JJ Act 12अध्याय IV · Procedure in Relation to Children in Conflict with Law
धारा 12 · कानून के साथ संघर्ष करने के आरोपी, स्पष्ट रूप से एक बच्चे को जमानत देना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जब कोई व्यक्ति, जो स्पष्ट रूप से बच्चा है और जिस पर जमानती या गैर-जमानती अपराध करने का आरोप है, पुलिस द्वारा पकड़ा या हिरासत में लिया जाता है या किसी बोर्ड के समक्ष पेश होता है या लाया जाता है, तो दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) या उस समय लागू किसी अन्य कानून में निहित किसी भी बात के बावजूद, ऐसे व्यक्ति को जमानती सहित या बिना जमानती के जमानत पर रिहा किया जाएगा या किसी परिवीक्षा अधिकारी की निगरानी में या किसी योग्य व्यक्ति की देखरेख में रखा जाएगा:
बशर्ते कि ऐसे व्यक्ति को तब तक रिहा नहीं किया जाएगा जब तक कि यह मानने के लिए उचित आधार न हों कि रिहाई से वह व्यक्ति किसी ज्ञात अपराधी के संपर्क में आ सकता है या उसे नैतिक, शारीरिक या मनोवैज्ञानिक खतरे में डाल सकता है, या उस व्यक्ति की रिहाई न्याय के उद्देश्यों को विफल कर देगी, और बोर्ड जमानत अस्वीकार करने के कारणों और ऐसे निर्णय के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों को दर्ज करेगा।
(2) जब ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी द्वारा उपधारा (1) के तहत जमानत पर रिहा नहीं किया जाता है, तो ऐसा अधिकारी उस व्यक्ति को केवल अवलोकन गृह 1 [या सुरक्षा स्थान, जैसा भी मामला हो] में निर्धारित तरीके से तब तक रखेगा जब तक कि उस व्यक्ति को बोर्ड के समक्ष पेश नहीं किया जा सकता।
(3) जब ऐसे व्यक्ति को बोर्ड द्वारा उप-धारा (1) के तहत जमानत पर रिहा नहीं किया जाता है, तो वह उसे किसी अवलोकन गृह या सुरक्षा स्थान पर भेजने का आदेश देगा, जैसा भी मामला हो, उस व्यक्ति के संबंध में जांच लंबित रहने के दौरान, जैसा आदेश में निर्दिष्ट किया जाए।
(4) जब कानून से संघर्षरत कोई बच्चा जमानत आदेश की शर्तों को जमानत आदेश के सात दिनों के भीतर पूरा करने में असमर्थ हो, तो ऐसे बच्चे को जमानत की शर्तों में संशोधन के लिए बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
बशर्ते कि ऐसे व्यक्ति को तब तक रिहा नहीं किया जाएगा जब तक कि यह मानने के लिए उचित आधार न हों कि रिहाई से वह व्यक्ति किसी ज्ञात अपराधी के संपर्क में आ सकता है या उसे नैतिक, शारीरिक या मनोवैज्ञानिक खतरे में डाल सकता है, या उस व्यक्ति की रिहाई न्याय के उद्देश्यों को विफल कर देगी, और बोर्ड जमानत अस्वीकार करने के कारणों और ऐसे निर्णय के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों को दर्ज करेगा।
(2) जब ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी द्वारा उपधारा (1) के तहत जमानत पर रिहा नहीं किया जाता है, तो ऐसा अधिकारी उस व्यक्ति को केवल अवलोकन गृह 1 [या सुरक्षा स्थान, जैसा भी मामला हो] में निर्धारित तरीके से तब तक रखेगा जब तक कि उस व्यक्ति को बोर्ड के समक्ष पेश नहीं किया जा सकता।
(3) जब ऐसे व्यक्ति को बोर्ड द्वारा उप-धारा (1) के तहत जमानत पर रिहा नहीं किया जाता है, तो वह उसे किसी अवलोकन गृह या सुरक्षा स्थान पर भेजने का आदेश देगा, जैसा भी मामला हो, उस व्यक्ति के संबंध में जांच लंबित रहने के दौरान, जैसा आदेश में निर्दिष्ट किया जाए।
(4) जब कानून से संघर्षरत कोई बच्चा जमानत आदेश की शर्तों को जमानत आदेश के सात दिनों के भीतर पूरा करने में असमर्थ हो, तो ऐसे बच्चे को जमानत की शर्तों में संशोधन के लिए बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
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