GIG Act 11अध्याय III · Procedure for and Duration of Registration
धारा 11 · पंजीकरण के लिए आवेदन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) संबंधित वस्तुओं के उत्पादकों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी व्यक्ति या उत्पादक संघ या किसी भी कानून द्वारा स्थापित कोई संगठन या प्राधिकरण, जो ऐसी वस्तुओं के संबंध में भौगोलिक संकेत पंजीकृत करने के इच्छुक हैं, रजिस्ट्रार को ऐसे प्रपत्र में और ऐसे तरीके से तथा ऐसे शुल्क के साथ लिखित रूप में आवेदन करेंगे, जैसा कि भौगोलिक संकेत के पंजीकरण के लिए निर्धारित किया जा सकता है।
(2) उपधारा (1) के अंतर्गत आवेदन में निम्नलिखित बातें शामिल होंगी--
(क) एक विवरण जिसमें यह बताया गया हो कि भौगोलिक संकेत किस प्रकार माल को देश के संबंधित क्षेत्र या प्रदेश या स्थानीय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले माल के रूप में नामित करने का कार्य करता है, जिसकी विशिष्ट गुणवत्ता, प्रतिष्ठा या अन्य विशेषताएँ विशेष रूप से या अनिवार्य रूप से भौगोलिक वातावरण, उसके अंतर्निहित प्राकृतिक और मानवीय कारकों के कारण होती हैं, और जिसका उत्पादन, प्रसंस्करण या तैयारी ऐसे क्षेत्र, प्रदेश या स्थानीय क्षेत्र में होती है;
(ख) वस्तुओं का वह वर्ग जिस पर भौगोलिक संकेत लागू होगा;
(ग) उस देश या क्षेत्र या इलाके का भौगोलिक मानचित्र जिसमें माल की उत्पत्ति होती है या उसका निर्माण किया जा रहा है;
(घ) भौगोलिक संकेत की उपस्थिति के संबंध में विवरण कि क्या यह शब्दों या आलंकारिक तत्वों या दोनों से मिलकर बना है;
(ई) संबंधित वस्तुओं के उत्पादकों का ऐसा विवरण, यदि कोई हो, जिसे भौगोलिक संकेत के पंजीकरण के साथ प्रारंभ में पंजीकृत करने का प्रस्ताव है, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; और
(f) ऐसे अन्य विवरण जो निर्धारित किए जा सकते हैं।
(3) विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के लिए भौगोलिक संकेत के पंजीकरण हेतु एक ही आवेदन किया जा सकता है और इसके लिए देय शुल्क प्रत्येक प्रकार की वस्तुओं के लिए होगा।
(4) उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री के उस कार्यालय में दाखिल किया जाएगा, जिसकी प्रादेशिक सीमा के भीतर देश का वह भूभाग या देश का वह क्षेत्र या इलाका स्थित है जिससे भौगोलिक संकेत संबंधित है।
बशर्ते कि यदि ऐसा क्षेत्र, प्रदेश या स्थान, जैसा भी मामला हो, भारत में स्थित नहीं है, तो आवेदन भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री के उस कार्यालय में दाखिल किया जाएगा जिसकी क्षेत्रीय सीमा के भीतर भारत में सेवाओं के लिए आवेदन में उल्लिखित पते में उल्लिखित स्थान स्थित है।
(5) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन की जांच रजिस्ट्रार द्वारा ऐसे तरीके से की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सके।
(6) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, रजिस्ट्रार आवेदन को अस्वीकार कर सकता है या उसे पूर्ण रूप से स्वीकार कर सकता है या ऐसे संशोधनों, बदलावों, शर्तों या सीमाओं के अधीन स्वीकार कर सकता है, यदि कोई हो, जैसा वह उचित समझे।
(7) आवेदन की अस्वीकृति या सशर्त स्वीकृति के मामले में, रजिस्ट्रार ऐसी अस्वीकृति या सशर्त स्वीकृति के आधार और अपने निर्णय पर पहुंचने में उसके द्वारा उपयोग की गई सामग्री को लिखित रूप में दर्ज करेगा।
(2) उपधारा (1) के अंतर्गत आवेदन में निम्नलिखित बातें शामिल होंगी--
(क) एक विवरण जिसमें यह बताया गया हो कि भौगोलिक संकेत किस प्रकार माल को देश के संबंधित क्षेत्र या प्रदेश या स्थानीय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले माल के रूप में नामित करने का कार्य करता है, जिसकी विशिष्ट गुणवत्ता, प्रतिष्ठा या अन्य विशेषताएँ विशेष रूप से या अनिवार्य रूप से भौगोलिक वातावरण, उसके अंतर्निहित प्राकृतिक और मानवीय कारकों के कारण होती हैं, और जिसका उत्पादन, प्रसंस्करण या तैयारी ऐसे क्षेत्र, प्रदेश या स्थानीय क्षेत्र में होती है;
(ख) वस्तुओं का वह वर्ग जिस पर भौगोलिक संकेत लागू होगा;
(ग) उस देश या क्षेत्र या इलाके का भौगोलिक मानचित्र जिसमें माल की उत्पत्ति होती है या उसका निर्माण किया जा रहा है;
(घ) भौगोलिक संकेत की उपस्थिति के संबंध में विवरण कि क्या यह शब्दों या आलंकारिक तत्वों या दोनों से मिलकर बना है;
(ई) संबंधित वस्तुओं के उत्पादकों का ऐसा विवरण, यदि कोई हो, जिसे भौगोलिक संकेत के पंजीकरण के साथ प्रारंभ में पंजीकृत करने का प्रस्ताव है, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; और
(f) ऐसे अन्य विवरण जो निर्धारित किए जा सकते हैं।
(3) विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के लिए भौगोलिक संकेत के पंजीकरण हेतु एक ही आवेदन किया जा सकता है और इसके लिए देय शुल्क प्रत्येक प्रकार की वस्तुओं के लिए होगा।
(4) उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री के उस कार्यालय में दाखिल किया जाएगा, जिसकी प्रादेशिक सीमा के भीतर देश का वह भूभाग या देश का वह क्षेत्र या इलाका स्थित है जिससे भौगोलिक संकेत संबंधित है।
बशर्ते कि यदि ऐसा क्षेत्र, प्रदेश या स्थान, जैसा भी मामला हो, भारत में स्थित नहीं है, तो आवेदन भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री के उस कार्यालय में दाखिल किया जाएगा जिसकी क्षेत्रीय सीमा के भीतर भारत में सेवाओं के लिए आवेदन में उल्लिखित पते में उल्लिखित स्थान स्थित है।
(5) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन की जांच रजिस्ट्रार द्वारा ऐसे तरीके से की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सके।
(6) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, रजिस्ट्रार आवेदन को अस्वीकार कर सकता है या उसे पूर्ण रूप से स्वीकार कर सकता है या ऐसे संशोधनों, बदलावों, शर्तों या सीमाओं के अधीन स्वीकार कर सकता है, यदि कोई हो, जैसा वह उचित समझे।
(7) आवेदन की अस्वीकृति या सशर्त स्वीकृति के मामले में, रजिस्ट्रार ऐसी अस्वीकृति या सशर्त स्वीकृति के आधार और अपने निर्णय पर पहुंचने में उसके द्वारा उपयोग की गई सामग्री को लिखित रूप में दर्ज करेगा।
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