NMC Act 33अध्याय V · Autonomous Boards
धारा 33 · व्यक्तियों को वकालत करने का लाइसेंस प्राप्त करने और राष्ट्रीय रजिस्टर या राज्य रजिस्टर में नामांकित होने का अधिकार और इससे संबंधित उनके दायित्व।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 15 के तहत आयोजित राष्ट्रीय निकास परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा का अभ्यास करने का लाइसेंस दिया जाएगा और उसका नाम और योग्यताएं राष्ट्रीय रजिस्टर या राज्य रजिस्टर में, जैसा भी मामला हो, दर्ज की जाएंगी:
बशर्ते कि कोई व्यक्ति जो इस अधिनियम के लागू होने से पहले और धारा 15 की उपधारा (3) के तहत राष्ट्रीय निकास परीक्षा के संचालन से पहले भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 (102 ऑफ 1956) के तहत अनुरक्षित भारतीय चिकित्सा रजिस्टर में पंजीकृत है, उसे इस अधिनियम के तहत पंजीकृत माना जाएगा और इस अधिनियम के तहत अनुरक्षित राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकित माना जाएगा।
(2) कोई भी व्यक्ति जिसने भारत के बाहर किसी देश में स्थापित चिकित्सा संस्थान से चिकित्सा योग्यता प्राप्त की है और उस देश में चिकित्सा व्यवसायी के रूप में मान्यता प्राप्त है, इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद और धारा 15 की उपधारा (3) के तहत राष्ट्रीय निकास परीक्षा के संचालन में आने के बाद, राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकित नहीं किया जाएगा, जब तक कि वह राष्ट्रीय निकास परीक्षा उत्तीर्ण न कर ले।
(3) जब कोई व्यक्ति जिसका नाम राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में दर्ज है, विज्ञान या सार्वजनिक स्वास्थ्य या चिकित्सा में प्रवीणता के लिए कोई उपाधि, डिप्लोमा या अन्य योग्यता प्राप्त करता है, जो धारा 35 या धारा 36 के तहत मान्यता प्राप्त चिकित्सा योग्यता है, तो वह राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में अपने नाम के सामने ऐसी उपाधि, डिप्लोमा या योग्यता दर्ज कराने का हकदार होगा, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
बशर्ते कि कोई व्यक्ति जो इस अधिनियम के लागू होने से पहले और धारा 15 की उपधारा (3) के तहत राष्ट्रीय निकास परीक्षा के संचालन से पहले भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 (102 ऑफ 1956) के तहत अनुरक्षित भारतीय चिकित्सा रजिस्टर में पंजीकृत है, उसे इस अधिनियम के तहत पंजीकृत माना जाएगा और इस अधिनियम के तहत अनुरक्षित राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकित माना जाएगा।
(2) कोई भी व्यक्ति जिसने भारत के बाहर किसी देश में स्थापित चिकित्सा संस्थान से चिकित्सा योग्यता प्राप्त की है और उस देश में चिकित्सा व्यवसायी के रूप में मान्यता प्राप्त है, इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद और धारा 15 की उपधारा (3) के तहत राष्ट्रीय निकास परीक्षा के संचालन में आने के बाद, राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकित नहीं किया जाएगा, जब तक कि वह राष्ट्रीय निकास परीक्षा उत्तीर्ण न कर ले।
(3) जब कोई व्यक्ति जिसका नाम राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में दर्ज है, विज्ञान या सार्वजनिक स्वास्थ्य या चिकित्सा में प्रवीणता के लिए कोई उपाधि, डिप्लोमा या अन्य योग्यता प्राप्त करता है, जो धारा 35 या धारा 36 के तहत मान्यता प्राप्त चिकित्सा योग्यता है, तो वह राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में अपने नाम के सामने ऐसी उपाधि, डिप्लोमा या योग्यता दर्ज कराने का हकदार होगा, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
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