ITBPF Act 110अध्याय VIII · Procedure of Force Courts
धारा 110 · पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और सामान्य चरित्र के साक्ष्य।
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(1) जब इस अधिनियम के अधीन किसी व्यक्ति को बल न्यायालय द्वारा किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो, तो ऐसा बल न्यायालय उस व्यक्ति के बल न्यायालय या आपराधिक न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए किसी भी दोषसिद्धि या धारा 56 या धारा 58 के तहत पूर्व में दिए गए किसी भी दंड के संबंध में पूछताछ कर सकता है, साक्ष्य प्राप्त कर सकता है और उसे दर्ज कर सकता है, और उस व्यक्ति के सामान्य चरित्र और ऐसे अन्य मामलों की भी पूछताछ कर सकता है, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(2) इस धारा के तहत प्राप्त साक्ष्य मौखिक हो सकता है, या बल न्यायालयों की पुस्तकों या अन्य आधिकारिक अभिलेखों में प्रविष्टियों या प्रमाणित उद्धरणों के रूप में हो सकता है; और मुकदमे से पहले मुकदमा चलाने वाले व्यक्ति को यह सूचना देना आवश्यक नहीं होगा कि उसके पिछले दोषसिद्धि या चरित्र के संबंध में साक्ष्य स्वीकार किए जाएंगे।
(3) संक्षिप्त बल न्यायालय में, मुकदमा चलाने वाला अधिकारी, यदि वह उचित समझे, तो अपराधी के विरुद्ध किसी भी पूर्व दोषसिद्धि, उसके सामान्य चरित्र और ऐसे अन्य मामलों को, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, अपने स्वयं के ज्ञान के रूप में दर्ज कर सकता है, इस धारा के पूर्वगामी प्रावधानों के तहत उन्हें सिद्ध करने की आवश्यकता के बजाय।
(2) इस धारा के तहत प्राप्त साक्ष्य मौखिक हो सकता है, या बल न्यायालयों की पुस्तकों या अन्य आधिकारिक अभिलेखों में प्रविष्टियों या प्रमाणित उद्धरणों के रूप में हो सकता है; और मुकदमे से पहले मुकदमा चलाने वाले व्यक्ति को यह सूचना देना आवश्यक नहीं होगा कि उसके पिछले दोषसिद्धि या चरित्र के संबंध में साक्ष्य स्वीकार किए जाएंगे।
(3) संक्षिप्त बल न्यायालय में, मुकदमा चलाने वाला अधिकारी, यदि वह उचित समझे, तो अपराधी के विरुद्ध किसी भी पूर्व दोषसिद्धि, उसके सामान्य चरित्र और ऐसे अन्य मामलों को, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, अपने स्वयं के ज्ञान के रूप में दर्ज कर सकता है, इस धारा के पूर्वगामी प्रावधानों के तहत उन्हें सिद्ध करने की आवश्यकता के बजाय।
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