PRTPD Act 180अध्याय XVII · Miscellaneous
धारा 180 · नियम बनाने की शक्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों को पूरा करने के लिए नियम बना सकती है।(2)
विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या इनमें से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात् -(क)
धारा 4 की उपधारा (4) के अधीन सदस्यों को भुगतान किए जाने वाले पारिश्रमिक और भत्ते;(ख)
धारा 15 की उपधारा (1) के अधीन व्यक्तियों को संगठित करने का तरीका एवं उद्देश्य;(ग)
धारा 16 के अधीन समितियों की नियुक्ति का तरीका;(घ)
धारा 28 की उपधारा (2) के खंड (iv) के अधीन प्राधिकरण के कार्य;(ई)
धारा 17, धारा 29 और धारा 31 के अधीन मुख्य प्रशासक के रूप में नियुक्त किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए योग्यता और अनुभव;(f)
धारा 18 की उपधारा (1) के अधीन प्राधिकरण के सदस्यों के कार्यकाल और सेवा की शर्तें;(जी)
धारा 18 की उपधारा (2) के अधीन मुख्य प्रशासक को देय वेतन एवं भत्ते, यदि कोई हों;(h)
मुख्य प्रशासक के अलावा प्राधिकरण के सदस्यों को धारा 18 की उपधारा (3) के अधीन भुगतान किए जाने वाले भत्ते;(i)
धारा 43 की उपधारा (2) के तहत भवनों के पूरा होने और अवधि के विस्तार तथा भुगतान की जाने वाली फीस से संबंधित शर्तें;(j)
धारा 45 की उपधारा (5) के अंतर्गत अपील दाखिल करने का प्रपत्र एवं तरीका;(k)
धारा 46 की उपधारा (1) के अधीन नोटिस तामील करने का तरीका;(एल)
वह तरीका जिससे क्षतिपूर्ति का आकलन किया जा सकता है और धारा 47 के तहत नोटिस तामील किया जाना;(m)
प्राधिकरण के बजट का प्रारूप और धारा 52 के अधीन इसे तैयार करने का तरीका;(n)
उपधारा (1) के अधीन बैलेंस शीट और लेखा विवरण का प्रारूप तथा धारा 53 की उपधारा (3) के अधीन लेखापरीक्षा रिपोर्ट प्रकाशित करने का तरीका;(ओ)
वार्षिक रिपोर्ट का प्रारूप और वह तिथि जिस पर या उससे पहले इसे धारा 54 के तहत राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा;(पी)
प्राधिकरण के पूर्णकालिक वेतनभोगी सदस्यों और अधिकारियों तथा अन्य कर्मचारियों के लिए पेंशन और भविष्य निधि की संरचना और उसका स्वरूप तथा वे शर्तें जिनके अधीन धारा 55 के अंतर्गत ऐसी निधि का गठन किया जा सकता है;(q)
धारा 56 की उपधारा (2) के तहत घोषणा करते समय ध्यान में रखे जाने वाले मामले;(आर)
धारा 58 की उपधारा (3) के अधीन निर्धारित किए जाने वाले कार्य;(एस)
क्षेत्रीय योजना के स्वरूप का विनियमन तथा धारा 62 के अधीन इसकी तैयारी और प्रकाशन के तरीके का विनियमन;(टी)
धारा 63 की उपधारा (1) और धारा 64 की उपधारा (1) के तहत नोटिस का प्रारूप और तरीका;(u)
धारा 67 की उपधारा (1) के अधीन आवेदन का प्रपत्र;(v)
धारा 67 की उपधारा (2) के अधीन भुगतान की जाने वाली फीस;(w)
धारा 67 की उपधारा (5) के तहत अस्वीकृति के आधारों को संप्रेषित करने का तरीका;(x)
धारा 67 की उपधारा (6) के अधीन आवेदनों के रजिस्टर का प्रपत्र;(y)
धारा 67 की उपधारा (7) के अधीन आवेदनों और भुगतान की जाने वाली फीस से निपटने का तरीका;(ज़)
धारा 68 की उपधारा (1) के अधीन अपील दाखिल करने का तरीका और ऐसी अपीलों के लिए देय शुल्क;(जेडएफ)
धारा 81 की उपधारा (1) और उपधारा (3) के तहत आवेदन और शुल्क भुगतान का प्रपत्र;(zg)
धारा 81 की उपधारा (2) के खंड (क) के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज और योजनाएं;(झ)
धारा 81 की उपधारा (6) के तहत आदेश के संचार का तरीका;(zi)
धारा 82 की उपधारा (1) के तहत अपील दाखिल करने और शुल्क भुगतान का तरीका;(ज़ेडजे)
धारा 84 की उपधारा (1) के तहत अधिग्रहण नोटिस किस समय और किस तरीके से दिया जाना है;(जेडके)
वह समय जिसके भीतर और वह तरीका जिससे धारा 85 की उपधारा (2) के तहत मुआवजे का दावा किया जाना है और वह समय जिसके भीतर धारा 85 की उपधारा (4) के तहत नोटिस दिया जाना है;(जेडएल)
धारा 87 की उपधारा (3) के तहत आवेदन करने का समय और तरीका;(जेडएम)
धारा 89 की उपधारा (5) के खंड (ए) के तहत अधिग्रहण नोटिस तामील करने का तरीका;(zn)
उपधारा (1) के तहत नोटिस के प्रकाशन का तरीका और वह समय जिसके भीतर स्थानीय प्राधिकरण को धारा 93 की उपधारा (2) के तहत सहमति देनी होगी;(10)
धारा 102 की उपधारा (3) के खंड (xxi) के तहत उपधारा (1) के अधीन मध्यस्थ के रूप में नियुक्ति के लिए योग्यताएं और अंतिम योजना का प्रारूप;(जेडपी)
धारा 114 की उपधारा (1) के तहत नोटिस तामील करने का तरीका;(ज़क)
धारा 116 की उपधारा (1) के तहत बेदखली की प्रक्रिया;(zr)
धारा 117 की उपधारा (1) के तहत नोटिस में दी जाने वाली जानकारी;(जेडएस)
धारा 118 की उपधारा (2) के तहत नोटिस के प्रकाशन का तरीका;(zt)
धारा 118 की उपधारा (3) के अधीन मसौदा परिवर्तनों का विवरण;(ज़ु)
धारा 131 की उपधारा (2) के अधीन भुगतान करने की अवधि;(zv)
धारा 135 की उपधारा (4) के तहत अपील न्यायाधिकरण द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया;(ज़्व)
धारा 137 की उपधारा (2) के अधीन लागत की वसूली का तरीका;(zx)
धारा 140 की धारा (2) और धारा 141 की उपधारा (4) के अधीन ब्याज दरें;(zy)
धारा 142 की उपधारा (4) के अधीन सुरक्षा प्रदान करने का प्रपत्र और तरीका;(ज़ेडज़ेड)
धारा 142 की उपधारा (5) के तहत आदेश को लागू करने का अधिकार और तरीका;(ज़्ज़ा)
धारा 144 की उपधारा (1) के अधीन आवेदन का तरीका और प्रारूप;(ज़ज़ेडबी)
धारा 144 की उपधारा (4) के तहत रखे जाने वाले रजिस्टर और निर्धारित की जाने वाली फीस;(जेडजेडसी)
धारा 151 की उपधारा (1) के अधीन परामर्श का तरीका;(जेडजेडडी)
धारा 154 के तहत प्राधिकरण को स्थानांतरित किए गए कर्मचारियों का एकीकरण और उनकी आपसी वरिष्ठता का निर्धारण;(जेडई)
धारा 161 के तहत विकास शुल्क निर्धारित करने का तरीका;(ज़ेडएफ)
धारा 168 के तहत दस्तावेजों, योजनाओं और मानचित्रों की प्रतियां रखने का तरीका; और(zzg)
कोई अन्य मामला जिसे निर्धारित किया जाना है या किया जा सकता है।(3)
इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, राज्य विधानमंडल के सदन के समक्ष सत्र के दौरान कुल चौदह दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में शामिल हो सकती है, और यदि, जिस सत्र में इसे इस प्रकार रखा गया है या उपरोक्त लगातार सत्रों की समाप्ति से पहले सदन नियमों में कोई संशोधन करने पर सहमत होता है या सदन सहमत होता है कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो, हालांकि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के अधीन पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।इस धारा पर आपका निजी नोट
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