RTI Act 4अध्याय II · Right to Information and Obligations of Public Authorities
धारा 4 · सार्वजनिक अधिकारियों के दायित्व।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण—
(क) अपने सभी अभिलेखों को विधिवत सूचीबद्ध और अनुक्रमित रूप में इस प्रकार बनाए रखना जिससे इस अधिनियम के तहत सूचना के अधिकार को सुगम बनाया जा सके और यह सुनिश्चित करना कि सभी अभिलेख जिन्हें कम्प्यूटरीकृत किया जा सकता है, उचित समय के भीतर और संसाधनों की उपलब्धता के अधीन, कम्प्यूटरीकृत किए जाएं और देश भर में विभिन्न प्रणालियों पर एक नेटवर्क के माध्यम से जोड़े जाएं ताकि ऐसे अभिलेखों तक पहुंच सुगम हो सके;
(ख) इस अधिनियम के लागू होने की तिथि से एक सौ बीस दिनों के भीतर प्रकाशित करना,--
(i) इसके संगठन, कार्यों और कर्तव्यों का विवरण;
(ii) इसके अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य;
(iii) निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, जिसमें पर्यवेक्षण और जवाबदेही के चैनल शामिल हैं;
(iv) इसके द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन के लिए निर्धारित मानदंड;
(v) इसके पास मौजूद या इसके नियंत्रण में रखे गए या इसके कर्मचारियों द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन के लिए उपयोग किए जाने वाले नियम, विनियम, निर्देश, नियमावली और अभिलेख;
(vi) उन दस्तावेजों की श्रेणियों का विवरण जो उसके पास या उसके नियंत्रण में हैं;
(vii) किसी भी ऐसी व्यवस्था का विवरण जो इसकी नीति के निर्माण या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों के साथ परामर्श करने या उनके प्रतिनिधित्व के लिए मौजूद है;
(viii) दो या दो से अधिक व्यक्तियों से मिलकर बने बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों का विवरण, जो इसके भाग के रूप में या इसकी सलाह के उद्देश्य से गठित किए गए हैं, और इस संबंध में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली हैं, या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त जनता के लिए सुलभ हैं;
(ix) इसके अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका;
(x) इसके प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक, जिसमें इसके विनियमों में निर्धारित मुआवजे की प्रणाली भी शामिल है;
(xi) इसकी प्रत्येक एजेंसी को आवंटित बजट, जिसमें सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्ययों और किए गए संवितरणों पर रिपोर्टों का विवरण दिया गया हो;
(xii) सब्सिडी कार्यक्रमों के निष्पादन का तरीका, जिसमें आवंटित राशि और ऐसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों का विवरण शामिल है;
(xiii) इसके द्वारा प्रदत्त रियायतों, परमिटों या प्राधिकरणों के प्राप्तकर्ताओं का विवरण;
(xiv) इलेक्ट्रॉनिक रूप में कम की गई, इसके पास उपलब्ध या इसके द्वारा रखी गई जानकारी के संबंध में विवरण;
(xv) नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं का विवरण, जिसमें सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए पुस्तकालय या वाचनालय के कार्य घंटे शामिल हैं;
(xvi) लोक सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम और अन्य विवरण;
(17) ऐसी अन्य जानकारी जो निर्धारित की जाए;
और इसके बाद इन प्रकाशनों को हर साल अपडेट किया जाए;
(ग) महत्वपूर्ण नीतियां बनाते समय या जनता को प्रभावित करने वाले निर्णयों की घोषणा करते समय सभी प्रासंगिक तथ्यों को प्रकाशित करना;
(घ) प्रभावित व्यक्तियों को अपने प्रशासनिक या अर्ध-न्यायिक निर्णयों के कारण बताना।
(2) प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण का यह निरंतर प्रयास होगा कि वह उपधारा (1) के खंड (ख ) की आवश्यकताओं के अनुसार कदम उठाए ताकि नियमित अंतराल पर विभिन्न संचार माध्यमों, जिनमें इंटरनेट भी शामिल है, के माध्यम से जनता को स्वतः ही अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके, जिससे जनता को सूचना प्राप्त करने के लिए इस अधिनियम का उपयोग कम से कम करना पड़े।
(3) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, प्रत्येक सूचना व्यापक रूप से और ऐसे रूप और तरीके से प्रसारित की जाएगी जो जनता के लिए आसानी से सुलभ हो।
(4) सभी सामग्री का प्रसार लागत-प्रभावशीलता, स्थानीय भाषा और उस स्थानीय क्षेत्र में संचार के सबसे प्रभावी तरीके को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा और सूचना यथासंभव आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए, जो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी के पास इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में निःशुल्क या माध्यम की लागत या मुद्रण लागत मूल्य पर उपलब्ध हो, जैसा भी मामला हो।
स्पष्टीकरण .--उपधारा (3) और (4) के प्रयोजनों के लिए, "प्रसारित" का अर्थ है सूचना बोर्डों, समाचार पत्रों, सार्वजनिक घोषणाओं, मीडिया प्रसारणों, इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम से जनता को सूचना ज्ञात कराना या संप्रेषित करना, जिसमें किसी सार्वजनिक प्राधिकरण के कार्यालयों का निरीक्षण भी शामिल है।
(क) अपने सभी अभिलेखों को विधिवत सूचीबद्ध और अनुक्रमित रूप में इस प्रकार बनाए रखना जिससे इस अधिनियम के तहत सूचना के अधिकार को सुगम बनाया जा सके और यह सुनिश्चित करना कि सभी अभिलेख जिन्हें कम्प्यूटरीकृत किया जा सकता है, उचित समय के भीतर और संसाधनों की उपलब्धता के अधीन, कम्प्यूटरीकृत किए जाएं और देश भर में विभिन्न प्रणालियों पर एक नेटवर्क के माध्यम से जोड़े जाएं ताकि ऐसे अभिलेखों तक पहुंच सुगम हो सके;
(ख) इस अधिनियम के लागू होने की तिथि से एक सौ बीस दिनों के भीतर प्रकाशित करना,--
(i) इसके संगठन, कार्यों और कर्तव्यों का विवरण;
(ii) इसके अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य;
(iii) निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, जिसमें पर्यवेक्षण और जवाबदेही के चैनल शामिल हैं;
(iv) इसके द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन के लिए निर्धारित मानदंड;
(v) इसके पास मौजूद या इसके नियंत्रण में रखे गए या इसके कर्मचारियों द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन के लिए उपयोग किए जाने वाले नियम, विनियम, निर्देश, नियमावली और अभिलेख;
(vi) उन दस्तावेजों की श्रेणियों का विवरण जो उसके पास या उसके नियंत्रण में हैं;
(vii) किसी भी ऐसी व्यवस्था का विवरण जो इसकी नीति के निर्माण या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों के साथ परामर्श करने या उनके प्रतिनिधित्व के लिए मौजूद है;
(viii) दो या दो से अधिक व्यक्तियों से मिलकर बने बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों का विवरण, जो इसके भाग के रूप में या इसकी सलाह के उद्देश्य से गठित किए गए हैं, और इस संबंध में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली हैं, या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त जनता के लिए सुलभ हैं;
(ix) इसके अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका;
(x) इसके प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक, जिसमें इसके विनियमों में निर्धारित मुआवजे की प्रणाली भी शामिल है;
(xi) इसकी प्रत्येक एजेंसी को आवंटित बजट, जिसमें सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्ययों और किए गए संवितरणों पर रिपोर्टों का विवरण दिया गया हो;
(xii) सब्सिडी कार्यक्रमों के निष्पादन का तरीका, जिसमें आवंटित राशि और ऐसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों का विवरण शामिल है;
(xiii) इसके द्वारा प्रदत्त रियायतों, परमिटों या प्राधिकरणों के प्राप्तकर्ताओं का विवरण;
(xiv) इलेक्ट्रॉनिक रूप में कम की गई, इसके पास उपलब्ध या इसके द्वारा रखी गई जानकारी के संबंध में विवरण;
(xv) नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं का विवरण, जिसमें सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए पुस्तकालय या वाचनालय के कार्य घंटे शामिल हैं;
(xvi) लोक सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम और अन्य विवरण;
(17) ऐसी अन्य जानकारी जो निर्धारित की जाए;
और इसके बाद इन प्रकाशनों को हर साल अपडेट किया जाए;
(ग) महत्वपूर्ण नीतियां बनाते समय या जनता को प्रभावित करने वाले निर्णयों की घोषणा करते समय सभी प्रासंगिक तथ्यों को प्रकाशित करना;
(घ) प्रभावित व्यक्तियों को अपने प्रशासनिक या अर्ध-न्यायिक निर्णयों के कारण बताना।
(2) प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण का यह निरंतर प्रयास होगा कि वह उपधारा (1) के खंड (ख ) की आवश्यकताओं के अनुसार कदम उठाए ताकि नियमित अंतराल पर विभिन्न संचार माध्यमों, जिनमें इंटरनेट भी शामिल है, के माध्यम से जनता को स्वतः ही अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके, जिससे जनता को सूचना प्राप्त करने के लिए इस अधिनियम का उपयोग कम से कम करना पड़े।
(3) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, प्रत्येक सूचना व्यापक रूप से और ऐसे रूप और तरीके से प्रसारित की जाएगी जो जनता के लिए आसानी से सुलभ हो।
(4) सभी सामग्री का प्रसार लागत-प्रभावशीलता, स्थानीय भाषा और उस स्थानीय क्षेत्र में संचार के सबसे प्रभावी तरीके को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा और सूचना यथासंभव आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए, जो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी के पास इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में निःशुल्क या माध्यम की लागत या मुद्रण लागत मूल्य पर उपलब्ध हो, जैसा भी मामला हो।
स्पष्टीकरण .--उपधारा (3) और (4) के प्रयोजनों के लिए, "प्रसारित" का अर्थ है सूचना बोर्डों, समाचार पत्रों, सार्वजनिक घोषणाओं, मीडिया प्रसारणों, इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम से जनता को सूचना ज्ञात कराना या संप्रेषित करना, जिसमें किसी सार्वजनिक प्राधिकरण के कार्यालयों का निरीक्षण भी शामिल है।
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