RTI Act 5अध्याय II · Right to Information and Obligations of Public Authorities
धारा 5 · सार्वजनिक सूचना अधिकारियों का पदनाम।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण, इस अधिनियम के लागू होने के एक सौ दिनों के भीतर, अपने अधीन सभी प्रशासनिक इकाइयों या कार्यालयों में उतने अधिकारियों को केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी के रूप में नामित करेगा, जितने इस अधिनियम के तहत सूचना का अनुरोध करने वाले व्यक्तियों को सूचना प्रदान करने के लिए आवश्यक हों।
(2) उपधारा (1) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्रत्येक लोक प्राधिकरण इस अधिनियम के लागू होने के एक सौ दिनों के भीतर प्रत्येक उप-मंडल स्तर या अन्य उप-जिला स्तर पर एक अधिकारी को केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी के रूप में नामित करेगा, जैसा भी मामला हो, जो इस अधिनियम के तहत सूचना या अपील के लिए आवेदन प्राप्त करेगा और उन्हें तत्काल केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी या धारा 19 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट वरिष्ठ अधिकारी या केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को अग्रेषित करेगा, जैसा भी मामला हो।
बशर्ते कि जहां सूचना या अपील के लिए आवेदन केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी को दिया जाता है, जैसा भी मामला हो, धारा 7 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट प्रतिक्रिया की अवधि की गणना में पांच दिन की अवधि जोड़ी जाएगी।
(3) प्रत्येक केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, सूचना चाहने वाले व्यक्तियों के अनुरोधों से निपटेगा तथा ऐसी सूचना चाहने वाले व्यक्तियों को उचित सहायता प्रदान करेगा।
(4) केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, अपने कर्तव्यों के उचित निर्वहन के लिए आवश्यक समझे जाने वाले किसी अन्य अधिकारी की सहायता ले सकता है।
(5) कोई भी अधिकारी, जिसकी सहायता उप-धारा (4) के अधीन मांगी गई है, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, को सहायता प्रदान करेगा, जो उसकी सहायता मांग रहा हो, और इस अधिनियम के प्रावधानों के किसी भी उल्लंघन के प्रयोजनों के लिए, ऐसे अन्य अधिकारी को केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, माना जाएगा।
(2) उपधारा (1) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्रत्येक लोक प्राधिकरण इस अधिनियम के लागू होने के एक सौ दिनों के भीतर प्रत्येक उप-मंडल स्तर या अन्य उप-जिला स्तर पर एक अधिकारी को केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी के रूप में नामित करेगा, जैसा भी मामला हो, जो इस अधिनियम के तहत सूचना या अपील के लिए आवेदन प्राप्त करेगा और उन्हें तत्काल केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी या धारा 19 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट वरिष्ठ अधिकारी या केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को अग्रेषित करेगा, जैसा भी मामला हो।
बशर्ते कि जहां सूचना या अपील के लिए आवेदन केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी को दिया जाता है, जैसा भी मामला हो, धारा 7 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट प्रतिक्रिया की अवधि की गणना में पांच दिन की अवधि जोड़ी जाएगी।
(3) प्रत्येक केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, सूचना चाहने वाले व्यक्तियों के अनुरोधों से निपटेगा तथा ऐसी सूचना चाहने वाले व्यक्तियों को उचित सहायता प्रदान करेगा।
(4) केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, अपने कर्तव्यों के उचित निर्वहन के लिए आवश्यक समझे जाने वाले किसी अन्य अधिकारी की सहायता ले सकता है।
(5) कोई भी अधिकारी, जिसकी सहायता उप-धारा (4) के अधीन मांगी गई है, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, को सहायता प्रदान करेगा, जो उसकी सहायता मांग रहा हो, और इस अधिनियम के प्रावधानों के किसी भी उल्लंघन के प्रयोजनों के लिए, ऐसे अन्य अधिकारी को केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, माना जाएगा।
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