NSG Act 11अध्याय IV · The Governance of Recognised Sports Organisations
धारा 11 · तदर्थ प्रशासनिक निकाय।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी राष्ट्रीय खेल निकाय की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता खो जाने की स्थिति में, सामान्यीकरण प्रक्रिया अंतर्राष्ट्रीय चार्टर और क़ानूनों के अनुसार लागू की जाएगी और बोर्ड ऐसी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
(2) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट सामान्यीकरण प्रक्रिया के अभाव में, किसी राष्ट्रीय खेल निकाय की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता की हानि होने पर, या धारा 10 के तहत किसी राष्ट्रीय खेल निकाय की बोर्ड मान्यता के रद्द या निलंबित होने की स्थिति में, जहां मान्यता की हानि का संबंध---
(क) राष्ट्रीय ओलंपिक समिति या राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के मामले में, बोर्ड अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति या अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के परामर्श से एक तदर्थ प्रशासनिक निकाय का गठन कर सकता है;
(ख) राष्ट्रीय खेल महासंघ के मामले में, बोर्ड, जहां भी लागू हो, संबंधित अंतर्राष्ट्रीय महासंघ के परामर्श से, राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को एक तदर्थ प्रशासनिक निकाय गठित करने का निर्देश दे सकता है;
(ग) क्षेत्रीय खेल महासंघ के मामले में, बोर्ड संबंधित अंतर्राष्ट्रीय महासंघ (यदि कोई हो) के परामर्श से एक तदर्थ प्रशासनिक निकाय का गठन कर सकता है।
(3) धारा 10 के तहत किसी राष्ट्रीय खेल निकाय की संबद्ध इकाई की बोर्ड मान्यता या पंजीकरण रद्द या निलंबित होने की स्थिति में,---
(क) जहां बोर्ड की मान्यता या पंजीकरण रद्द करना या निलंबित करना किसी राज्य खेल महासंघ से संबंधित हो, वहां बोर्ड संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ या क्षेत्रीय खेल महासंघ को निर्देश दे सकता है; और
(ख) जहां बोर्ड की मान्यता या पंजीकरण रद्द करना या निलंबित करना किसी जिला खेल महासंघ से संबंधित हो, वहां बोर्ड संबंधित राज्य खेल महासंघ को निर्देश दे सकता है,
राष्ट्रीय खेल निकाय या संबंधित संबद्ध राज्य इकाई के परामर्श से बोर्ड द्वारा निर्धारित सदस्यों से मिलकर एक तदर्थ प्रशासनिक निकाय का गठन करना।
(4) तदर्थ प्रशासनिक निकाय संबंधित खेल निकाय या उसकी संबद्ध इकाइयों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार होगा ताकि इस अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
(5) उपधारा ( 2 ) में निर्दिष्ट तदर्थ प्रशासनिक निकाय में अधिकतम पाँच प्रतिष्ठित खेल प्रशासक होंगे, जो पूर्व में किसी राष्ट्रीय खेल निकाय के अध्यक्ष, महासचिव या कोषाध्यक्ष का पद धारण कर चुके हों, या जो राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की कार्यकारी समिति के सदस्य हों या रह चुके हों, और जिनका खेल अनुशासन से कोई पूर्व संबंध न हो या हितों का कोई टकराव न हो।
बशर्ते कि कोई भी व्यक्ति एक ही समय में एक से अधिक तदर्थ प्रशासनिक निकाय का सदस्य न हो।
(2) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट सामान्यीकरण प्रक्रिया के अभाव में, किसी राष्ट्रीय खेल निकाय की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता की हानि होने पर, या धारा 10 के तहत किसी राष्ट्रीय खेल निकाय की बोर्ड मान्यता के रद्द या निलंबित होने की स्थिति में, जहां मान्यता की हानि का संबंध---
(क) राष्ट्रीय ओलंपिक समिति या राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के मामले में, बोर्ड अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति या अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के परामर्श से एक तदर्थ प्रशासनिक निकाय का गठन कर सकता है;
(ख) राष्ट्रीय खेल महासंघ के मामले में, बोर्ड, जहां भी लागू हो, संबंधित अंतर्राष्ट्रीय महासंघ के परामर्श से, राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को एक तदर्थ प्रशासनिक निकाय गठित करने का निर्देश दे सकता है;
(ग) क्षेत्रीय खेल महासंघ के मामले में, बोर्ड संबंधित अंतर्राष्ट्रीय महासंघ (यदि कोई हो) के परामर्श से एक तदर्थ प्रशासनिक निकाय का गठन कर सकता है।
(3) धारा 10 के तहत किसी राष्ट्रीय खेल निकाय की संबद्ध इकाई की बोर्ड मान्यता या पंजीकरण रद्द या निलंबित होने की स्थिति में,---
(क) जहां बोर्ड की मान्यता या पंजीकरण रद्द करना या निलंबित करना किसी राज्य खेल महासंघ से संबंधित हो, वहां बोर्ड संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ या क्षेत्रीय खेल महासंघ को निर्देश दे सकता है; और
(ख) जहां बोर्ड की मान्यता या पंजीकरण रद्द करना या निलंबित करना किसी जिला खेल महासंघ से संबंधित हो, वहां बोर्ड संबंधित राज्य खेल महासंघ को निर्देश दे सकता है,
राष्ट्रीय खेल निकाय या संबंधित संबद्ध राज्य इकाई के परामर्श से बोर्ड द्वारा निर्धारित सदस्यों से मिलकर एक तदर्थ प्रशासनिक निकाय का गठन करना।
(4) तदर्थ प्रशासनिक निकाय संबंधित खेल निकाय या उसकी संबद्ध इकाइयों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार होगा ताकि इस अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
(5) उपधारा ( 2 ) में निर्दिष्ट तदर्थ प्रशासनिक निकाय में अधिकतम पाँच प्रतिष्ठित खेल प्रशासक होंगे, जो पूर्व में किसी राष्ट्रीय खेल निकाय के अध्यक्ष, महासचिव या कोषाध्यक्ष का पद धारण कर चुके हों, या जो राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की कार्यकारी समिति के सदस्य हों या रह चुके हों, और जिनका खेल अनुशासन से कोई पूर्व संबंध न हो या हितों का कोई टकराव न हो।
बशर्ते कि कोई भी व्यक्ति एक ही समय में एक से अधिक तदर्थ प्रशासनिक निकाय का सदस्य न हो।
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