JJ Act 59अध्याय VIII · Adoption
धारा 59 · किसी अनाथ, परित्यक्त या सौंपे गए बच्चे को अंतरदेशीय रूप से गोद लेने की प्रक्रिया।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी अनाथ, परित्यक्त या आत्मसमर्पण किए गए बच्चे को, विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी और राज्य एजेंसी के संयुक्त प्रयास के बावजूद, बच्चे को कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण के लिए स्वतंत्र घोषित किए जाने की तिथि से साठ दिनों के भीतर किसी भारतीय या अनिवासी भारतीय भावी दत्तक माता-पिता के पास नहीं रखा जा सका, तो ऐसा बच्चा अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण के लिए स्वतंत्र होगा:
बशर्ते कि शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग बच्चों, भाई-बहनों और पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण के लिए अन्य बच्चों की तुलना में वरीयता दी जा सकती है, जैसा कि प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण नियमों के अनुसार होगा।
(2) पात्र अनिवासी भारतीय या भारत के प्रवासी नागरिक या भारतीय मूल के व्यक्तियों को भारतीय बच्चों को अंतर-देशीय रूप से गोद लेने में प्राथमिकता दी जाएगी।
(3) कोई अनिवासी भारतीय या भारत का प्रवासी नागरिक, या भारतीय मूल का व्यक्ति या कोई विदेशी, जो विदेश में रहने वाले भावी दत्तक माता-पिता हैं, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो, यदि वे भारत से किसी अनाथ, परित्यक्त या आत्मसमर्पण किए गए बच्चे को गोद लेने में रुचि रखते हैं, तो वे अपने स्थायी निवास वाले देश में स्थित किसी अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी, केंद्रीय प्राधिकरण या संबंधित सरकारी विभाग को प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण विनियमों में दिए गए तरीके से आवेदन कर सकते हैं।
(4) अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी, या केंद्रीय प्राधिकरण, या संबंधित सरकारी विभाग, जैसा भी मामला हो, ऐसे भावी दत्तक माता-पिता की गृह अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेगा और उन्हें पात्र पाए जाने पर, प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण विनियमों में दिए गए तरीके से भारत से बच्चे को गोद लेने के लिए प्राधिकरण को उनका आवेदन प्रायोजित करेगा।
(5) ऐसे भावी दत्तक माता-पिता के आवेदन प्राप्त होने पर, प्राधिकरण उसकी जांच करेगा और यदि वह आवेदकों को उपयुक्त पाता है, तो वह आवेदन को किसी विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी को भेज देगा, जहां कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण के लिए स्वतंत्र बच्चे उपलब्ध हैं।
(6) विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी बच्चे का मिलान ऐसे संभावित दत्तक माता-पिता से करेगी और बच्चे की अध्ययन रिपोर्ट और चिकित्सा रिपोर्ट ऐसे माता-पिता को भेजेगी, जो बदले में बच्चे को स्वीकार कर सकते हैं और बच्चे की अध्ययन और चिकित्सा रिपोर्ट पर विधिवत हस्ताक्षर करके उक्त एजेंसी को वापस कर सकते हैं।
(7) भावी दत्तक माता-पिता से बच्चे की स्वीकृति प्राप्त होने पर, विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी दत्तक ग्रहण आदेश प्राप्त करने के लिए प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण विनियमों में दिए गए तरीके से [जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष] आवेदन दाखिल करेगी।
(8) जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने पर, विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी उसे तुरंत प्राधिकरण, राज्य एजेंसी और भावी दत्तक माता-पिता को भेजेगी और बच्चे के लिए पासपोर्ट प्राप्त करेगी।
(9) प्राधिकरण भारत के आव्रजन अधिकारियों और बच्चे को प्राप्त करने वाले देश को गोद लेने के बारे में सूचित करेगा।
(10) भावी दत्तक माता-पिता बच्चे को पासपोर्ट और वीजा जारी होते ही विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी से स्वयं प्राप्त करेंगे।
(11) अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी, या केंद्रीय प्राधिकरण, या संबंधित सरकारी विभाग, जैसा भी मामला हो, दत्तक परिवार में बच्चे के बारे में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेगा और प्राधिकरण और संबंधित भारतीय राजनयिक मिशन के परामर्श से, प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण विनियमों में दिए गए तरीके से, किसी भी व्यवधान की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए जिम्मेदार होगा।
(12) कोई विदेशी या भारतीय मूल का व्यक्ति या भारत का प्रवासी नागरिक, जिसका भारत में स्थायी निवास है, यदि भारत से किसी बच्चे को गोद लेने में रुचि रखता है, तो वह प्राधिकरण को इसके लिए आवेदन कर सकता है, साथ ही भारत में अपने देश के राजनयिक मिशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत कर सकता है, ताकि प्राधिकरण द्वारा बनाए गए गोद लेने संबंधी नियमों में दिए गए अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बशर्ते कि शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग बच्चों, भाई-बहनों और पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण के लिए अन्य बच्चों की तुलना में वरीयता दी जा सकती है, जैसा कि प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण नियमों के अनुसार होगा।
(2) पात्र अनिवासी भारतीय या भारत के प्रवासी नागरिक या भारतीय मूल के व्यक्तियों को भारतीय बच्चों को अंतर-देशीय रूप से गोद लेने में प्राथमिकता दी जाएगी।
(3) कोई अनिवासी भारतीय या भारत का प्रवासी नागरिक, या भारतीय मूल का व्यक्ति या कोई विदेशी, जो विदेश में रहने वाले भावी दत्तक माता-पिता हैं, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो, यदि वे भारत से किसी अनाथ, परित्यक्त या आत्मसमर्पण किए गए बच्चे को गोद लेने में रुचि रखते हैं, तो वे अपने स्थायी निवास वाले देश में स्थित किसी अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी, केंद्रीय प्राधिकरण या संबंधित सरकारी विभाग को प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण विनियमों में दिए गए तरीके से आवेदन कर सकते हैं।
(4) अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी, या केंद्रीय प्राधिकरण, या संबंधित सरकारी विभाग, जैसा भी मामला हो, ऐसे भावी दत्तक माता-पिता की गृह अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेगा और उन्हें पात्र पाए जाने पर, प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण विनियमों में दिए गए तरीके से भारत से बच्चे को गोद लेने के लिए प्राधिकरण को उनका आवेदन प्रायोजित करेगा।
(5) ऐसे भावी दत्तक माता-पिता के आवेदन प्राप्त होने पर, प्राधिकरण उसकी जांच करेगा और यदि वह आवेदकों को उपयुक्त पाता है, तो वह आवेदन को किसी विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी को भेज देगा, जहां कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण के लिए स्वतंत्र बच्चे उपलब्ध हैं।
(6) विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी बच्चे का मिलान ऐसे संभावित दत्तक माता-पिता से करेगी और बच्चे की अध्ययन रिपोर्ट और चिकित्सा रिपोर्ट ऐसे माता-पिता को भेजेगी, जो बदले में बच्चे को स्वीकार कर सकते हैं और बच्चे की अध्ययन और चिकित्सा रिपोर्ट पर विधिवत हस्ताक्षर करके उक्त एजेंसी को वापस कर सकते हैं।
(7) भावी दत्तक माता-पिता से बच्चे की स्वीकृति प्राप्त होने पर, विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी दत्तक ग्रहण आदेश प्राप्त करने के लिए प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण विनियमों में दिए गए तरीके से [जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष] आवेदन दाखिल करेगी।
(8) जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने पर, विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी उसे तुरंत प्राधिकरण, राज्य एजेंसी और भावी दत्तक माता-पिता को भेजेगी और बच्चे के लिए पासपोर्ट प्राप्त करेगी।
(9) प्राधिकरण भारत के आव्रजन अधिकारियों और बच्चे को प्राप्त करने वाले देश को गोद लेने के बारे में सूचित करेगा।
(10) भावी दत्तक माता-पिता बच्चे को पासपोर्ट और वीजा जारी होते ही विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी से स्वयं प्राप्त करेंगे।
(11) अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी, या केंद्रीय प्राधिकरण, या संबंधित सरकारी विभाग, जैसा भी मामला हो, दत्तक परिवार में बच्चे के बारे में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेगा और प्राधिकरण और संबंधित भारतीय राजनयिक मिशन के परामर्श से, प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दत्तक ग्रहण विनियमों में दिए गए तरीके से, किसी भी व्यवधान की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए जिम्मेदार होगा।
(12) कोई विदेशी या भारतीय मूल का व्यक्ति या भारत का प्रवासी नागरिक, जिसका भारत में स्थायी निवास है, यदि भारत से किसी बच्चे को गोद लेने में रुचि रखता है, तो वह प्राधिकरण को इसके लिए आवेदन कर सकता है, साथ ही भारत में अपने देश के राजनयिक मिशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत कर सकता है, ताकि प्राधिकरण द्वारा बनाए गए गोद लेने संबंधी नियमों में दिए गए अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
