ITBPF Act 102अध्याय VIII · Procedure of Force Courts
धारा 102 · प्रस्तुत करने से छूट प्राप्त दस्तावेज।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 101 में कोई बात भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 (1 ऑफ 1872) की धारा 123 और 124 के संचालन को प्रभावित करने वाली नहीं मानी जाएगी, न ही डाक या तार अधिकारियों की हिरासत में किसी पत्र, पोस्टकार्ड, टेलीग्राम या अन्य दस्तावेज पर लागू होगी।
(2) यदि किसी जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय की राय में ऐसी हिरासत में कोई दस्तावेज किसी बल न्यायालय के प्रयोजन के लिए वांछित है, तो ऐसा मजिस्ट्रेट या न्यायालय डाक या तार अधिकारियों को, जैसा भी मामला हो, ऐसे दस्तावेज को ऐसे व्यक्ति को सौंपने का निर्देश दे सकता है, जैसा कि ऐसा मजिस्ट्रेट या न्यायालय निर्देशित करे।
(3) यदि किसी अन्य मजिस्ट्रेट या किसी पुलिस आयुक्त या जिला पुलिस अधीक्षक की राय में ऐसा कोई दस्तावेज किसी ऐसे उद्देश्य के लिए वांछित हो, तो वह डाक या तार अधिकारियों को, जैसा भी मामला हो, ऐसी खोज करवाने और किसी जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय के आदेश आने तक ऐसे दस्तावेज को हिरासत में रखने का निर्देश दे सकता है।
(2) यदि किसी जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय की राय में ऐसी हिरासत में कोई दस्तावेज किसी बल न्यायालय के प्रयोजन के लिए वांछित है, तो ऐसा मजिस्ट्रेट या न्यायालय डाक या तार अधिकारियों को, जैसा भी मामला हो, ऐसे दस्तावेज को ऐसे व्यक्ति को सौंपने का निर्देश दे सकता है, जैसा कि ऐसा मजिस्ट्रेट या न्यायालय निर्देशित करे।
(3) यदि किसी अन्य मजिस्ट्रेट या किसी पुलिस आयुक्त या जिला पुलिस अधीक्षक की राय में ऐसा कोई दस्तावेज किसी ऐसे उद्देश्य के लिए वांछित हो, तो वह डाक या तार अधिकारियों को, जैसा भी मामला हो, ऐसी खोज करवाने और किसी जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय के आदेश आने तक ऐसे दस्तावेज को हिरासत में रखने का निर्देश दे सकता है।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
