OVC Rules 32अध्याय VI · Executive Committee and other Committees
धारा 32 · Section 32
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
राज्य परिषद अधिनियम की धारा 40 के अधीन अपने सदस्यों में से कार्यकारी समिति का गठन कर सकती है और राज्य परिषद द्वारा आवश्यक समझे जाने वाले सामान्य या विशिष्ट उद्देश्यों के लिए अन्य समितियों का गठन कर सकती है तथा कार्यकारी समिति के अतिरिक्त किसी अन्य समिति में किसी मामले पर सलाह देने के लिए विशेष रूप से योग्य किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को सह-विकल्पित कर सकती है।(2)
कार्यकारी समिति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और रजिस्ट्रार सहित पाँच सदस्य होंगे, जो क्रमशः अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के रूप में कार्य करेंगे।(3)
कार्यपालिका समिति की बैठकें सामान्यतः राज्य परिषद की बैठकों पर लागू नियमों द्वारा संचालित होंगी।(4)
यदि कार्यपालिका समिति की बैठक के लिए निर्धारित समय पर कोरम उपस्थित न हो, तो बैठक तब तक प्रारंभ नहीं होगी जब तक कोरम उपस्थित न हो जाए, और यदि बैठक के लिए निर्धारित समय से एक घंटे की समाप्ति पर या किसी बैठक के दौरान कोरम उपस्थित न हो, तो बैठक अध्यक्ष द्वारा निर्धारित समय और तिथि तक स्थगित कर दी जाएगी: बशर्ते कि कार्यपालिका समिति के कुल सदस्यों का एक तिहाई कोरम का गठन करेगा: बशर्ते कि जब कार्यपालिका समिति की बैठक कोरम की कमी के कारण स्थगित की जाती है, तो स्थगित बैठक के लिए कोरम की आवश्यकता नहीं होगी।(5)
अध्यक्ष, जब उपस्थित हों, कार्यकारिणी की प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता करेंगे तथा उनकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यदि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों अनुपस्थित हों, तो उपस्थित सदस्य बैठक की अध्यक्षता करने के लिए उपस्थित सदस्यों में से किसी एक को चुनेंगे।(6)
कार्यकारिणी समिति के निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल उनके चुनाव की तिथि से तीन वर्ष तक या अगली कार्यकारिणी समिति के कार्यभार संभालने तक, जो भी बाद में हो, रहेगा।(7)
इसमें किसी बात के होते हुए भी, कार्यकारी समिति, समिति की नियुक्ति करने वाली राज्य परिषद की समाप्ति के साथ ही कार्य करना बंद कर देगी, राज्य परिषद की समाप्ति के कारणों की परवाह किए बिना।(8)
कार्यकारी समिति, राज्य परिषद के किसी ऐसे सदस्य को, जो कार्यकारी समिति का सदस्य न हो, कार्यकारी समिति की किसी बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित कर सकती है। इस प्रकार आमंत्रित कोई भी सदस्य कार्यकारी समिति की चर्चाओं में भाग लेने के लिए स्वतंत्र होगा, लेकिन उसे अपना मत डालने का अधिकार नहीं होगा।(9)
कार्यकारी समिति उक्त परिषद के निर्णयों के कार्यान्वयन में राज्य परिषद की सभी शक्तियों का प्रयोग करेगी और अन्य समितियों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों को छोड़कर सभी मामलों में उक्त परिषद की ओर से निर्णय लेने का अधिकार रखेगी। यह उक्त परिषद के सभी प्रशासनिक कार्यों का भी निष्पादन करेगी: बशर्ते कि यह राज्य परिषद के स्वीकृत बजट प्रावधान से प्रति वर्ष 25,000 (पच्चीस हजार) रुपये से अधिक व्यय वाले नीतिगत मामलों पर लागू नहीं होगी।(10)
कार्यकारिणी समिति की प्रत्येक बैठक का कार्यवृत्त बैठक के सात दिनों के भीतर राष्ट्रपति को उनकी स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा और उनकी स्वीकृति के बाद बैठक के बीस दिनों के भीतर कार्यकारिणी समिति के सदस्यों को भेजा जाएगा। यदि इसके प्रेषण के पंद्रह दिनों के भीतर इसकी सत्यता पर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो इसमें लिए गए किसी भी निर्णय को प्रभावी माना जाएगा। कार्यकारिणी समिति द्वारा पुष्टि के बाद कार्यवृत्त राज्य परिषद के सदस्यों को भेजा जाएगा; बशर्ते कि राष्ट्रपति आपात स्थिति में उपर्युक्त पंद्रह दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले कार्यकारिणी समिति के किसी निर्णय पर कार्रवाई करने का निर्देश दे सकते हैं।इस धारा पर आपका निजी नोट
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