The Telecommunications Act, 2023. 4अध्याय II · Powers of Authorisation and Assignment
धारा 4 · स्पेक्ट्रम का आवंटन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार, जनता की ओर से स्पेक्ट्रम की स्वामी होने के नाते, इस अधिनियम के अनुसार स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी और समय-समय पर राष्ट्रीय आवृत्ति आवंटन योजना अधिसूचित कर सकती है।
(2) स्पेक्ट्रम का उपयोग करने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति केंद्र सरकार से आवंटन की मांग करेगा।
(3) केंद्र सरकार स्पेक्ट्रम के ऐसे आवंटन के लिए ऐसी शर्तें और नियम निर्धारित कर सकती है, जो लागू हों, जिनमें आवृत्ति सीमा, मूल्य निर्धारण पद्धति, मूल्य, शुल्क और प्रभार, भुगतान तंत्र, अवधि और प्रक्रिया शामिल हैं।
(4) केंद्र सरकार दूरसंचार के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के माध्यम से करेगी, सिवाय प्रथम अनुसूची में सूचीबद्ध प्रविष्टियों के लिए, जिनके लिए आवंटन प्रशासनिक प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा।
स्पष्टीकरण.—इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) “प्रशासनिक प्रक्रिया” का अर्थ है नीलामी आयोजित किए बिना स्पेक्ट्रम का आवंटन;
(ख) “नीलामी” से तात्पर्य स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए बोली प्रक्रिया से है।
(5) (क) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा स्पेक्ट्रम के आवंटन हेतु प्रथम अनुसूची में संशोधन कर सकती है—
(i) जनहित की पूर्ति के लिए; या
(ii) सरकारी कार्य करने के लिए; या
(iii) ऐसे मामलों में जहां तकनीकी या आर्थिक कारणों से स्पेक्ट्रम की नीलामी आवंटन का पसंदीदा तरीका नहीं है।
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट अधिसूचना संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।
(6) केंद्र सरकार, यदि वह यह निर्धारित करे कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक है, तो निम्नलिखित को छूट दे सकती है:—
(क) उपधारा (2) के अधीन आवंटन की आवश्यकता से, ऐसे तरीके से जैसा निर्धारित किया जाए; और
(ख) अधिसूचना द्वारा, निर्दिष्ट आवृत्तियों और मापदंडों के भीतर विशिष्ट उपयोगों को उप-धारा (2) की आवश्यकताओं से मुक्त किया जाएगा।
(7) भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 (13 ऑफ 1885) और भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 (17 ऑफ 1933) के तहत नियुक्त दिन से पहले स्पेक्ट्रम के उपयोग के संबंध में दी गई कोई भी छूट इस अधिनियम के तहत जारी रहेगी, जब तक कि केंद्र सरकार द्वारा अन्यथा अधिसूचित न किया जाए।
(8) नियुक्त दिन से पहले प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित कोई भी स्पेक्ट्रम, नियुक्त दिन से पाँच वर्ष की अवधि के लिए, या ऐसे आवंटन की समाप्ति तिथि तक, जो भी पहले हो, उन शर्तों और नियमों पर वैध बना रहेगा जिन पर इसे आवंटित किया गया था।
(9) निर्धारित दिन से पहले नीलामी के माध्यम से आवंटित कोई भी स्पेक्ट्रम उन शर्तों और नियमों पर वैध बना रहेगा जिन पर इसे आवंटित किया गया था।
(2) स्पेक्ट्रम का उपयोग करने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति केंद्र सरकार से आवंटन की मांग करेगा।
(3) केंद्र सरकार स्पेक्ट्रम के ऐसे आवंटन के लिए ऐसी शर्तें और नियम निर्धारित कर सकती है, जो लागू हों, जिनमें आवृत्ति सीमा, मूल्य निर्धारण पद्धति, मूल्य, शुल्क और प्रभार, भुगतान तंत्र, अवधि और प्रक्रिया शामिल हैं।
(4) केंद्र सरकार दूरसंचार के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के माध्यम से करेगी, सिवाय प्रथम अनुसूची में सूचीबद्ध प्रविष्टियों के लिए, जिनके लिए आवंटन प्रशासनिक प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा।
स्पष्टीकरण.—इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) “प्रशासनिक प्रक्रिया” का अर्थ है नीलामी आयोजित किए बिना स्पेक्ट्रम का आवंटन;
(ख) “नीलामी” से तात्पर्य स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए बोली प्रक्रिया से है।
(5) (क) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा स्पेक्ट्रम के आवंटन हेतु प्रथम अनुसूची में संशोधन कर सकती है—
(i) जनहित की पूर्ति के लिए; या
(ii) सरकारी कार्य करने के लिए; या
(iii) ऐसे मामलों में जहां तकनीकी या आर्थिक कारणों से स्पेक्ट्रम की नीलामी आवंटन का पसंदीदा तरीका नहीं है।
(ख) खंड (क) में निर्दिष्ट अधिसूचना संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।
(6) केंद्र सरकार, यदि वह यह निर्धारित करे कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक है, तो निम्नलिखित को छूट दे सकती है:—
(क) उपधारा (2) के अधीन आवंटन की आवश्यकता से, ऐसे तरीके से जैसा निर्धारित किया जाए; और
(ख) अधिसूचना द्वारा, निर्दिष्ट आवृत्तियों और मापदंडों के भीतर विशिष्ट उपयोगों को उप-धारा (2) की आवश्यकताओं से मुक्त किया जाएगा।
(7) भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 (13 ऑफ 1885) और भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 (17 ऑफ 1933) के तहत नियुक्त दिन से पहले स्पेक्ट्रम के उपयोग के संबंध में दी गई कोई भी छूट इस अधिनियम के तहत जारी रहेगी, जब तक कि केंद्र सरकार द्वारा अन्यथा अधिसूचित न किया जाए।
(8) नियुक्त दिन से पहले प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित कोई भी स्पेक्ट्रम, नियुक्त दिन से पाँच वर्ष की अवधि के लिए, या ऐसे आवंटन की समाप्ति तिथि तक, जो भी पहले हो, उन शर्तों और नियमों पर वैध बना रहेगा जिन पर इसे आवंटित किया गया था।
(9) निर्धारित दिन से पहले नीलामी के माध्यम से आवंटित कोई भी स्पेक्ट्रम उन शर्तों और नियमों पर वैध बना रहेगा जिन पर इसे आवंटित किया गया था।
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