NSG Act 17अध्याय IX · National Sports Tribunal
धारा 17 · राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण का गठन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा एक राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण का गठन करेगी, जिसमें एक अध्यक्ष और दो अन्य सदस्य होंगे, ताकि खेल संबंधी विवादों का स्वतंत्र, त्वरित, प्रभावी और लागत-कुशल निपटान किया जा सके।
(2) अध्यक्ष ऐसा व्यक्ति होगा जो सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश हो या रह चुका हो।
(3) सदस्य सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठित व्यक्ति होंगे जिन्हें खेल, सार्वजनिक प्रशासन और कानून में व्यापक ज्ञान और अनुभव हो।
(4) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा एक खोज-सह-चयन समिति की सिफारिशों पर की जाएगी, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:---
(क) भारत के मुख्य न्यायाधीश या भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा अनुशंसित सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश---अध्यक्ष;
(ख) विधि एवं न्याय मंत्रालय में भारत सरकार के सचिव---सदस्य;
(ग) खेल विभाग में भारत सरकार के सचिव---सदस्य
(5) खोज-सह-चयन समिति अपनी अनुशंसाएँ करने की प्रक्रिया निर्धारित करेगी।
(6) किसी न्यायालय के किसी निर्णय, आदेश या डिक्री में, या उस समय लागू किसी कानून में किसी बात के होते हुए भी, खोज-सह-चयन समिति अध्यक्ष या सदस्य के पद पर नियुक्ति के लिए दो नामों का एक पैनल अनुशंसित करेगी, और केंद्र सरकार उस समिति द्वारा की गई अनुशंसाओं पर, अधिमानतः ऐसी अनुशंसा की तिथि से तीन महीने के भीतर निर्णय लेगी।
(7) खोज-सह-चयन समिति में किसी सदस्य की रिक्ति या अनुपस्थिति के कारण कोई नियुक्ति अमान्य नहीं होगी।
(8) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल और सेवा की अन्य शर्तें ऐसी होंगी जैसी निर्धारित की जा सकती हैं।
(9) न्यायाधिकरण अपने कामकाज के संचालन के लिए अपनी प्रक्रिया स्वयं तैयार करेगा, जिसमें मामलों के निपटान के लिए अपनाई जाने वाली समयसीमा भी शामिल होगी।
(10) न्यायाधिकरण के संबंध में किए गए सभी व्यय भारत की संचित निधि से वहन किए जाएंगे।
(2) अध्यक्ष ऐसा व्यक्ति होगा जो सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश हो या रह चुका हो।
(3) सदस्य सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठित व्यक्ति होंगे जिन्हें खेल, सार्वजनिक प्रशासन और कानून में व्यापक ज्ञान और अनुभव हो।
(4) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा एक खोज-सह-चयन समिति की सिफारिशों पर की जाएगी, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:---
(क) भारत के मुख्य न्यायाधीश या भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा अनुशंसित सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश---अध्यक्ष;
(ख) विधि एवं न्याय मंत्रालय में भारत सरकार के सचिव---सदस्य;
(ग) खेल विभाग में भारत सरकार के सचिव---सदस्य
(5) खोज-सह-चयन समिति अपनी अनुशंसाएँ करने की प्रक्रिया निर्धारित करेगी।
(6) किसी न्यायालय के किसी निर्णय, आदेश या डिक्री में, या उस समय लागू किसी कानून में किसी बात के होते हुए भी, खोज-सह-चयन समिति अध्यक्ष या सदस्य के पद पर नियुक्ति के लिए दो नामों का एक पैनल अनुशंसित करेगी, और केंद्र सरकार उस समिति द्वारा की गई अनुशंसाओं पर, अधिमानतः ऐसी अनुशंसा की तिथि से तीन महीने के भीतर निर्णय लेगी।
(7) खोज-सह-चयन समिति में किसी सदस्य की रिक्ति या अनुपस्थिति के कारण कोई नियुक्ति अमान्य नहीं होगी।
(8) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल और सेवा की अन्य शर्तें ऐसी होंगी जैसी निर्धारित की जा सकती हैं।
(9) न्यायाधिकरण अपने कामकाज के संचालन के लिए अपनी प्रक्रिया स्वयं तैयार करेगा, जिसमें मामलों के निपटान के लिए अपनाई जाने वाली समयसीमा भी शामिल होगी।
(10) न्यायाधिकरण के संबंध में किए गए सभी व्यय भारत की संचित निधि से वहन किए जाएंगे।
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