धारा 49 · प्रथाओं, सिद्धातों आदि के बारे में रायें कब सुसंगत है
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जबकि न्यायालय को -
मनुष्यों के किसी निकाय या कुटुम्ब की प्रथाओं और सिद्धांतो के,
किसी धार्मिक या खैराती प्रतिष्ठान के संविधान और शासन के, अथवा
विशिष्ट जिले में या विशिष्ट वर्गों के लागों द्वारा प्रयोग में लाए जाने वाले शब्दों या पदों के अर्थों के बारे में राय बनानी हो,
तब उनके संबंध में ज्ञान के विशेष साधन रखने वाले व्यक्तियों की रायें सुसंगत तथ्य है ।
मनुष्यों के किसी निकाय या कुटुम्ब की प्रथाओं और सिद्धांतो के,
किसी धार्मिक या खैराती प्रतिष्ठान के संविधान और शासन के, अथवा
विशिष्ट जिले में या विशिष्ट वर्गों के लागों द्वारा प्रयोग में लाए जाने वाले शब्दों या पदों के अर्थों के बारे में राय बनानी हो,
तब उनके संबंध में ज्ञान के विशेष साधन रखने वाले व्यक्तियों की रायें सुसंगत तथ्य है ।
नए कानून में
IEA 49BSA 43
43. Opinion as to usages, tenets, etc., when relevant.
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