The Warehousing (Development and Regulation) Act, 2007 38अध्याय VII · Finance, Accounts and Audit
धारा 38 · लेखा एवं लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्राधिकरण उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगा तथा केंद्र सरकार द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से निर्धारित प्रारूप एवं तरीके से वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेगा।
(2) प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और प्राधिकरण के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से उन्हें लेखा-पुस्तकों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और प्राधिकरण के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) प्राधिकरण के खाते, जैसा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो, लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे और वह सरकार उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
(2) प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और प्राधिकरण के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से उन्हें लेखा-पुस्तकों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और प्राधिकरण के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) प्राधिकरण के खाते, जैसा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो, लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे और वह सरकार उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
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