JJ Act 104अध्याय X · Miscellaneous
धारा 104 · समिति या बोर्ड को अपने आदेशों में संशोधन करने का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में निहित अपील और पुनरीक्षण के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, समिति या बोर्ड, इस संबंध में प्राप्त आवेदन पर, अपने द्वारा पारित किसी भी आदेश में संशोधन कर सकता है, जो उस संस्था से संबंधित हो जिसमें किसी बच्चे को भेजा जाना है या उस व्यक्ति से संबंधित हो जिसके अधीन इस अधिनियम के अंतर्गत किसी बच्चे को रखा जाना है।
बशर्ते कि ऐसे किसी भी आदेश में संशोधन के लिए सुनवाई के दौरान, बोर्ड के कम से कम दो सदस्य होंगे जिनमें से एक प्रधान मजिस्ट्रेट होगा और समिति के कम से कम तीन सदस्य और सभी संबंधित व्यक्ति या उनके अधिकृत प्रतिनिधि उपस्थित होंगे, जिनके विचार उक्त आदेशों में संशोधन से पहले समिति या बोर्ड द्वारा सुने जाएंगे।
(2) समिति या बोर्ड द्वारा पारित आदेशों में लिपिकीय त्रुटियाँ या किसी आकस्मिक चूक या भूल से उत्पन्न त्रुटियाँ, किसी भी समय समिति या बोर्ड द्वारा, जैसा भी मामला हो, या तो अपनी पहल पर या इस संबंध में प्राप्त आवेदन पर सुधारी जा सकती हैं।
बशर्ते कि ऐसे किसी भी आदेश में संशोधन के लिए सुनवाई के दौरान, बोर्ड के कम से कम दो सदस्य होंगे जिनमें से एक प्रधान मजिस्ट्रेट होगा और समिति के कम से कम तीन सदस्य और सभी संबंधित व्यक्ति या उनके अधिकृत प्रतिनिधि उपस्थित होंगे, जिनके विचार उक्त आदेशों में संशोधन से पहले समिति या बोर्ड द्वारा सुने जाएंगे।
(2) समिति या बोर्ड द्वारा पारित आदेशों में लिपिकीय त्रुटियाँ या किसी आकस्मिक चूक या भूल से उत्पन्न त्रुटियाँ, किसी भी समय समिति या बोर्ड द्वारा, जैसा भी मामला हो, या तो अपनी पहल पर या इस संबंध में प्राप्त आवेदन पर सुधारी जा सकती हैं।
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