RTI Act 20अध्याय V · Powers and Functions of the Information Commissions, Appeal and Penalties
धारा 20 · दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग, जैसा भी मामला हो, किसी शिकायत या अपील का निर्णय करते समय यह राय रखता है कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, ने बिना किसी उचित कारण के सूचना के लिए आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया है या धारा 7 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट समय के भीतर सूचना प्रदान नहीं की है या दुर्भावनापूर्ण रूप से सूचना के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है या जानबूझकर गलत, अपूर्ण या भ्रामक सूचना दी है या अनुरोध के विषय से संबंधित सूचना को नष्ट कर दिया है या सूचना प्रदान करने में किसी भी प्रकार से बाधा डाली है, तो वह आवेदन प्राप्त होने या सूचना प्रदान किए जाने तक प्रत्येक दिन दो सौ पचास रुपये का जुर्माना लगाएगा, यद्यपि, ऐसे जुर्माने की कुल राशि पच्चीस हजार रुपये से अधिक नहीं होगी।
बशर्ते कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, को किसी भी प्रकार का दंड लगाने से पहले सुनवाई का उचित अवसर दिया जाएगा:
इसके अलावा, यह साबित करने का भार कि उसने उचित और लगन से कार्य किया, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी पर होगा, जैसा भी मामला हो।
(2) यदि केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग, जैसा भी मामला हो, किसी शिकायत या अपील पर निर्णय लेते समय यह राय रखता है कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, ने बिना किसी उचित कारण के और लगातार सूचना के लिए आवेदन प्राप्त करने में विफल रहा है या धारा 7 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट समय के भीतर सूचना प्रदान नहीं की है या दुर्भावनापूर्ण रूप से सूचना के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है या जानबूझकर गलत, अपूर्ण या भ्रामक सूचना दी है या अनुरोध के विषय से संबंधित सूचना को नष्ट कर दिया है या सूचना प्रदान करने में किसी भी तरह से बाधा डाली है, तो वह केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, के विरुद्ध उसके लिए लागू सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगा।
बशर्ते कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, को किसी भी प्रकार का दंड लगाने से पहले सुनवाई का उचित अवसर दिया जाएगा:
इसके अलावा, यह साबित करने का भार कि उसने उचित और लगन से कार्य किया, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी पर होगा, जैसा भी मामला हो।
(2) यदि केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग, जैसा भी मामला हो, किसी शिकायत या अपील पर निर्णय लेते समय यह राय रखता है कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, ने बिना किसी उचित कारण के और लगातार सूचना के लिए आवेदन प्राप्त करने में विफल रहा है या धारा 7 की उपधारा (1) के तहत निर्दिष्ट समय के भीतर सूचना प्रदान नहीं की है या दुर्भावनापूर्ण रूप से सूचना के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है या जानबूझकर गलत, अपूर्ण या भ्रामक सूचना दी है या अनुरोध के विषय से संबंधित सूचना को नष्ट कर दिया है या सूचना प्रदान करने में किसी भी तरह से बाधा डाली है, तो वह केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, जैसा भी मामला हो, के विरुद्ध उसके लिए लागू सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगा।
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