OVC Rules 26अध्याय III · Election of the President and Vice-President of the State Veterinary Council
धारा 26 · राज्य परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
राज्य परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव परिषद के सदस्यों द्वारा अपने बीच से परिषद के गठन या पुनर्गठन के बाद परिषद की पहली बैठक में किया जाएगा, जैसा भी मामला हो।(2)
रजिस्ट्रार उस बैठक में उपस्थित सदस्यों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने हेतु आमंत्रित करेगा। प्रत्येक नामांकन का समर्थन उस बैठक में उपस्थित किसी अन्य सदस्य द्वारा अनुमोदक के रूप में किया जाएगा: बशर्ते कि कोई भी सदस्य अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए एक से अधिक सदस्य का नामांकन या अनुमोदन नहीं करेगा।(3)
यदि केवल एक व्यक्ति को अध्यक्ष और केवल एक व्यक्ति को उपाध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया जाता है, तो उन्हें राज्य परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में विधिवत निर्वाचित घोषित किया जाएगा।(4)
यदि अध्यक्ष पद और उपाध्यक्ष पद के लिए एक से अधिक सदस्य विधिवत मनोनीत और समर्थित हों, तो रजिस्ट्रार निम्नलिखित तरीके से चुनाव कराएगा, अर्थात्:(क)
उपस्थित प्रत्येक सदस्य को विधिवत क्रमांकित मतपत्र दिया जाएगा, जिस पर वे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद के लिए अपने पसंदीदा उम्मीदवार का नाम लिखेंगे। मुड़ा हुआ मतपत्र रजिस्ट्रार को सौंप दिया जाएगा।(ख)
मतपत्र प्राप्त होने पर, रजिस्ट्रार प्रत्येक प्रतियोगी द्वारा प्राप्त मतों की गिनती करेगा और सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले सदस्य को राज्य परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में विधिवत निर्वाचित घोषित करेगा।(ग)
यदि दो या दो से अधिक प्रतियोगियों द्वारा प्राप्त मतों में समानता हो, जिससे यह तय करना मुश्किल हो जाए कि किसे अधिकतम मत प्राप्त हुए हैं, तो रजिस्ट्रार लॉटरी द्वारा इस मुद्दे का निर्णय ऐसे तरीके से कर सकता है जैसा वह उचित समझे और लॉटरी द्वारा चुने गए व्यक्ति को राज्य परिषद के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में विधिवत निर्वाचित घोषित किया जाएगा।इस धारा पर आपका निजी नोट
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