GIG Act 67अध्याय IX · Miscellaneous
धारा 67 · कॉपीराइट उल्लंघन या धोखाधड़ी के मुकदमे में राहत।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 66 में निर्दिष्ट उल्लंघन या पासिंग ऑफ के किसी मुकदमे में न्यायालय द्वारा दी जाने वाली राहत में निषेधाज्ञा (यदि न्यायालय उचित समझे तो ऐसी शर्तों के अधीन) और वादी के विकल्प पर, उल्लंघनकारी लेबल और संकेतों को नष्ट करने या मिटाने के लिए सौंपने के आदेश के साथ या उसके बिना, क्षतिपूर्ति या लाभ का हिसाब शामिल है।
(2) उपधारा (1) के तहत निषेधाज्ञा आदेश में निम्नलिखित में से किसी भी मामले के लिए एकतरफा निषेधाज्ञा या कोई अंतरिम आदेश शामिल हो सकता है, अर्थात्:--
(क) दस्तावेजों की खोज के लिए;
(ख) मुकदमे के विषय से संबंधित उल्लंघनकारी वस्तुओं, दस्तावेजों या अन्य साक्ष्यों का संरक्षण;
(ग) प्रतिवादी को अपनी संपत्ति का निपटान करने या उससे निपटने से रोकना, जिससे वादी की क्षतिपूर्ति, लागत या अन्य मौद्रिक उपचार प्राप्त करने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जो अंततः वादी को प्रदान किए जा सकते हैं।
(3) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी न्यायालय किसी भी मामले में लाभ के मद में क्षतिपूर्ति (नाममात्र क्षतिपूर्ति के अतिरिक्त) के रूप में राहत प्रदान नहीं करेगा--
(क) जहां उल्लंघन के मुकदमे में प्रतिवादी न्यायालय को संतुष्ट कर दे--
(i) कि जिस समय उसने मुकदमे में उल्लिखित भौगोलिक संकेत का उपयोग करना शुरू किया, उस समय वह इस बात से अनभिज्ञ था और उसके पास यह मानने का कोई उचित कारण नहीं था कि वादी का भौगोलिक संकेत रजिस्टर में दर्ज है; और
(ii) कि जब उसे भौगोलिक संकेत में वादी के अधिकार के अस्तित्व और प्रकृति के बारे में पता चला, तो उसने तुरंत उस वस्तु के संबंध में भौगोलिक संकेत का उपयोग करना बंद कर दिया जिसके लिए वह पंजीकृत था; या
(ख) जहां किसी संचलन के मुकदमे में प्रतिवादी न्यायालय को संतुष्ट कर दे--
(i) कि जिस समय उसने मुकदमे में उल्लिखित भौगोलिक संकेत का उपयोग करना शुरू किया, उस समय वह इस बात से अनभिज्ञ था और उसके पास यह मानने का कोई उचित कारण नहीं था कि वादी से संबंधित भौगोलिक संकेत उपयोग में था; और
(ii) कि जब उन्हें वादी से संबंधित भौगोलिक संकेत के अस्तित्व और प्रकृति के बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत शिकायत किए गए भौगोलिक संकेत का उपयोग बंद कर दिया।
(2) उपधारा (1) के तहत निषेधाज्ञा आदेश में निम्नलिखित में से किसी भी मामले के लिए एकतरफा निषेधाज्ञा या कोई अंतरिम आदेश शामिल हो सकता है, अर्थात्:--
(क) दस्तावेजों की खोज के लिए;
(ख) मुकदमे के विषय से संबंधित उल्लंघनकारी वस्तुओं, दस्तावेजों या अन्य साक्ष्यों का संरक्षण;
(ग) प्रतिवादी को अपनी संपत्ति का निपटान करने या उससे निपटने से रोकना, जिससे वादी की क्षतिपूर्ति, लागत या अन्य मौद्रिक उपचार प्राप्त करने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जो अंततः वादी को प्रदान किए जा सकते हैं।
(3) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी न्यायालय किसी भी मामले में लाभ के मद में क्षतिपूर्ति (नाममात्र क्षतिपूर्ति के अतिरिक्त) के रूप में राहत प्रदान नहीं करेगा--
(क) जहां उल्लंघन के मुकदमे में प्रतिवादी न्यायालय को संतुष्ट कर दे--
(i) कि जिस समय उसने मुकदमे में उल्लिखित भौगोलिक संकेत का उपयोग करना शुरू किया, उस समय वह इस बात से अनभिज्ञ था और उसके पास यह मानने का कोई उचित कारण नहीं था कि वादी का भौगोलिक संकेत रजिस्टर में दर्ज है; और
(ii) कि जब उसे भौगोलिक संकेत में वादी के अधिकार के अस्तित्व और प्रकृति के बारे में पता चला, तो उसने तुरंत उस वस्तु के संबंध में भौगोलिक संकेत का उपयोग करना बंद कर दिया जिसके लिए वह पंजीकृत था; या
(ख) जहां किसी संचलन के मुकदमे में प्रतिवादी न्यायालय को संतुष्ट कर दे--
(i) कि जिस समय उसने मुकदमे में उल्लिखित भौगोलिक संकेत का उपयोग करना शुरू किया, उस समय वह इस बात से अनभिज्ञ था और उसके पास यह मानने का कोई उचित कारण नहीं था कि वादी से संबंधित भौगोलिक संकेत उपयोग में था; और
(ii) कि जब उन्हें वादी से संबंधित भौगोलिक संकेत के अस्तित्व और प्रकृति के बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत शिकायत किए गए भौगोलिक संकेत का उपयोग बंद कर दिया।
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