GIG Act 50अध्याय VIII · Offences, Penalties and Procedure
धारा 50 · कुछ अपराधों का संज्ञान और तलाशी एवं जब्ती के लिए पुलिस अधिकारी की शक्तियां।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी न्यायालय धारा 42, धारा 43 या धारा 44 के अंतर्गत किसी अपराध का संज्ञान तब तक नहीं लेगा जब तक कि रजिस्ट्रार या उसके द्वारा लिखित रूप में अधिकृत किसी अधिकारी द्वारा लिखित शिकायत न की गई हो:
बशर्ते कि धारा 42 की उपधारा (1) के खंड (ख) के संबंध में, न्यायालय रजिस्ट्रार द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर किसी अपराध का संज्ञान लेगा, जिसमें यह कहा गया हो कि किसी पंजीकृत भौगोलिक संकेत को किसी ऐसी वस्तु के संबंध में पंजीकृत के रूप में प्रस्तुत किया गया है जिसके संबंध में वह वास्तव में पंजीकृत नहीं है।
(2) प्रथम श्रेणी के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट या न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय से निम्न कोई न्यायालय इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध का विचारण नहीं करेगा।
(3) धारा 39 या धारा 40 या धारा 41 के अंतर्गत अपराध संज्ञेय होंगे।
(4) पुलिस उप अधीक्षक या समकक्ष से कम रैंक का कोई भी पुलिस अधिकारी, यदि वह संतुष्ट हो कि उपधारा (3) में निर्दिष्ट अपराधों में से कोई अपराध किया गया है, किया जा रहा है, या किए जाने की संभावना है, तो वह बिना वारंट के अपराध करने में शामिल माल, डाई, ब्लॉक, मशीन, प्लेट, अन्य उपकरण या वस्तुओं की तलाशी और ज़ब्ती कर सकता है, चाहे वे कहीं भी पाए जाएं, और इस प्रकार ज़ब्त की गई सभी वस्तुएं यथाशीघ्र प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट या मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी, जैसा भी मामला हो।
बशर्ते कि पुलिस अधिकारी किसी भी प्रकार की तलाशी और जब्ती करने से पहले, भौगोलिक संकेत से संबंधित अपराध में शामिल तथ्यों पर रजिस्ट्रार की राय प्राप्त करेगा और प्राप्त राय का पालन करेगा।
(5) उपधारा (4) के अधीन जब्त की गई किसी वस्तु में हित रखने वाला कोई व्यक्ति, ऐसी जब्ती के पंद्रह दिनों के भीतर, प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट, जैसा भी मामला हो, को ऐसी वस्तु उसे वापस करने के लिए आवेदन कर सकता है और मजिस्ट्रेट, आवेदन और अभियोजन की सुनवाई के बाद, आवेदन पर ऐसा आदेश देगा जैसा वह उचित समझे।
बशर्ते कि धारा 42 की उपधारा (1) के खंड (ख) के संबंध में, न्यायालय रजिस्ट्रार द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर किसी अपराध का संज्ञान लेगा, जिसमें यह कहा गया हो कि किसी पंजीकृत भौगोलिक संकेत को किसी ऐसी वस्तु के संबंध में पंजीकृत के रूप में प्रस्तुत किया गया है जिसके संबंध में वह वास्तव में पंजीकृत नहीं है।
(2) प्रथम श्रेणी के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट या न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय से निम्न कोई न्यायालय इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध का विचारण नहीं करेगा।
(3) धारा 39 या धारा 40 या धारा 41 के अंतर्गत अपराध संज्ञेय होंगे।
(4) पुलिस उप अधीक्षक या समकक्ष से कम रैंक का कोई भी पुलिस अधिकारी, यदि वह संतुष्ट हो कि उपधारा (3) में निर्दिष्ट अपराधों में से कोई अपराध किया गया है, किया जा रहा है, या किए जाने की संभावना है, तो वह बिना वारंट के अपराध करने में शामिल माल, डाई, ब्लॉक, मशीन, प्लेट, अन्य उपकरण या वस्तुओं की तलाशी और ज़ब्ती कर सकता है, चाहे वे कहीं भी पाए जाएं, और इस प्रकार ज़ब्त की गई सभी वस्तुएं यथाशीघ्र प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट या मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी, जैसा भी मामला हो।
बशर्ते कि पुलिस अधिकारी किसी भी प्रकार की तलाशी और जब्ती करने से पहले, भौगोलिक संकेत से संबंधित अपराध में शामिल तथ्यों पर रजिस्ट्रार की राय प्राप्त करेगा और प्राप्त राय का पालन करेगा।
(5) उपधारा (4) के अधीन जब्त की गई किसी वस्तु में हित रखने वाला कोई व्यक्ति, ऐसी जब्ती के पंद्रह दिनों के भीतर, प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट, जैसा भी मामला हो, को ऐसी वस्तु उसे वापस करने के लिए आवेदन कर सकता है और मजिस्ट्रेट, आवेदन और अभियोजन की सुनवाई के बाद, आवेदन पर ऐसा आदेश देगा जैसा वह उचित समझे।
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