बीएनएसएस → सीआरपीसी
180 प्रविष्टियाँ
जेल में बंद गवाहों की जांच के लिए आयोग जारी करने का अधिकार।
इस अध्याय के प्रावधान न्यायालय की धारा 319 के तहत किसी कारागार में बंद या हिरासत में लिए गए व्यक्ति की गवाह के रूप में जांच के लिए कमीशन जारी करने की शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेंगे; और अध्याय 25 के भाग बी के प्रावधान कारागार में बंद किसी भी व्यक्ति की कमीशन पर जांच के संबंध में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे…
पूरा पढ़ेंधारा 271. कारागार में साक्षी की परीक्षा के लिए कमीशन निकालने की शक्ति
271. कारागार में साक्षी की परीक्षा के लिए कमीशन निकालने की शक्ति इस अध्याय के उपबंध, किसी कारागार में परिरुद्ध या निरुद्ध किसी व्यक्ति की साक्षी के रूप में परीक्षा के लिए धारा 284 के अधीन कमीशन निकालने की न्यायालय की शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होंगे; और अध्याय 23 के भाग ख के उपबंध, कारागार में ऐसे किसी व्यक्ति…
पूरा पढ़ेंन्यायालयों की भाषा।
राज्य सरकार यह निर्धारित कर सकती है कि इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, उच्च न्यायालय के अतिरिक्त राज्य के प्रत्येक न्यायालय की भाषा क्या होगी।
पूरा पढ़ेंधारा 272. न्यायालयों की भाषा
272. न्यायालयों की भाषा राज्य सरकार यह अवधारित कर सकेगी कि इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, उच्च न्यायालय से भिन्न, राज्य के भीतर के हर न्यायालय की भाषा कौन सी होगी।
पूरा पढ़ेंअभियुक्त की उपस्थिति में साक्ष्य लिए जाएंगे।
जब तक कि अन्यथा स्पष्ट रूप से प्रावधान न किया गया हो, मुकदमे या अन्य कार्यवाही के दौरान लिए गए सभी साक्ष्य आरोपी की उपस्थिति में लिए जाएंगे, या, जब उसकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई हो, तो उसके वकील की उपस्थिति में, जिसमें ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के माध्यम से भी, राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले…
पूरा पढ़ेंधारा 273. साक्ष्य का अभियुक्त की उपस्थिति में लिया जाना
273. साक्ष्य का अभियुक्त की उपस्थिति में लिया जाना जैसा अन्यथा अभिव्यक्त रूप से उपबंधित है उसके सिवाय, विचारण या अन्य कार्यवाही के दौरान लिया गया सब साक्ष्य अभियुक्त की उपस्थिति में, अथवा जब उसकी व्यक्तिगत हाजिरी अभिमुक्त कर दी गई हो तब, उसके प्लीडर की उपस्थिति में लिया जाएगा। स्पष्टीकरण—इस धारा में "अभियुक्त" के…
पूरा पढ़ेंसमन मामलों और पूछताछों में दर्ज रिकॉर्ड।
(1) मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारणित सभी समन मामलों में, धारा 164 से 167 (दोनों सहित) के अंतर्गत सभी जाँचों में, और धारा 491 के अंतर्गत मुकदमे की कार्यवाही के अलावा अन्य सभी कार्यवाहियों में, मजिस्ट्रेट प्रत्येक गवाह की परीक्षा आगे बढ़ने पर न्यायालय की भाषा में साक्ष्य के सार का एक ज्ञापन तैयार करेगा: बशर्ते कि यदि…
पूरा पढ़ेंधारा 274. समन-मामलों और जांचों में अभिलेख
274. समन-मामलों और जांचों में अभिलेख (1) मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारित सब समन-मामलों में, धारा 145 से धारा 148 तक (दोनों सहित) के अधीन सब जांचों में, और धारा 446 के अधीन सब कार्यवाहियों में, जो विचारण के दौरान की गई कार्यवाहियों से भिन्न हैं, मजिस्ट्रेट, ज्यों-ज्यों हर साक्षी की परीक्षा आगे बढ़ती है, त्यों-त्यों…
पूरा पढ़ेंवारंट मामलों में रिकॉर्ड।
(1) मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारणित सभी वारंट मामलों में, प्रत्येक गवाह की गवाही, उसकी परीक्षा के दौरान, मजिस्ट्रेट द्वारा स्वयं लिखित रूप में दर्ज की जाएगी। या तो खुले न्यायालय में उनके निर्देशानुसार, या यदि वे शारीरिक या अन्य अक्षमता के कारण ऐसा करने में असमर्थ हों, तो उनके निर्देशन और पर्यवेक्षण में, इस संबंध में उनके…
पूरा पढ़ेंधारा 275. वारंट-मामलों में अभिलेख
275. वारंट-मामलों में अभिलेख (1) मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारित सब वारंट-मामलों में, हर साक्षी का साक्ष्य, ज्यों-ज्यों उसकी परीक्षा आगे बढ़ती है, त्यों-त्यों या तो मजिस्ट्रेट द्वारा स्वयं, या खुले न्यायालय में उसके श्रुतलेख से, अथवा जहां वह शारीरिक या अन्य असमर्थता के कारण ऐसा करने में असमर्थ है वहां उसके निदेश और…
पूरा पढ़ेंसत्र न्यायालय के समक्ष मुकदमे का रिकॉर्ड।
(1) सत्र न्यायालय के समक्ष सभी मुकदमों में, प्रत्येक गवाह की गवाही, जैसे-जैसे उसकी परीक्षा आगे बढ़ती है, या तो पीठासीन न्यायाधीश द्वारा स्वयं लिखित रूप में दर्ज की जाएगी, या खुले न्यायालय में उसके द्वारा लिखित रूप में दर्ज की जाएगी, या उसके निर्देशन और पर्यवेक्षण के अधीन, इस संबंध में उसके द्वारा नियुक्त न्यायालय के…
पूरा पढ़ेंधारा 276. सेशन न्यायालय के समक्ष विचारण में अभिलेख
276. सेशन न्यायालय के समक्ष विचारण में अभिलेख (1) सेशन न्यायालय के समक्ष सब विचारणों में, हर साक्षी का साक्ष्य, ज्यों-ज्यों उसकी परीक्षा आगे बढ़ती है, त्यों-त्यों या तो पीठासीन न्यायाधीश द्वारा स्वयं, या खुले न्यायालय में उसके श्रुतलेख से, अथवा उसके निदेश और अधीक्षण के अधीन न्यायालय के ऐसे अधिकारी द्वारा, जिसे उसने इस…
पूरा पढ़ेंसाक्ष्य के अभिलेख की भाषा।
धारा 310 या धारा 311 के तहत साक्ष्य दर्ज किए जाने वाले प्रत्येक मामले में,--- (क) यदि गवाह न्यायालय की भाषा में साक्ष्य देता है, तो उसे उसी भाषा में दर्ज किया जाएगा; (ख) यदि वह किसी अन्य भाषा में साक्ष्य देता है, तो यदि संभव हो तो उसे उसी भाषा में लिख लिया जाए, और यदि ऐसा करना संभव न हो, तो न्यायालय की भाषा में…
पूरा पढ़ेंधारा 277. साक्ष्य के अभिलेख की भाषा
277. साक्ष्य के अभिलेख की भाषा हर ऐसे मामले में, जिसमें साक्ष्य धारा 275 या धारा 276 के अधीन लेखबद्ध किया जाता है,— (क) यदि साक्षी न्यायालय की भाषा में साक्ष्य देता है तो वह उसी भाषा में लेखबद्ध किया जाएगा; (ख) यदि वह किसी अन्य भाषा में साक्ष्य देता है तो वह, यदि साध्य हो, उसी भाषा में लेखबद्ध किया जा सकेगा, और यदि…
पूरा पढ़ेंऐसे साक्ष्यों से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने पर।
(1) धारा 310 या धारा 311 के तहत लिए गए प्रत्येक गवाह के साक्ष्य के पूरा होने पर, यदि आरोपी उपस्थित हो तो उसकी उपस्थिति में, या यदि वह किसी वकील के माध्यम से उपस्थित हो तो उसके वकील की उपस्थिति में, उसे पढ़कर सुनाया जाएगा, और यदि आवश्यक हो तो उसे सुधारा जाएगा। (2) यदि गवाह साक्ष्य के किसी भाग की सत्यता से इनकार करता है…
पूरा पढ़ेंधारा 278. ऐसे साक्ष्य के पूरा हो जाने पर उसके संबंध में प्रक्रिया
278. ऐसे साक्ष्य के पूरा हो जाने पर उसके संबंध में प्रक्रिया (1) ज्यों ही धारा 275 या धारा 276 के अधीन लिया गया किसी साक्षी का साक्ष्य पूरा हो जाता है, त्यों ही वह अभियुक्त की, यदि वह हाजिर हो, अथवा उसके प्लीडर की, यदि वह प्लीडर द्वारा हाजिर होता है, उपस्थिति में उसे पढ़कर सुनाया जाएगा और, यदि आवश्यक हो तो, शुद्ध किया…
पूरा पढ़ेंअभियुक्त या उसके वकील को साक्ष्यों की व्याख्या करने का अधिकार।
(1) जब भी कोई साक्ष्य ऐसी भाषा में दिया जाए जिसे अभियुक्त न समझता हो, और वह स्वयं न्यायालय में उपस्थित हो, तो उसे खुले न्यायालय में उसकी समझ में आने वाली भाषा में अनुवाद किया जाएगा। (2) यदि वह किसी अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होता है और साक्ष्य न्यायालय की भाषा के अलावा किसी अन्य भाषा में दिया जाता है, और अधिवक्ता…
पूरा पढ़ेंधारा 279. अभियुक्त या उसके प्लीडर के लिए साक्ष्य का विवर्तन
279. अभियुक्त या उसके प्लीडर के लिए साक्ष्य का विवर्तन (1) जब कभी कोई साक्ष्य ऐसी भाषा में दिया जाता है जिसे अभियुक्त नहीं समझता और वह न्यायालय में स्वयं उपस्थित है, तब वह उसे खुले न्यायालय में ऐसी भाषा में विवर्तित किया जाएगा जिसे वह समझता है। (2) यदि वह प्लीडर द्वारा हाजिर होता है और साक्ष्य न्यायालय की भाषा से…
पूरा पढ़ेंगवाह के व्यवहार के संबंध में टिप्पणियाँ।
जब पीठासीन न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट किसी गवाह के साक्ष्य को दर्ज कर लेते हैं, तो वे उस गवाह के परीक्षा के दौरान के व्यवहार के संबंध में ऐसी टिप्पणियां (यदि कोई हो) भी दर्ज करेंगे जिन्हें वे महत्वपूर्ण समझते हैं।
पूरा पढ़ेंधारा 280. साक्षी के हाव-भाव के संबंध में टिप्पणियां
280. साक्षी के हाव-भाव के संबंध में टिप्पणियां जब कोई पीठासीन न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट किसी साक्षी का साक्ष्य अभिलिखित कर चुका है, तब वह ऐसी टिप्पणियां (यदि कोई हों) भी अभिलिखित करेगा, जिन्हें वह उस साक्षी के परीक्षा के दौरान के हाव-भाव के संबंध में तात्त्विक समझता है।
पूरा पढ़ेंअभियुक्त की जांच का रिकॉर्ड।
(1) जब भी किसी मजिस्ट्रेट या सत्र न्यायालय द्वारा अभियुक्त की परीक्षा ली जाती है, तो ऐसी संपूर्ण परीक्षा, जिसमें उससे पूछे गए प्रत्येक प्रश्न और उसके द्वारा दिए गए प्रत्येक उत्तर शामिल हैं, पीठासीन न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट द्वारा स्वयं पूर्ण रूप से दर्ज की जाएगी, या यदि वह शारीरिक या अन्य अक्षमता के कारण ऐसा करने में…
पूरा पढ़ेंधारा 281. अभियुक्त की परीक्षा का अभिलेख
281. अभियुक्त की परीक्षा का अभिलेख (1) जब कभी अभियुक्त की परीक्षा किसी महानगर मजिस्ट्रेट द्वारा की जाती है, तब मजिस्ट्रेट अभियुक्त की परीक्षा के सार का ज्ञापन न्यायालय की भाषा में तैयार करेगा और ऐसा ज्ञापन मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा तथा अभिलेख का भाग होगा। (2) जब कभी अभियुक्त की परीक्षा महानगर मजिस्ट्रेट…
पूरा पढ़ेंदुभाषिया सत्यपूर्वक अनुवाद करने के लिए बाध्य है।
जब किसी आपराधिक न्यायालय द्वारा किसी साक्ष्य या कथन की व्याख्या के लिए किसी दुभाषिए की सेवाओं की आवश्यकता होती है, तो वह ऐसे साक्ष्य या कथन की सही व्याख्या बताने के लिए बाध्य होगा।
पूरा पढ़ेंधारा 282. दुभाषिए का सही-सही विवर्तन करने के लिए आबद्ध होना
282. दुभाषिए का सही-सही विवर्तन करने के लिए आबद्ध होना जब किसी दंड न्यायालय द्वारा किसी साक्ष्य या कथन के विवर्तन के लिए किसी दुभाषिए की सेवाएं अपेक्षित की जाती हैं, तब वह ऐसे साक्ष्य या कथन का सही विवर्तन बताने के लिए आबद्ध होगा।
पूरा पढ़ेंउच्च न्यायालय में दर्ज रिकॉर्ड।
प्रत्येक उच्च न्यायालय सामान्य नियम द्वारा यह निर्धारित कर सकता है कि उसके समक्ष आने वाले मामलों में गवाहों के साक्ष्य और अभियुक्तों की परीक्षा किस प्रकार दर्ज की जाएगी, और ऐसे साक्ष्य और परीक्षा उस नियम के अनुसार दर्ज की जाएगी।
पूरा पढ़ेंधारा 283. उच्च न्यायालय में अभिलेख
283. उच्च न्यायालय में अभिलेख हर उच्च न्यायालय, साधारण नियम द्वारा, वह रीति विहित कर सकेगा जिससे उसके समक्ष आने वाले मामलों में साक्षियों का साक्ष्य और अभियुक्त की परीक्षा लेखबद्ध की जाएगी; और ऐसा साक्ष्य तथा परीक्षा ऐसे नियम के अनुसार लेखबद्ध की जाएगी।
पूरा पढ़ेंजब गवाह की उपस्थिति से छूट दी जा सकती है और कमीशन जारी किया जा सकता है।
(1) जब भी इस संहिता के अंतर्गत किसी जाँच, मुकदमे या अन्य कार्यवाही के दौरान किसी न्यायालय या मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत हो कि न्याय के हित में किसी साक्षी की परीक्षा आवश्यक है, और ऐसी साक्षी की उपस्थिति में विलंब, व्यय या असुविधा की मात्रा इतनी अधिक हो कि मामले की परिस्थितियों में यह अनुचित हो, तो न्यायालय या मजिस्ट्रेट…
पूरा पढ़ेंधारा 284. साक्षी की हाजिरी कब अभिमुक्त की जा सकेगी और कमीशन कब निकाला जा सकेगा
284. साक्षी की हाजिरी कब अभिमुक्त की जा सकेगी और कमीशन कब निकाला जा सकेगा (1) जब कभी इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही के दौरान किसी न्यायालय या मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि न्याय के उद्देश्यों के लिए किसी साक्षी की परीक्षा आवश्यक है और यह कि ऐसे साक्षी की हाजिरी इतने विलंब, व्यय या असुविधा…
पूरा पढ़ेंयह आयोग किसे जारी किया जाना है।
(1) यदि गवाह उन क्षेत्रों के भीतर है जिन पर यह संहिता लागू होती है, तो आयोग उस मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया जाएगा जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में गवाह पाया जाता है। (2) यदि गवाह भारत में है, लेकिन किसी ऐसे राज्य या क्षेत्र में है जिस पर यह संहिता लागू नहीं होती, तो आयोग ऐसे न्यायालय या अधिकारी को…
पूरा पढ़ेंधारा 285. कमीशन किसे जारी किया जाए
285. कमीशन किसे जारी किया जाए (1) यदि साक्षी उन राज्यक्षेत्रों के भीतर है जिन पर इस संहिता का विस्तार है, तो कमीशन उस मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को, जैसी स्थिति हो, निदिष्ट किया जाएगा जिसकी स्थानीय अधिकारिता के भीतर वह साक्षी पाया जाना है। (2) यदि साक्षी भारत में है, किन्तु ऐसे राज्य या…
पूरा पढ़ेंकमीशनों का निष्पादन।
अभियोग प्राप्त होने पर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या ऐसा कोई मजिस्ट्रेट जिसे वह इस संबंध में नियुक्त करे, गवाह को अपने समक्ष बुलाएगा या उस स्थान पर जाएगा जहां गवाह मौजूद है, और उसी प्रकार से उसका साक्ष्य दर्ज करेगा, और इस उद्देश्य के लिए वह इस संहिता के अंतर्गत वारंट-मामलों के परीक्षणों में प्राप्त शक्तियों का ही…
पूरा पढ़ेंधारा 286. कमीशनों का निष्पादन
286. कमीशनों का निष्पादन कमीशन की प्राप्ति पर, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, या ऐसा महानगर मजिस्ट्रेट या न्यायिक मजिस्ट्रेट जिसे वह इस निमित्त नियुक्त करे, साक्षी को अपने समक्ष समन करेगा या उस स्थान को जाएगा जहां साक्षी है, और उसका साक्ष्य उसी रीति से लेखबद्ध करेगा, तथा इस प्रयोजन के लिए वही…
पूरा पढ़ेंपक्षकार गवाहों से पूछताछ कर सकते हैं।
(1) इस संहिता के अंतर्गत किसी भी कार्यवाही में, जिसमें कोई कमीशन जारी किया जाता है, पक्षकार क्रमशः लिखित में कोई भी प्रश्नपत्र भेज सकते हैं, जिसे कमीशन जारी करने वाला न्यायालय या मजिस्ट्रेट मामले से प्रासंगिक समझे, और मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी, जिसे कमीशन जारी करने का निर्देश दिया गया है, या जिसे इसे निष्पादित…
पूरा पढ़ेंधारा 287. पक्षकार साक्षियों की परीक्षा कर सकेंगे
287. पक्षकार साक्षियों की परीक्षा कर सकेंगे (1) इस संहिता के अधीन किसी ऐसी कार्यवाही के पक्षकार, जिसमें कमीशन जारी किया गया है, क्रमशः कोई ऐसी लिखित प्रश्नावली भेज सकेंगे जिसे कमीशन का निदेश देने वाला न्यायालय या मजिस्ट्रेट विवाद्यक के लिए सुसंगत समझे, और उस मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी के लिए, जिसे कमीशन निदिष्ट…
पूरा पढ़ेंकमीशन की वापसी।
(1) धारा 319 के तहत जारी किए गए किसी भी कमीशन पर विधिवत हस्ताक्षर हो जाने के बाद, उसे, उसके अधीन जांचे गए गवाह के बयान सहित, कमीशन जारी करने वाले न्यायालय या मजिस्ट्रेट को लौटा दिया जाएगा; और कमीशन, उसकी प्रति और बयान सभी उचित समय पर पक्षों के निरीक्षण के लिए खुले रहेंगे, और सभी उचित अपवादों के अधीन रहते हुए, किसी भी…
पूरा पढ़ेंधारा 288. कमीशन की वापसी
288. कमीशन की वापसी (1) धारा 284 के अधीन जारी किए गए किसी कमीशन के सम्यक् रूप से निष्पादित हो जाने के पश्चात्, वह उसके अधीन परीक्षित साक्षी के अभिसाक्ष्य सहित, कमीशन जारी करने वाले न्यायालय या मजिस्ट्रेट को लौटाया जाएगा; और वह कमीशन, उस पर की गई वापसी तथा अभिसाक्ष्य सभी उचित समयों पर पक्षकारों के निरीक्षण के लिए खुले…
पूरा पढ़ेंकार्यवाही स्थगित।
धारा 319 के तहत आयोग जारी किए जाने वाले प्रत्येक मामले में, आयोग के निष्पादन और वापसी के लिए यथोचित रूप से पर्याप्त निर्दिष्ट समय के लिए जांच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही स्थगित की जा सकती है।
पूरा पढ़ेंधारा 289. कार्यवाही का स्थगन
289. कार्यवाही का स्थगन हर मामले में, जिसमें धारा 284 के अधीन कमीशन निकाला जाता है, जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही कमीशन के निष्पादन और वापसी के लिए युक्तियुक्त रूप से पर्याप्त विनिर्दिष्ट समय के लिए स्थगित की जा सकेगी।
पूरा पढ़ेंविदेशी आयोगों का निष्पादन।
(1) धारा 321 के प्रावधान और धारा 322 और धारा 323 के वे प्रावधान जो किसी आयोग के निष्पादन और उसकी वापसी से संबंधित हैं, न्यायालयों, न्यायाधीशों या मजिस्ट्रेटों द्वारा जारी किए गए आयोगों के संबंध में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे धारा 319 के तहत जारी किए गए आयोगों पर लागू होते हैं। (2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट न्यायालय,…
पूरा पढ़ेंधारा 290. विदेशी कमीशनों का निष्पादन
290. विदेशी कमीशनों का निष्पादन (1) धारा 286 के उपबंध तथा धारा 287 और धारा 288 के वे उपबंध, जहां तक वे किसी कमीशन के निष्पादन और उसकी वापसी से संबंधित हैं, इसमें इसके पश्चात् वर्णित न्यायालयों, न्यायाधीशों या मजिस्ट्रेटों में से किसी के द्वारा जारी किए गए कमीशनों के संबंध में वैसे ही लागू होंगे जैसे वे धारा 284 के…
पूरा पढ़ेंचिकित्सा गवाह का बयान।
(1) सिविल सर्जन या अन्य चिकित्सा गवाह का बयान, जो किसी मजिस्ट्रेट द्वारा अभियुक्त की उपस्थिति में लिया और सत्यापित किया गया हो, या इस अध्याय के तहत कमीशन पर लिया गया हो, इस संहिता के तहत किसी भी जांच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में दिया जा सकता है, भले ही बयान देने वाले को गवाह के रूप में न बुलाया…
पूरा पढ़ेंधारा 291. चिकित्सीय साक्षी का अभिसाक्ष्य
291. चिकित्सीय साक्षी का अभिसाक्ष्य (1) किसी सिविल सर्जन या अन्य चिकित्सीय साक्षी का ऐसा अभिसाक्ष्य, जो अभियुक्त की उपस्थिति में किसी मजिस्ट्रेट द्वारा लिया गया और अनुप्रमाणित किया गया है, या जो इस अध्याय के अधीन कमीशन पर लिया गया है, इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य में दिया जा सकेगा,…
पूरा पढ़ेंमजिस्ट्रेट की पहचान रिपोर्ट।
(1) किसी व्यक्ति या संपत्ति के संबंध में किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर से पहचान रिपोर्ट होने का दावा करने वाला कोई भी दस्तावेज इस संहिता के तहत किसी भी जांच, मुकदमे या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, भले ही ऐसे मजिस्ट्रेट को गवाह के रूप में न बुलाया गया हो। बशर्ते कि यदि ऐसी…
पूरा पढ़ेंधारा 291A. मजिस्ट्रेट की शिनाख्त रिपोर्ट
291A. मजिस्ट्रेट की शिनाख्त रिपोर्ट (1) कोई दस्तावेज, जो किसी व्यक्ति या संपत्ति के संबंध में किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर के अधीन शिनाख्त की रिपोर्ट होना तात्पर्यित है, इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में उपयोग में लाया जा सकेगा, यद्यपि ऐसा मजिस्ट्रेट साक्षी के रूप…
पूरा पढ़ेंटकसाल के अधिकारियों के साक्ष्य।
(1) कोई भी दस्तावेज जो किसी टकसाल या किसी नोट मुद्रण प्रेस या किसी सुरक्षा मुद्रण प्रेस (जिसमें स्टाम्प और स्टेशनरी नियंत्रक का अधिकारी भी शामिल है) या किसी फोरेंसिक विभाग या फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभाग या किसी सरकारी संदिग्ध दस्तावेज परीक्षक या किसी राज्य संदिग्ध दस्तावेज परीक्षक के राजपत्रित अधिकारी…
पूरा पढ़ेंटकसाल के अधिकारियों के साक्ष्य।
(1) कोई भी दस्तावेज, जो किसी टकसाल या नोट मुद्रण प्रेस या सुरक्षा मुद्रण प्रेस (स्टाम्प और स्टेशनरी नियंत्रक के अधिकारी सहित) या किसी फोरेंसिक विभाग या फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभाग या किसी सरकारी संदिग्ध दस्तावेज परीक्षक या किसी राज्य संदिग्ध दस्तावेज परीक्षक, जैसा भी मामला हो, के किसी अधिकारी द्वारा इस…
पूरा पढ़ेंकुछ सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें।
(1) कोई भी दस्तावेज, जो किसी सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ द्वारा, जिस पर यह धारा लागू होती है, किसी मामले या वस्तु पर, जिसे इस संहिता के अंतर्गत किसी कार्यवाही में जांच या विश्लेषण तथा रिपोर्ट के लिए विधिवत प्रस्तुत किया गया हो, इस संहिता के अंतर्गत किसी जांच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में प्रयोग किया…
पूरा पढ़ेंधारा 293. कतिपय सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें
293. कतिपय सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें (1) कोई दस्तावेज, जो ऐसे सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ के, जिसे यह धारा लागू होती है, हस्ताक्षर के अधीन किसी ऐसी बात या वस्तु के बारे में रिपोर्ट होना तात्पर्यित है, जो इस संहिता के अधीन किसी कार्यवाही के अनुक्रम में परीक्षा या विश्लेषण और रिपोर्ट के लिए उसे सम्यक् रूप…
पूरा पढ़ेंकुछ दस्तावेजों का कोई औपचारिक प्रमाण नहीं है।
(1) जहां अभियोजन पक्ष या आरोपी द्वारा किसी न्यायालय के समक्ष कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया जाता है, तो ऐसे प्रत्येक दस्तावेज का विवरण एक सूची में शामिल किया जाएगा और अभियोजन पक्ष या आरोपी या अभियोजन पक्ष या आरोपी के वकील, यदि कोई हो, को ऐसे दस्तावेजों की आपूर्ति के तुरंत बाद और किसी भी स्थिति में ऐसी आपूर्ति के तीस दिनों…
पूरा पढ़ेंधारा 294. कुछ दस्तावेजों का औपचारिक रूप से साबित किया जाना आवश्यक नहीं
294. कुछ दस्तावेजों का औपचारिक रूप से साबित किया जाना आवश्यक नहीं (1) जहां अभियोजन या अभियुक्त द्वारा किसी न्यायालय के समक्ष कोई दस्तावेज फाइल किया जाता है, वहां ऐसे प्रत्येक दस्तावेज की विशिष्टियां एक सूची में सम्मिलित की जाएंगी और अभियोजन या अभियुक्त से, या यथास्थिति, अभियोजन या अभियुक्त के अधिवक्ता से, यदि कोई हो,…
पूरा पढ़ेंलोक सेवकों के आचरण के प्रमाण स्वरूप शपथ पत्र।
जब इस संहिता के अंतर्गत किसी जांच, मुकदमे या अन्य कार्यवाही के दौरान किसी न्यायालय में कोई आवेदन किया जाता है और उसमें किसी लोक सेवक के संबंध में आरोप लगाए जाते हैं, तो आवेदक हलफनामे के माध्यम से आवेदन में लगाए गए तथ्यों का साक्ष्य दे सकता है, और न्यायालय, यदि उचित समझे, तो ऐसे तथ्यों से संबंधित साक्ष्य देने का आदेश…
पूरा पढ़ेंधारा 295. लोक सेवकों के आचरण के सबूत में शपथपत्र
295. लोक सेवकों के आचरण के सबूत में शपथपत्र जब इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही के अनुक्रम में किसी न्यायालय को कोई आवेदन किया जाता है और उसमें किसी लोक सेवक के बारे में अभिकथन किए जाते हैं, तब आवेदक आवेदन में अभिकथित तथ्यों का साक्ष्य शपथपत्र द्वारा दे सकेगा, और न्यायालय, यदि वह ठीक समझे तो, यह…
पूरा पढ़ेंशपथपत्र पर औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य।
(1) किसी ऐसे व्यक्ति का साक्ष्य, जिसका साक्ष्य औपचारिक प्रकृति का हो, शपथपत्र द्वारा दिया जा सकता है और सभी उचित अपवादों के अधीन रहते हुए, इस संहिता के अधीन किसी भी जांच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में पढ़ा जा सकता है। (2) न्यायालय, यदि उचित समझे, और अभियोजन पक्ष या अभियुक्त के आवेदन पर, किसी भी ऐसे…
पूरा पढ़ेंधारा 296. औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य का शपथपत्र पर दिया जाना
296. औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य का शपथपत्र पर दिया जाना (1) किसी ऐसे व्यक्ति का साक्ष्य, जिसका साक्ष्य औपचारिक प्रकृति का है, शपथपत्र द्वारा दिया जा सकेगा और सभी न्यायोचित अपवादों के अधीन रहते हुए, इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य में पढ़ा जा सकेगा। (2) न्यायालय, यदि वह ठीक समझे तो,…
पूरा पढ़ेंवे प्राधिकारी जिनके समक्ष शपथपत्र दाखिल किए जा सकते हैं।
(1) इस संहिता के अंतर्गत किसी न्यायालय के समक्ष प्रयोग किए जाने वाले शपथपत्र निम्नलिखित के समक्ष शपथपूर्वक या प्रतिज्ञापूर्वक दिए जा सकते हैं--- (क) कोई न्यायाधीश या न्यायिक या कार्यकारी मजिस्ट्रेट; या (ख) उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय द्वारा नियुक्त कोई शपथ आयुक्त; या (ग) नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का 53) के तहत…
पूरा पढ़ेंधारा 297. वे प्राधिकारी जिनके समक्ष शपथपत्रों पर शपथ ली जा सकेगी
297. वे प्राधिकारी जिनके समक्ष शपथपत्रों पर शपथ ली जा सकेगी (1) इस संहिता के अधीन किसी न्यायालय के समक्ष उपयोग में लाए जाने वाले शपथपत्रों पर— (क) किसी न्यायाधीश या किसी न्यायिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष, या (ख) किसी उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय द्वारा नियुक्त किसी शपथ आयुक्त के समक्ष, या (ग) नोटरी अधिनियम,…
पूरा पढ़ेंपूर्व दोषसिद्धि या बरी होने का प्रमाण कैसे सिद्ध हुआ।
इस संहिता के अंतर्गत किसी भी जांच, मुकदमे या अन्य कार्यवाही में, किसी भी कानून द्वारा वर्तमान में लागू किसी अन्य तरीके के अतिरिक्त, पूर्व दोषसिद्धि या बरी होने को भी सिद्ध किया जा सकता है। (क) उस न्यायालय के अभिलेखों की अभिरक्षा रखने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर द्वारा प्रमाणित एक उद्धरण द्वारा, जिसमें ऐसी दोषसिद्धि या…
पूरा पढ़ेंधारा 298. पूर्व दोषसिद्धि या दोषमुक्ति किस प्रकार साबित की जाए
298. पूर्व दोषसिद्धि या दोषमुक्ति किस प्रकार साबित की जाए इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में, पूर्व दोषसिद्धि या दोषमुक्ति, तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा उपबंधित किसी अन्य रीति के अतिरिक्त,— (क) उस न्यायालय के, जिसमें ऐसी दोषसिद्धि या दोषमुक्ति हुई थी, अभिलेखों की अभिरक्षा रखने वाले अधिकारी…
पूरा पढ़ेंअभियुक्त की अनुपस्थिति में साक्ष्यों का अभिलेख।
(1) यदि यह सिद्ध हो जाए कि कोई अभियुक्त फरार हो गया है, और उसे तुरंत गिरफ्तार करने की कोई संभावना नहीं है, तो अभियोजित अपराध के लिए उस व्यक्ति पर मुकदमा चलाने या उसे मुकदमे के लिए भेजने के लिए सक्षम न्यायालय, उसकी अनुपस्थिति में, अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों (यदि कोई हो) की जांच कर सकता है और उनके बयान दर्ज…
पूरा पढ़ेंधारा 299. अभियुक्त की अनुपस्थिति में साक्ष्य का अभिलेखन
299. अभियुक्त की अनुपस्थिति में साक्ष्य का अभिलेखन (1) यदि यह साबित हो जाता है कि कोई अभियुक्त व्यक्ति फरार हो गया है और उसके गिरफ्तार किए जाने की तुरंत कोई संभावना नहीं है, तो वह न्यायालय, जो परिवादित अपराध के लिए ऐसे व्यक्ति का विचारण करने के लिए या उसे विचारण के लिए सुपुर्द करने के लिए सक्षम है, उसकी अनुपस्थिति…
पूरा पढ़ें- BNSS §306CRPC §271
जेल में बंद गवाहों की जांच के लिए आयोग जारी करने का अधिकार।
धारा 271. कारागार में साक्षी की परीक्षा के लिए कमीशन निकालने की शक्ति
- BNSS §307CRPC §272
न्यायालयों की भाषा।
धारा 272. न्यायालयों की भाषा
- BNSS §308CRPC §273बदलाव हुआ
अभियुक्त की उपस्थिति में साक्ष्य लिए जाएंगे।
धारा 273. साक्ष्य का अभियुक्त की उपस्थिति में लिया जाना
- BNSS §309CRPC §274
समन मामलों और पूछताछों में दर्ज रिकॉर्ड।
धारा 274. समन-मामलों और जांचों में अभिलेख
- BNSS §310CRPC §275
वारंट मामलों में रिकॉर्ड।
धारा 275. वारंट-मामलों में अभिलेख
- BNSS §311CRPC §276
सत्र न्यायालय के समक्ष मुकदमे का रिकॉर्ड।
धारा 276. सेशन न्यायालय के समक्ष विचारण में अभिलेख
- BNSS §312CRPC §277
साक्ष्य के अभिलेख की भाषा।
धारा 277. साक्ष्य के अभिलेख की भाषा
- BNSS §313CRPC §278बदलाव हुआ
ऐसे साक्ष्यों से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने पर।
धारा 278. ऐसे साक्ष्य के पूरा हो जाने पर उसके संबंध में प्रक्रिया
- BNSS §314CRPC §279
अभियुक्त या उसके वकील को साक्ष्यों की व्याख्या करने का अधिकार।
धारा 279. अभियुक्त या उसके प्लीडर के लिए साक्ष्य का विवर्तन
- BNSS §315CRPC §280
गवाह के व्यवहार के संबंध में टिप्पणियाँ।
धारा 280. साक्षी के हाव-भाव के संबंध में टिप्पणियां
- BNSS §316CRPC §281बदलाव हुआ
अभियुक्त की जांच का रिकॉर्ड।
धारा 281. अभियुक्त की परीक्षा का अभिलेख
- BNSS §317CRPC §282
दुभाषिया सत्यपूर्वक अनुवाद करने के लिए बाध्य है।
धारा 282. दुभाषिए का सही-सही विवर्तन करने के लिए आबद्ध होना
- BNSS §318CRPC §283
उच्च न्यायालय में दर्ज रिकॉर्ड।
धारा 283. उच्च न्यायालय में अभिलेख
- BNSS §319CRPC §284
जब गवाह की उपस्थिति से छूट दी जा सकती है और कमीशन जारी किया जा सकता है।
धारा 284. साक्षी की हाजिरी कब अभिमुक्त की जा सकेगी और कमीशन कब निकाला जा सकेगा
- BNSS §320CRPC §285
यह आयोग किसे जारी किया जाना है।
धारा 285. कमीशन किसे जारी किया जाए
- BNSS §321CRPC §286
कमीशनों का निष्पादन।
धारा 286. कमीशनों का निष्पादन
- BNSS §322CRPC §287
पक्षकार गवाहों से पूछताछ कर सकते हैं।
धारा 287. पक्षकार साक्षियों की परीक्षा कर सकेंगे
- BNSS §323CRPC §288
कमीशन की वापसी।
धारा 288. कमीशन की वापसी
- BNSS §324CRPC §289
कार्यवाही स्थगित।
धारा 289. कार्यवाही का स्थगन
- BNSS §325CRPC §290
विदेशी आयोगों का निष्पादन।
धारा 290. विदेशी कमीशनों का निष्पादन
- BNSS §326CRPC §291
चिकित्सा गवाह का बयान।
धारा 291. चिकित्सीय साक्षी का अभिसाक्ष्य
- BNSS §327CRPC §291A
मजिस्ट्रेट की पहचान रिपोर्ट।
धारा 291A. मजिस्ट्रेट की शिनाख्त रिपोर्ट
- BNSS §328CRPC §292
टकसाल के अधिकारियों के साक्ष्य।
- BNSS §329CRPC §293
कुछ सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें।
धारा 293. कतिपय सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें
- BNSS §330CRPC §294बदलाव हुआ
कुछ दस्तावेजों का कोई औपचारिक प्रमाण नहीं है।
धारा 294. कुछ दस्तावेजों का औपचारिक रूप से साबित किया जाना आवश्यक नहीं
- BNSS §331CRPC §295
लोक सेवकों के आचरण के प्रमाण स्वरूप शपथ पत्र।
धारा 295. लोक सेवकों के आचरण के सबूत में शपथपत्र
- BNSS §332CRPC §296
शपथपत्र पर औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य।
धारा 296. औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य का शपथपत्र पर दिया जाना
- BNSS §333CRPC §297
वे प्राधिकारी जिनके समक्ष शपथपत्र दाखिल किए जा सकते हैं।
धारा 297. वे प्राधिकारी जिनके समक्ष शपथपत्रों पर शपथ ली जा सकेगी
- BNSS §334CRPC §298
पूर्व दोषसिद्धि या बरी होने का प्रमाण कैसे सिद्ध हुआ।
धारा 298. पूर्व दोषसिद्धि या दोषमुक्ति किस प्रकार साबित की जाए
- BNSS §335CRPC §299
अभियुक्त की अनुपस्थिति में साक्ष्यों का अभिलेख।
धारा 299. अभियुक्त की अनुपस्थिति में साक्ष्य का अभिलेखन
