NSG Act 8अध्याय IV · The Governance of Recognised Sports Organisations
धारा 8 · बोर्ड की मान्यता और पंजीकरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) बोर्ड को किसी भी खेल संगठन को राष्ट्रीय खेल निकाय के रूप में बोर्ड की मान्यता प्रदान करने का अधिकार होगा।
(2) इस धारा के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल निकाय के रूप में बोर्ड से मान्यता प्राप्त करने के इच्छुक कोई भी खेल संगठन, बोर्ड को ऐसे प्रपत्र और तरीके से तथा ऐसे विवरण सहित आवेदन करेगा, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(3) उपधारा ( 1 ) के अंतर्गत किसी भी खेल संगठन को तब तक मान्यता नहीं दी जाएगी जब तक कि ऐसा संगठन,---
(क) वह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (21 ऑफ 1860) या किसी राज्य के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत सोसायटी है; या
(ख) कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 8 के तहत निगमित एक गैर-लाभकारी कंपनी है; या
(ग) भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 (1882 का 2) या किसी राज्य के न्यास अधिनियम के तहत गठित न्यास है; और
(घ) ऐसे अन्य मानदंडों और शर्तों का अनुपालन करता है जो विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किए जा सकते हैं और जिनका एकमात्र उद्देश्य खेलों का विकास करना है।
(4) इस धारा के अधीन प्रदत्त बोर्ड की मान्यता को समय-समय पर ऐसे अंतरालों पर और ऐसी प्रक्रिया के अनुसार नवीनीकृत किया जाएगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(5) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खेल निकायों के रूप में मान्यता प्राप्त सभी खेल संगठनों को इस अधिनियम के तहत बोर्ड की मान्यता प्राप्त मानी जाएगी और इस अधिनियम के प्रावधान, यथासंभव , ऐसे संगठनों पर लागू होंगे।
(6) राष्ट्रीय खेल निकायों की सभी संबद्ध इकाइयाँ यह सुनिश्चित करेंगी कि वे बोर्ड के साथ पंजीकृत हों, ऐसी शर्तों के अधीन और ऐसे तरीके से, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(7) बोर्ड, केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के अधीन, खेल प्रशासन, एथलीट समर्थन और कल्याण में भाग लेने वाले खेल संगठनों को राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठन के रूप में मान्यता देने का अधिकार भी रखेगा।
(8) बोर्ड की मान्यता के लिए पात्रता मानदंड और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठनों के शासन और कामकाज का तरीका ऐसा होगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है:
बशर्ते कि इस अधिनियम के लागू होने से पहले केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठन को इस अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त माना जाएगा और इस अधिनियम के प्रावधान, यथासंभव , ऐसे संगठन पर लागू होंगे:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत दी गई बोर्ड की मान्यता को समय-समय पर ऐसे अंतराल पर और ऐसी प्रक्रिया के अनुसार नवीनीकृत किया जाएगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(2) इस धारा के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल निकाय के रूप में बोर्ड से मान्यता प्राप्त करने के इच्छुक कोई भी खेल संगठन, बोर्ड को ऐसे प्रपत्र और तरीके से तथा ऐसे विवरण सहित आवेदन करेगा, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(3) उपधारा ( 1 ) के अंतर्गत किसी भी खेल संगठन को तब तक मान्यता नहीं दी जाएगी जब तक कि ऐसा संगठन,---
(क) वह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (21 ऑफ 1860) या किसी राज्य के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत सोसायटी है; या
(ख) कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 8 के तहत निगमित एक गैर-लाभकारी कंपनी है; या
(ग) भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 (1882 का 2) या किसी राज्य के न्यास अधिनियम के तहत गठित न्यास है; और
(घ) ऐसे अन्य मानदंडों और शर्तों का अनुपालन करता है जो विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किए जा सकते हैं और जिनका एकमात्र उद्देश्य खेलों का विकास करना है।
(4) इस धारा के अधीन प्रदत्त बोर्ड की मान्यता को समय-समय पर ऐसे अंतरालों पर और ऐसी प्रक्रिया के अनुसार नवीनीकृत किया जाएगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(5) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खेल निकायों के रूप में मान्यता प्राप्त सभी खेल संगठनों को इस अधिनियम के तहत बोर्ड की मान्यता प्राप्त मानी जाएगी और इस अधिनियम के प्रावधान, यथासंभव , ऐसे संगठनों पर लागू होंगे।
(6) राष्ट्रीय खेल निकायों की सभी संबद्ध इकाइयाँ यह सुनिश्चित करेंगी कि वे बोर्ड के साथ पंजीकृत हों, ऐसी शर्तों के अधीन और ऐसे तरीके से, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(7) बोर्ड, केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के अधीन, खेल प्रशासन, एथलीट समर्थन और कल्याण में भाग लेने वाले खेल संगठनों को राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठन के रूप में मान्यता देने का अधिकार भी रखेगा।
(8) बोर्ड की मान्यता के लिए पात्रता मानदंड और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठनों के शासन और कामकाज का तरीका ऐसा होगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है:
बशर्ते कि इस अधिनियम के लागू होने से पहले केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठन को इस अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त माना जाएगा और इस अधिनियम के प्रावधान, यथासंभव , ऐसे संगठन पर लागू होंगे:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत दी गई बोर्ड की मान्यता को समय-समय पर ऐसे अंतराल पर और ऐसी प्रक्रिया के अनुसार नवीनीकृत किया जाएगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
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