ITBPF Act 16अध्याय III · Offences
धारा 16 · शत्रु या आतंकवादी से संबंधित अपराध, जिनके लिए मृत्युदंड दिया जा सकता है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम के अधीन कोई भी व्यक्ति जो निम्नलिखित में से कोई भी अपराध करता है, अर्थात्—
(क) अपने प्रभार में सौंपे गए या जिसकी रक्षा करना उसका कर्तव्य है, ऐसे किसी पद, स्थान या सुरक्षा को शर्मनाक ढंग से त्याग देता है या सौंप देता है; या
(ख) जानबूझकर किसी ऐसे व्यक्ति को, जो इस अधिनियम या संघ की सेना, नौसेना, वायु सेना या किसी अन्य सशस्त्र बल से संबंधित किसी अन्य कानून के अधीन है, शत्रु के विरुद्ध कार्रवाई करने से रोकने या ऐसे व्यक्ति को शत्रु के विरुद्ध कार्रवाई करने से हतोत्साहित करने के लिए किसी भी साधन का प्रयोग करता है; या
(ग) शत्रु या आतंकवादी की उपस्थिति में, अपने शस्त्र, गोला-बारूद, औजार या उपकरण को शर्मनाक ढंग से फेंक देता है या इस प्रकार दुर्व्यवहार करता है जिससे कायरता प्रदर्शित होती है; या
(घ) शत्रु, आतंकवादी या संघ के विरुद्ध हथियारबंद किसी भी व्यक्ति के साथ विश्वासघातपूर्वक पत्राचार करता है या उन्हें खुफिया जानकारी देता है; या
(ई) प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शत्रु या आतंकवादी को धन, हथियार, गोला-बारूद, भंडार या आपूर्ति या किसी भी अन्य तरीके से सहायता प्रदान करता है; या
(f) शत्रु या आतंकवादी के विरुद्ध सक्रिय अभियान के समय, जानबूझकर कार्रवाई, शिविर, आवास या सूचना क्षेत्र में झूठी चेतावनी उत्पन्न करना या ऐसी रिपोर्ट फैलाना या फैलवाना जो भय या निराशा उत्पन्न करने के उद्देश्य से हो; या
(जी) कार्रवाई के समय अपने कमांडिंग ऑफिसर या अन्य वरिष्ठ अधिकारी या अपने पद, गार्ड, पिकेट, गश्ती दल या पार्टी को नियमित रूप से कार्यमुक्त किए बिना या छुट्टी लिए बिना छोड़ देता है; या
(h) शत्रु द्वारा बंदी बना लिए जाने या युद्धबंदी बना लिए जाने के बाद, स्वेच्छा से शत्रु की सेवा करता है या उसकी सहायता करता है; या
(i) जानबूझकर किसी शत्रु को शरण देता है या उसकी रक्षा करता है, जबकि वह स्वयं कैदी न हो; या
(j) शत्रु के विरुद्ध सक्रिय अभियान या खतरे की स्थिति में संतरी रहते हुए, अपनी चौकी पर सो जाता है या नशे में होता है; या
(k) जानबूझकर ऐसा कोई कार्य करता है जिससे भारत की सेना या सैन्य, नौसेना या वायु सेना या उसके साथ सहयोग करने वाली किसी भी सेना या ऐसी सेनाओं के किसी भी भाग की सफलता खतरे में पड़ जाए।
बल न्यायालय द्वारा दोषी पाए जाने पर, उसे मृत्युदंड या इस अधिनियम में उल्लिखित ऐसी कम सजा भुगतनी पड़ सकती है।
(क) अपने प्रभार में सौंपे गए या जिसकी रक्षा करना उसका कर्तव्य है, ऐसे किसी पद, स्थान या सुरक्षा को शर्मनाक ढंग से त्याग देता है या सौंप देता है; या
(ख) जानबूझकर किसी ऐसे व्यक्ति को, जो इस अधिनियम या संघ की सेना, नौसेना, वायु सेना या किसी अन्य सशस्त्र बल से संबंधित किसी अन्य कानून के अधीन है, शत्रु के विरुद्ध कार्रवाई करने से रोकने या ऐसे व्यक्ति को शत्रु के विरुद्ध कार्रवाई करने से हतोत्साहित करने के लिए किसी भी साधन का प्रयोग करता है; या
(ग) शत्रु या आतंकवादी की उपस्थिति में, अपने शस्त्र, गोला-बारूद, औजार या उपकरण को शर्मनाक ढंग से फेंक देता है या इस प्रकार दुर्व्यवहार करता है जिससे कायरता प्रदर्शित होती है; या
(घ) शत्रु, आतंकवादी या संघ के विरुद्ध हथियारबंद किसी भी व्यक्ति के साथ विश्वासघातपूर्वक पत्राचार करता है या उन्हें खुफिया जानकारी देता है; या
(ई) प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शत्रु या आतंकवादी को धन, हथियार, गोला-बारूद, भंडार या आपूर्ति या किसी भी अन्य तरीके से सहायता प्रदान करता है; या
(f) शत्रु या आतंकवादी के विरुद्ध सक्रिय अभियान के समय, जानबूझकर कार्रवाई, शिविर, आवास या सूचना क्षेत्र में झूठी चेतावनी उत्पन्न करना या ऐसी रिपोर्ट फैलाना या फैलवाना जो भय या निराशा उत्पन्न करने के उद्देश्य से हो; या
(जी) कार्रवाई के समय अपने कमांडिंग ऑफिसर या अन्य वरिष्ठ अधिकारी या अपने पद, गार्ड, पिकेट, गश्ती दल या पार्टी को नियमित रूप से कार्यमुक्त किए बिना या छुट्टी लिए बिना छोड़ देता है; या
(h) शत्रु द्वारा बंदी बना लिए जाने या युद्धबंदी बना लिए जाने के बाद, स्वेच्छा से शत्रु की सेवा करता है या उसकी सहायता करता है; या
(i) जानबूझकर किसी शत्रु को शरण देता है या उसकी रक्षा करता है, जबकि वह स्वयं कैदी न हो; या
(j) शत्रु के विरुद्ध सक्रिय अभियान या खतरे की स्थिति में संतरी रहते हुए, अपनी चौकी पर सो जाता है या नशे में होता है; या
(k) जानबूझकर ऐसा कोई कार्य करता है जिससे भारत की सेना या सैन्य, नौसेना या वायु सेना या उसके साथ सहयोग करने वाली किसी भी सेना या ऐसी सेनाओं के किसी भी भाग की सफलता खतरे में पड़ जाए।
बल न्यायालय द्वारा दोषी पाए जाने पर, उसे मृत्युदंड या इस अधिनियम में उल्लिखित ऐसी कम सजा भुगतनी पड़ सकती है।
अपराध एक नज़र में
- विचारण न्यायालय
- कोर्ट-मार्शल (बल का अपना न्यायालय)
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
