RTI Act 7अध्याय II · Right to Information and Obligations of Public Authorities
धारा 7 · अनुरोध का निपटान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 5 की उपधारा (2) के परंतुक या धारा 6 की उपधारा (3) के परंतुक के अधीन रहते हुए, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, धारा 6 के अधीन अनुरोध प्राप्त होने पर यथाशीघ्र, और किसी भी मामले में अनुरोध प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर, या तो निर्धारित शुल्क के भुगतान पर सूचना प्रदान करेगा या धारा 8 और 9 में निर्दिष्ट किसी भी कारण से अनुरोध को अस्वीकार करेगा:
बशर्ते कि यदि मांगी गई जानकारी किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित है, तो वह अनुरोध प्राप्त होने के अड़तालीस घंटों के भीतर प्रदान की जाएगी।
(2) यदि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, उपधारा (1) के अधीन निर्दिष्ट अवधि के भीतर सूचना के अनुरोध पर निर्णय देने में विफल रहता है, तो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, को अनुरोध अस्वीकार किया हुआ माना जाएगा।
(3) यदि सूचना उपलब्ध कराने की लागत के बराबर अतिरिक्त शुल्क के भुगतान पर सूचना उपलब्ध कराने का निर्णय लिया जाता है, तो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, अनुरोध करने वाले व्यक्ति को एक सूचना भेजेगा, जिसमें निम्नलिखित जानकारी दी जाएगी:
(क) सूचना प्रदान करने की लागत का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त शुल्कों का विवरण, जैसा कि उसके द्वारा निर्धारित किया गया है, साथ ही उप-धारा (1) के तहत निर्धारित शुल्क के अनुसार राशि तक पहुंचने के लिए की गई गणना, उसे उस शुल्क को जमा करने का अनुरोध करना, और उक्त सूचना के प्रेषण और शुल्क के भुगतान के बीच की अवधि को उस उप-धारा में निर्दिष्ट तीस दिनों की अवधि की गणना के उद्देश्य से बाहर रखा जाएगा;
(ख) शुल्क की राशि या प्रदान की गई पहुँच के स्वरूप के संबंध में निर्णय की समीक्षा करने के उसके अधिकार के बारे में जानकारी, जिसमें अपीलीय प्राधिकारी का विवरण, समय सीमा, प्रक्रिया और कोई अन्य प्रपत्र शामिल हैं।
(4) जहां इस अधिनियम के तहत अभिलेख या उसके किसी भाग तक पहुंच प्रदान करना आवश्यक है और जिस व्यक्ति को पहुंच प्रदान की जानी है वह संवेदी रूप से अक्षम है, तो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, सूचना तक पहुंच को सक्षम बनाने के लिए सहायता प्रदान करेगा, जिसमें निरीक्षण के लिए उपयुक्त सहायता प्रदान करना भी शामिल है।
(5) जहां सूचना मुद्रित या किसी इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में उपलब्ध कराई जानी हो, वहां आवेदक उपधारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, निर्धारित शुल्क का भुगतान करेगा:
बशर्ते कि धारा 6 की उपधारा (1) और धारा 7 की उपधारा (1) और (5) के तहत निर्धारित शुल्क उचित होगा और ऐसे किसी भी व्यक्ति से ऐसा शुल्क नहीं लिया जाएगा जो उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा से नीचे हो।
(6) उपधारा (5) में किसी बात के होते हुए भी, सूचना का अनुरोध करने वाले व्यक्ति को सूचना नि:शुल्क प्रदान की जाएगी, यदि कोई सार्वजनिक प्राधिकरण उपधारा (1) में निर्दिष्ट समय सीमा का पालन करने में विफल रहता है।
(7) उपधारा (1) के तहत कोई निर्णय लेने से पहले, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, धारा 11 के तहत किसी तीसरे पक्ष द्वारा किए गए अभ्यावेदन पर विचार करेगा।
(8) जहां उपधारा (1) के तहत किसी अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया हो, वहां केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, अनुरोध करने वाले व्यक्ति को सूचित करेगा,--
(i) इस अस्वीकृति के कारण;
(ii) वह अवधि जिसके भीतर ऐसी अस्वीकृति के विरुद्ध अपील की जा सकती है; और
(iii) अपीलीय प्राधिकारी का विवरण।
(9) सूचना सामान्यतः उसी रूप में प्रदान की जाएगी जिस रूप में उसे मांगा गया है, जब तक कि इससे सार्वजनिक प्राधिकरण के संसाधनों का अनुपातहीन रूप से अपवर्तन न हो या प्रश्नगत अभिलेख की सुरक्षा या संरक्षण के लिए हानिकारक न हो।
बशर्ते कि यदि मांगी गई जानकारी किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित है, तो वह अनुरोध प्राप्त होने के अड़तालीस घंटों के भीतर प्रदान की जाएगी।
(2) यदि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, उपधारा (1) के अधीन निर्दिष्ट अवधि के भीतर सूचना के अनुरोध पर निर्णय देने में विफल रहता है, तो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, को अनुरोध अस्वीकार किया हुआ माना जाएगा।
(3) यदि सूचना उपलब्ध कराने की लागत के बराबर अतिरिक्त शुल्क के भुगतान पर सूचना उपलब्ध कराने का निर्णय लिया जाता है, तो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, अनुरोध करने वाले व्यक्ति को एक सूचना भेजेगा, जिसमें निम्नलिखित जानकारी दी जाएगी:
(क) सूचना प्रदान करने की लागत का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त शुल्कों का विवरण, जैसा कि उसके द्वारा निर्धारित किया गया है, साथ ही उप-धारा (1) के तहत निर्धारित शुल्क के अनुसार राशि तक पहुंचने के लिए की गई गणना, उसे उस शुल्क को जमा करने का अनुरोध करना, और उक्त सूचना के प्रेषण और शुल्क के भुगतान के बीच की अवधि को उस उप-धारा में निर्दिष्ट तीस दिनों की अवधि की गणना के उद्देश्य से बाहर रखा जाएगा;
(ख) शुल्क की राशि या प्रदान की गई पहुँच के स्वरूप के संबंध में निर्णय की समीक्षा करने के उसके अधिकार के बारे में जानकारी, जिसमें अपीलीय प्राधिकारी का विवरण, समय सीमा, प्रक्रिया और कोई अन्य प्रपत्र शामिल हैं।
(4) जहां इस अधिनियम के तहत अभिलेख या उसके किसी भाग तक पहुंच प्रदान करना आवश्यक है और जिस व्यक्ति को पहुंच प्रदान की जानी है वह संवेदी रूप से अक्षम है, तो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, सूचना तक पहुंच को सक्षम बनाने के लिए सहायता प्रदान करेगा, जिसमें निरीक्षण के लिए उपयुक्त सहायता प्रदान करना भी शामिल है।
(5) जहां सूचना मुद्रित या किसी इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में उपलब्ध कराई जानी हो, वहां आवेदक उपधारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, निर्धारित शुल्क का भुगतान करेगा:
बशर्ते कि धारा 6 की उपधारा (1) और धारा 7 की उपधारा (1) और (5) के तहत निर्धारित शुल्क उचित होगा और ऐसे किसी भी व्यक्ति से ऐसा शुल्क नहीं लिया जाएगा जो उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा से नीचे हो।
(6) उपधारा (5) में किसी बात के होते हुए भी, सूचना का अनुरोध करने वाले व्यक्ति को सूचना नि:शुल्क प्रदान की जाएगी, यदि कोई सार्वजनिक प्राधिकरण उपधारा (1) में निर्दिष्ट समय सीमा का पालन करने में विफल रहता है।
(7) उपधारा (1) के तहत कोई निर्णय लेने से पहले, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, धारा 11 के तहत किसी तीसरे पक्ष द्वारा किए गए अभ्यावेदन पर विचार करेगा।
(8) जहां उपधारा (1) के तहत किसी अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया हो, वहां केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, अनुरोध करने वाले व्यक्ति को सूचित करेगा,--
(i) इस अस्वीकृति के कारण;
(ii) वह अवधि जिसके भीतर ऐसी अस्वीकृति के विरुद्ध अपील की जा सकती है; और
(iii) अपीलीय प्राधिकारी का विवरण।
(9) सूचना सामान्यतः उसी रूप में प्रदान की जाएगी जिस रूप में उसे मांगा गया है, जब तक कि इससे सार्वजनिक प्राधिकरण के संसाधनों का अनुपातहीन रूप से अपवर्तन न हो या प्रश्नगत अभिलेख की सुरक्षा या संरक्षण के लिए हानिकारक न हो।
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