यक्ति को गैरकानूनी हानि या लाभ पहुंचाता है, तो वह अपराध करता है और ऐसे अपराध के लिए उसे तीन वर्ष तक के कारावास या एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) कोई गोदाम मालिक, यदि जमाकर्ता या पृष्ठांकित व्यक्ति द्वारा परक्राम्य गोदाम रसीद प्रस्तुत करने और उसके सभी वैध शुल्कों का भुगतान करने तथा रसीद पर पृष्ठांकित भारों को रद्द करने के बाद, उसमें उल्लिखित माल की घोषित शेल्फ अवधि के भीतर रसीद द्वारा दर्शाए गए माल की डिलीवरी करने में विफल रहता है, तो वह अपराध करता है और ऐसे अपराध के लिए उसे तीन वर्ष तक के कारावास या माल के मूल्य के तीन गुना तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(5) कोई भी जमाकर्ता, जो गोदाम मालिक के पास भंडारण के लिए अपने द्वारा दी गई वस्तुओं के मूल्य के रूप में ऐसी राशि घोषित करता है जिसे वह उचित मूल्य नहीं मानता है, अपराध करता है और ऐसे अपराध के लिए उसे एक लाख रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(2) कोई गोदाम मालिक या गोदाम मालिक का एजेंट या सेवक, जो जानबूझकर डुप्लिकेट गोदाम रसीद जारी करने की प्रक्रिया का पर्याप्त रूप से पालन किए बिना डुप्लिकेट परक्राम्य गोदाम रसीद जारी करता है, अपराध करता है और ऐसे अपराध के लिए उसे तीन वर्ष तक के कारावास या एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) कोई गोदाम मालिक या गोदाम मालिक का एजेंट या सेवक, जो यह जानते हुए कि ऐसे माल के संबंध में परक्राम्य गोदाम रसीद बकाया है और रद्द नहीं की गई है, ऐसी परक्राम्य गोदाम रसीद को प्राप्त किए बिना माल की सुपुर्दगी करता है और इस प्रकार किसी व्यक्ति को गैरकानूनी हानि या लाभ पहुंचाता है, तो वह अपराध करता है और ऐसे अपराध के लिए उसे तीन वर्ष तक के कारावास या एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) कोई गोदाम मालिक, यदि जमाकर्ता या पृष्ठांकित व्यक्ति द्वारा परक्राम्य गोदाम रसीद प्रस्तुत करने और उसके सभी वैध शुल्कों का भुगतान करने तथा रसीद पर पृष्ठांकित भारों को रद्द करने के बाद, उसमें उल्लिखित माल की घोषित शेल्फ अवधि के भीतर रसीद द्वारा दर्शाए गए माल की डिलीवरी करने में विफल रहता है, तो वह अपराध करता है और ऐसे अपराध के लिए उसे तीन वर्ष तक के कारावास या माल के मूल्य के तीन गुना तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(5) कोई भी जमाकर्ता, जो गोदाम मालिक के पास भंडारण के लिए अपने द्वारा दी गई वस्तुओं के मूल्य के रूप में ऐसी राशि घोषित करता है जिसे वह उचित मूल्य नहीं मानता है, अपराध करता है और ऐसे अपराध के लिए उसे एक लाख रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- ₹1,00,000
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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