OSH Code 35अध्याय IX · Inspector-cum-facilitators and Other Authority
धारा 35 · निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की शक्तियाँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस संबंध में बनाए गए किसी नियम के अधीन रहते हुए, एक निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता निम्नलिखित कार्य कर सकता है---
(i) सरकार की सेवा में कार्यरत व्यक्तियों, या किसी स्थानीय या अन्य सार्वजनिक प्राधिकरण की सेवा में कार्यरत व्यक्तियों, या किसी विशेषज्ञ की सहायता से, जैसा वह उचित समझे, किसी ऐसे स्थान में प्रवेश करना, जिसका उपयोग कार्यस्थल के रूप में किया जाता है, या जिसके बारे में उसे यह मानने का कारण है कि उसका उपयोग कार्यस्थल के रूप में किया जाता है;
(ii) प्रतिष्ठान, किसी परिसर, संयंत्र, मशीनरी, वस्तु या किसी अन्य प्रासंगिक सामग्री का निरीक्षण और परीक्षण करना;
(iii) किसी दुर्घटना या खतरनाक घटना की जांच करना, चाहे उसके परिणामस्वरूप शारीरिक चोट, विकलांगता या मृत्यु हुई हो या नहीं, और मौके पर या अन्यथा किसी भी व्यक्ति का बयान लेना जिसे वह ऐसी जांच के लिए आवश्यक समझे;
(iv) राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में बनाए गए किसी भी नियम के अधीन रहते हुए, अपने अधिकार क्षेत्र में, किसी भी बागान में उगाई गई फसलों या उसमें कार्यरत किसी भी श्रमिक की जांच कर सकता है या इस संहिता के अनुसरण में रखे गए किसी भी रजिस्टर या अन्य दस्तावेज के उत्पादन की मांग कर सकता है और किसी भी व्यक्ति का मौके पर या अन्यथा बयान ले सकता है जिसे वह बागान से संबंधित इस संहिता के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक समझे;
(v) नियोक्ताओं और श्रमिकों को इस संहिता के प्रावधानों और उनके अनुपालन के संबंध में जानकारी प्रदान करना और उन्हें जागरूक करना;
(vi) कार्यस्थल या कार्य गतिविधि से संबंधित किसी रजिस्टर या किसी अन्य दस्तावेज के उत्पादन की आवश्यकता;
(vii) वह इस संहिता के अंतर्गत किसी अपराध के संबंध में, जिसके बारे में उसे यह विश्वास करने का कारण है कि वह अपराध किया गया है, किसी रजिस्टर, अभिलेख या अन्य दस्तावेज या उसके किसी भाग की तलाशी ले सकता है, उसे जब्त कर सकता है या उसकी प्रतियां ले सकता है;
(viii) संबंधित अधिभोगी या नियोक्ता को निर्देश देना कि कोई परिसर या उसका कोई भाग, या उसमें पड़ी कोई वस्तु, किसी निरीक्षण या जांच के उद्देश्य से आवश्यक समय तक (चाहे सामान्य रूप से या विशेष रूप से) अविचलित छोड़ी जाए;
(ix) किसी भी जांच या पूछताछ के उद्देश्य से वह जो भी आवश्यक समझे, माप लेना, तस्वीरें और वीडियोग्राफ लेना तथा ऐसी रिकॉर्डिंग करना;
(x) किसी भी प्रतिष्ठान या परिसर में पाए जाने वाले किसी भी सामान या पदार्थ के नमूने लेना, जिसमें उसे प्रवेश करने की शक्ति प्राप्त है, और ऐसे किसी प्रतिष्ठान या परिसर में या उसके आसपास के वातावरण की हवा के नमूने लेना, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है;
(xi) किसी प्रतिष्ठान या परिसर में पाई गई किसी वस्तु या पदार्थ के मामले में, जो उसे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाला या खतरा पैदा करने की संभावना वाला प्रतीत होता है, उसे अलग करने या किसी प्रक्रिया या परीक्षण के अधीन करने का निर्देश देना (परन्तु उसे नुकसान पहुँचाने या नष्ट करने के लिए नहीं, जब तक कि परिस्थितियों में इस संहिता के किसी प्रावधान के प्रयोजनों को पूरा करने के लिए ऐसा करना आवश्यक न हो) और ऐसी किसी वस्तु या पदार्थ या उसके किसी भाग पर कब्ज़ा करना और ऐसी जाँच के लिए आवश्यक समय तक उसे रोक कर रखना;
(xii) इस संहिता, इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों, विनियमों और उपनियमों के तहत उत्पन्न होने वाले सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण प्रावधानों से संबंधित कारण बताओ नोटिस जारी करना;
(xiii) इस संहिता, इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के तहत उत्पन्न होने वाली किसी भी शिकायत या अन्य कार्यवाही का किसी भी न्यायालय के समक्ष अभियोजन चलाना, संचालन करना या बचाव करना; और
(xiv) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करना और ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करना जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(2) उपधारा ( 1 ) के अधीन निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता द्वारा मांगे गए किसी दस्तावेज को प्रस्तुत करने या कोई सूचना देने के लिए बाध्य कोई व्यक्ति भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) की धारा 175 और धारा 176 के अर्थ में ऐसा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य माना जाएगा।
(3) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) के प्रावधान, जहां तक संभव हो, उपधारा ( 1 ) के तहत की गई ऐसी तलाशी या जब्ती पर उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उक्त संहिता की धारा 94 के तहत जारी वारंट के अधिकार के तहत की गई किसी तलाशी या जब्ती पर लागू होते हैं।
(i) सरकार की सेवा में कार्यरत व्यक्तियों, या किसी स्थानीय या अन्य सार्वजनिक प्राधिकरण की सेवा में कार्यरत व्यक्तियों, या किसी विशेषज्ञ की सहायता से, जैसा वह उचित समझे, किसी ऐसे स्थान में प्रवेश करना, जिसका उपयोग कार्यस्थल के रूप में किया जाता है, या जिसके बारे में उसे यह मानने का कारण है कि उसका उपयोग कार्यस्थल के रूप में किया जाता है;
(ii) प्रतिष्ठान, किसी परिसर, संयंत्र, मशीनरी, वस्तु या किसी अन्य प्रासंगिक सामग्री का निरीक्षण और परीक्षण करना;
(iii) किसी दुर्घटना या खतरनाक घटना की जांच करना, चाहे उसके परिणामस्वरूप शारीरिक चोट, विकलांगता या मृत्यु हुई हो या नहीं, और मौके पर या अन्यथा किसी भी व्यक्ति का बयान लेना जिसे वह ऐसी जांच के लिए आवश्यक समझे;
(iv) राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में बनाए गए किसी भी नियम के अधीन रहते हुए, अपने अधिकार क्षेत्र में, किसी भी बागान में उगाई गई फसलों या उसमें कार्यरत किसी भी श्रमिक की जांच कर सकता है या इस संहिता के अनुसरण में रखे गए किसी भी रजिस्टर या अन्य दस्तावेज के उत्पादन की मांग कर सकता है और किसी भी व्यक्ति का मौके पर या अन्यथा बयान ले सकता है जिसे वह बागान से संबंधित इस संहिता के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक समझे;
(v) नियोक्ताओं और श्रमिकों को इस संहिता के प्रावधानों और उनके अनुपालन के संबंध में जानकारी प्रदान करना और उन्हें जागरूक करना;
(vi) कार्यस्थल या कार्य गतिविधि से संबंधित किसी रजिस्टर या किसी अन्य दस्तावेज के उत्पादन की आवश्यकता;
(vii) वह इस संहिता के अंतर्गत किसी अपराध के संबंध में, जिसके बारे में उसे यह विश्वास करने का कारण है कि वह अपराध किया गया है, किसी रजिस्टर, अभिलेख या अन्य दस्तावेज या उसके किसी भाग की तलाशी ले सकता है, उसे जब्त कर सकता है या उसकी प्रतियां ले सकता है;
(viii) संबंधित अधिभोगी या नियोक्ता को निर्देश देना कि कोई परिसर या उसका कोई भाग, या उसमें पड़ी कोई वस्तु, किसी निरीक्षण या जांच के उद्देश्य से आवश्यक समय तक (चाहे सामान्य रूप से या विशेष रूप से) अविचलित छोड़ी जाए;
(ix) किसी भी जांच या पूछताछ के उद्देश्य से वह जो भी आवश्यक समझे, माप लेना, तस्वीरें और वीडियोग्राफ लेना तथा ऐसी रिकॉर्डिंग करना;
(x) किसी भी प्रतिष्ठान या परिसर में पाए जाने वाले किसी भी सामान या पदार्थ के नमूने लेना, जिसमें उसे प्रवेश करने की शक्ति प्राप्त है, और ऐसे किसी प्रतिष्ठान या परिसर में या उसके आसपास के वातावरण की हवा के नमूने लेना, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है;
(xi) किसी प्रतिष्ठान या परिसर में पाई गई किसी वस्तु या पदार्थ के मामले में, जो उसे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाला या खतरा पैदा करने की संभावना वाला प्रतीत होता है, उसे अलग करने या किसी प्रक्रिया या परीक्षण के अधीन करने का निर्देश देना (परन्तु उसे नुकसान पहुँचाने या नष्ट करने के लिए नहीं, जब तक कि परिस्थितियों में इस संहिता के किसी प्रावधान के प्रयोजनों को पूरा करने के लिए ऐसा करना आवश्यक न हो) और ऐसी किसी वस्तु या पदार्थ या उसके किसी भाग पर कब्ज़ा करना और ऐसी जाँच के लिए आवश्यक समय तक उसे रोक कर रखना;
(xii) इस संहिता, इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों, विनियमों और उपनियमों के तहत उत्पन्न होने वाले सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण प्रावधानों से संबंधित कारण बताओ नोटिस जारी करना;
(xiii) इस संहिता, इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के तहत उत्पन्न होने वाली किसी भी शिकायत या अन्य कार्यवाही का किसी भी न्यायालय के समक्ष अभियोजन चलाना, संचालन करना या बचाव करना; और
(xiv) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करना और ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करना जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(2) उपधारा ( 1 ) के अधीन निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता द्वारा मांगे गए किसी दस्तावेज को प्रस्तुत करने या कोई सूचना देने के लिए बाध्य कोई व्यक्ति भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) की धारा 175 और धारा 176 के अर्थ में ऐसा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य माना जाएगा।
(3) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) के प्रावधान, जहां तक संभव हो, उपधारा ( 1 ) के तहत की गई ऐसी तलाशी या जब्ती पर उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उक्त संहिता की धारा 94 के तहत जारी वारंट के अधिकार के तहत की गई किसी तलाशी या जब्ती पर लागू होते हैं।
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