ITBPF Act 13अध्याय II · Constitution of the Force and Conditions or Service of the Members of the Force
धारा 13 · संगठन बनाने के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आदि से संबंधित प्रतिबंध।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अधीन कोई भी व्यक्ति, केंद्र सरकार या निर्धारित प्राधिकारी की पूर्व लिखित स्वीकृति के बिना, निम्नलिखित कार्य नहीं करेगा:—
(क) किसी ट्रेड यूनियन, श्रमिक संघ, राजनीतिक संघ या ट्रेड यूनियनों, श्रमिक संघों या राजनीतिक संघों के किसी वर्ग का सदस्य होना या किसी भी प्रकार से उनसे संबद्ध होना; या
(ख) किसी ऐसे समाज, संस्था, संघ या संगठन का सदस्य होना या उससे किसी भी तरह से जुड़ा होना जो बल के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है या जो विशुद्ध रूप से सामाजिक, मनोरंजक या धार्मिक प्रकृति का नहीं है; या
(ग) प्रेस से संवाद करना या कोई पुस्तक, पत्र या अन्य दस्तावेज प्रकाशित करना या प्रकाशित करवाना, सिवाय इसके कि ऐसा संवाद या प्रकाशन उसके कर्तव्यों के सद्भावपूर्ण निर्वहन में हो या विशुद्ध रूप से साहित्यिक, कलात्मक या वैज्ञानिक प्रकृति का हो या निर्धारित प्रकृति का हो।
स्पष्टीकरण. —यदि इस उपधारा के खंड (ख) के अधीन किसी समाज, संस्था, संघ या संगठन के विशुद्ध रूप से सामाजिक, मनोरंजक या धार्मिक प्रकृति का होने के संबंध में कोई प्रश्न उठता है, तो इस संबंध में केंद्र सरकार का निर्णय अंतिम होगा।
(2) इस अधिनियम के अधीन कोई भी व्यक्ति किसी राजनीतिक उद्देश्य से या ऐसे अन्य उद्देश्यों के लिए, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, व्यक्तियों के किसी समूह द्वारा आयोजित किसी बैठक में भाग नहीं लेगा, न ही उसे संबोधित करेगा, और न ही किसी प्रदर्शन में भाग लेगा।
(क) किसी ट्रेड यूनियन, श्रमिक संघ, राजनीतिक संघ या ट्रेड यूनियनों, श्रमिक संघों या राजनीतिक संघों के किसी वर्ग का सदस्य होना या किसी भी प्रकार से उनसे संबद्ध होना; या
(ख) किसी ऐसे समाज, संस्था, संघ या संगठन का सदस्य होना या उससे किसी भी तरह से जुड़ा होना जो बल के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है या जो विशुद्ध रूप से सामाजिक, मनोरंजक या धार्मिक प्रकृति का नहीं है; या
(ग) प्रेस से संवाद करना या कोई पुस्तक, पत्र या अन्य दस्तावेज प्रकाशित करना या प्रकाशित करवाना, सिवाय इसके कि ऐसा संवाद या प्रकाशन उसके कर्तव्यों के सद्भावपूर्ण निर्वहन में हो या विशुद्ध रूप से साहित्यिक, कलात्मक या वैज्ञानिक प्रकृति का हो या निर्धारित प्रकृति का हो।
स्पष्टीकरण. —यदि इस उपधारा के खंड (ख) के अधीन किसी समाज, संस्था, संघ या संगठन के विशुद्ध रूप से सामाजिक, मनोरंजक या धार्मिक प्रकृति का होने के संबंध में कोई प्रश्न उठता है, तो इस संबंध में केंद्र सरकार का निर्णय अंतिम होगा।
(2) इस अधिनियम के अधीन कोई भी व्यक्ति किसी राजनीतिक उद्देश्य से या ऐसे अन्य उद्देश्यों के लिए, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, व्यक्तियों के किसी समूह द्वारा आयोजित किसी बैठक में भाग नहीं लेगा, न ही उसे संबोधित करेगा, और न ही किसी प्रदर्शन में भाग लेगा।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
