Competition Act 5अध्याय II · Regulation of combinations
धारा 5 · संयोजन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
एक या एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा एक या एक से अधिक उद्यमों का अधिग्रहण या उद्यमों का विलय या समामेलन ऐसे उद्यमों और व्यक्तियों या उद्यमों का संयोजन होगा, यदि--
(क) कोई भी अधिग्रहण जहाँ--
(i) अधिग्रहण के पक्षकार, यानी अधिग्रहणकर्ता और उद्यम, जिसका नियंत्रण, हिस्सेदारी, मतदान अधिकार या परिसंपत्तियां संयुक्त रूप से अधिग्रहित की गई हैं या की जा रही हैं, --
(ए) भारत में, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
1 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, पाँच सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पाँच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या पंद्रह सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या; या]
(ii) वह समूह, जिससे वह उद्यम संबंधित होगा जिसका नियंत्रण, हिस्सेदारी, संपत्ति या मतदान अधिकार अधिग्रहित किए गए हैं या किए जा रहे हैं, अधिग्रहण के बाद संयुक्त रूप से संबंधित होगा, --
(ए) भारत में, चार हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या बारह हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
2 [3 (बी) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पांच सौ करोड़ रुपये शामिल हैं, या छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हैं; या]
(ख) किसी व्यक्ति द्वारा किसी उद्यम पर नियंत्रण प्राप्त करना, जब ऐसे व्यक्ति का पहले से ही किसी अन्य उद्यम पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण हो जो समान या समरूप या प्रतिस्थापन योग्य वस्तुओं के उत्पादन, वितरण या व्यापार में या समान या समरूप या प्रतिस्थापन योग्य सेवाओं के प्रावधान में लगा हो, यदि--
(i) जिस उद्यम पर नियंत्रण प्राप्त किया गया है, उसके साथ-साथ वह उद्यम जिस पर अधिग्रहणकर्ता का पहले से ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण है, संयुक्त रूप से,--
(ए) भारत में, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
3 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, पाँच सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पाँच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या पंद्रह सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या]
(ii) वह समूह, जिसके नियंत्रण को अधिग्रहित किया गया है, या अधिग्रहित किया जा रहा है, अधिग्रहण के बाद उस उद्यम का संयुक्त स्वामित्व होगा या संयुक्त स्वामित्व होगा,--
(ए) भारत में, चार हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या बारह हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
4 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पांच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या]
(ग) कोई भी विलय या समामेलन जिसमें--
(i) विलय के बाद शेष रहने वाला उद्यम या समामेलन के परिणामस्वरूप निर्मित उद्यम, जैसा भी मामला हो, के पास होगा,--
(ए) भारत में, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
5 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, पाँच सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पाँच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या पंद्रह सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या]
(ii) विलय के बाद शेष रहने वाला उद्यम या समामेलन के परिणामस्वरूप निर्मित उद्यम, विलय या समामेलन के बाद जिस समूह से संबंधित होगा, उस समूह के पास निम्नलिखित अधिकार होंगे या हो सकते हैं:--
(ए) भारत में, चार हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या बारह हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
6 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पांच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या]]
8 [(घ) किसी उद्यम के नियंत्रण, शेयरों, मतदान अधिकारों या परिसंपत्तियों के अधिग्रहण, विलय या समामेलन के संबंध में किसी भी लेनदेन का मूल्य दो हजार करोड़ रुपये से अधिक हो:
बशर्ते कि जिस उद्यम का अधिग्रहण, नियंत्रण, विलय या समामेलन किया जा रहा है, उसके भारत में इतने महत्वपूर्ण व्यावसायिक संचालन हों, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(e) खंड (a) या खंड (b) या खंड (c) में किसी बात के होते हुए भी, यदि भारत में अधिग्रहित, नियंत्रित, विलयित या समामेलित किए जा रहे उद्यम की परिसंपत्तियों का मूल्य या कारोबार निर्धारित मूल्य से अधिक नहीं है, तो ऐसा अधिग्रहण, नियंत्रण, विलय या समामेलन धारा 5 के अंतर्गत संयोजन नहीं माना जाएगा।]
9 [ स्पष्टीकरण। --इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए,--]
(क) "नियंत्रण" से तात्पर्य किसी भी प्रकार से प्रबंधन, मामलों या रणनीतिक वाणिज्यिक निर्णयों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता से है--
(i) एक या एक से अधिक उद्यम, संयुक्त रूप से या अकेले, किसी अन्य उद्यम या समूह पर; या
(ii) एक या एक से अधिक समूह, संयुक्त रूप से या अकेले, किसी अन्य समूह या उद्यम पर;
(ख) "समूह" से तात्पर्य दो या दो से अधिक उद्यमों से है, जिनमें से एक उद्यम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित स्थिति में हो:
(i) दूसरे उद्यम में मतदान के अधिकारों का छब्बीस प्रतिशत या ऐसा कोई अन्य उच्च प्रतिशत, जैसा निर्धारित किया जा सकता है, का प्रयोग करना; या
(ii) दूसरे उद्यम में निदेशक मंडल के पचास प्रतिशत से अधिक सदस्यों की नियुक्ति करना; या
(iii) दूसरे उद्यम के प्रबंधन या मामलों को नियंत्रित करना;
(ग) "टर्नओवर" से तात्पर्य उस वित्तीय वर्ष में कंपनी के अंतिम उपलब्ध लेखापरीक्षित खातों के आधार पर वैधानिक लेखापरीक्षक द्वारा प्रमाणित टर्नओवर से है, जिस वित्तीय वर्ष में धारा 6 की उपधारा (2) या उपधारा (4) के तहत नोटिस दाखिल किया जाता है, और भारत में ऐसे टर्नओवर का निर्धारण इंट्रा-ग्रुप बिक्री, अप्रत्यक्ष कर, व्यापार छूट और भारत के बाहर के ग्राहकों से परिसंपत्तियों या व्यवसाय के माध्यम से उत्पन्न सभी राशियों को छोड़कर किया जाएगा, जैसा कि वैधानिक लेखापरीक्षक द्वारा उस वित्तीय वर्ष में कंपनी के अंतिम उपलब्ध लेखापरीक्षित खातों के आधार पर प्रमाणित किया जाता है, जिस वित्तीय वर्ष में धारा 6 की उपधारा (2) या उपधारा (4) के तहत नोटिस दाखिल किया जाता है;
(घ) "लेनदेन का मूल्य" में अधिग्रहण, विलय या समामेलन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष या आस्थगित प्रत्येक मूल्यवान प्रतिफल शामिल है;
(ई) परिसंपत्तियों का मूल्य प्रस्तावित संयोजन की तिथि वाले वित्तीय वर्ष से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष में उद्यम की लेखापरीक्षित पुस्तकों में दर्शाए गए परिसंपत्तियों के बही मूल्य को लेकर निर्धारित किया जाएगा, और यदि ऐसा वित्तीय विवरण कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) के तहत रजिस्ट्रार के पास दाखिल करने की नियत तिथि तक नहीं पहुंचा है, तो धारा 6 की उपधारा (2) या उपधारा (4) के तहत नोटिस दाखिल किए जाने वाले वित्तीय वर्ष से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष में कंपनी के अंतिम उपलब्ध लेखापरीक्षित खातों के आधार पर वैधानिक लेखापरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी मूल्यह्रास को घटाकर, परिसंपत्तियों के मूल्य में ब्रांड मूल्य, सद्भावना का मूल्य, या कॉपीराइट, पेटेंट, अनुमत उपयोग, सामूहिक चिह्न, पंजीकृत स्वामी, पंजीकृत ट्रेडमार्क, पंजीकृत उपयोगकर्ता, समनाम भौगोलिक संकेत, भौगोलिक संकेत, डिजाइन या लेआउट-डिजाइन या धारा 3 की उपधारा (5) में दिए गए कानूनों के तहत समान अन्य वाणिज्यिक अधिकारों का मूल्य शामिल होगा;
(f) जहां किसी उद्यम या प्रभाग या व्यवसाय के किसी भाग का अधिग्रहण किया जा रहा हो, उस पर नियंत्रण किया जा रहा हो, उसका विलय किया जा रहा हो या उसे किसी अन्य उद्यम के साथ समामेलित किया जा रहा हो, तो उक्त भाग या प्रभाग या व्यवसाय की या उससे संबंधित परिसंपत्तियों का मूल्य या कारोबार या लेनदेन का मूल्य, जैसा भी लागू हो, धारा 5 के अंतर्गत निर्धारित सीमाएँ लागू करने के उद्देश्य से प्रासंगिक परिसंपत्तियाँ या कारोबार या लेनदेन का प्रासंगिक मूल्य होगा।]
(क) कोई भी अधिग्रहण जहाँ--
(i) अधिग्रहण के पक्षकार, यानी अधिग्रहणकर्ता और उद्यम, जिसका नियंत्रण, हिस्सेदारी, मतदान अधिकार या परिसंपत्तियां संयुक्त रूप से अधिग्रहित की गई हैं या की जा रही हैं, --
(ए) भारत में, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
1 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, पाँच सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पाँच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या पंद्रह सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या; या]
(ii) वह समूह, जिससे वह उद्यम संबंधित होगा जिसका नियंत्रण, हिस्सेदारी, संपत्ति या मतदान अधिकार अधिग्रहित किए गए हैं या किए जा रहे हैं, अधिग्रहण के बाद संयुक्त रूप से संबंधित होगा, --
(ए) भारत में, चार हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या बारह हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
2 [3 (बी) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पांच सौ करोड़ रुपये शामिल हैं, या छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हैं; या]
(ख) किसी व्यक्ति द्वारा किसी उद्यम पर नियंत्रण प्राप्त करना, जब ऐसे व्यक्ति का पहले से ही किसी अन्य उद्यम पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण हो जो समान या समरूप या प्रतिस्थापन योग्य वस्तुओं के उत्पादन, वितरण या व्यापार में या समान या समरूप या प्रतिस्थापन योग्य सेवाओं के प्रावधान में लगा हो, यदि--
(i) जिस उद्यम पर नियंत्रण प्राप्त किया गया है, उसके साथ-साथ वह उद्यम जिस पर अधिग्रहणकर्ता का पहले से ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण है, संयुक्त रूप से,--
(ए) भारत में, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
3 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, पाँच सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पाँच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या पंद्रह सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या]
(ii) वह समूह, जिसके नियंत्रण को अधिग्रहित किया गया है, या अधिग्रहित किया जा रहा है, अधिग्रहण के बाद उस उद्यम का संयुक्त स्वामित्व होगा या संयुक्त स्वामित्व होगा,--
(ए) भारत में, चार हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या बारह हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
4 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पांच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या]
(ग) कोई भी विलय या समामेलन जिसमें--
(i) विलय के बाद शेष रहने वाला उद्यम या समामेलन के परिणामस्वरूप निर्मित उद्यम, जैसा भी मामला हो, के पास होगा,--
(ए) भारत में, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
5 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, पाँच सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पाँच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या पंद्रह सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या]
(ii) विलय के बाद शेष रहने वाला उद्यम या समामेलन के परिणामस्वरूप निर्मित उद्यम, विलय या समामेलन के बाद जिस समूह से संबंधित होगा, उस समूह के पास निम्नलिखित अधिकार होंगे या हो सकते हैं:--
(ए) भारत में, चार हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति या बारह हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार; या
6 [(ख) भारत में या भारत के बाहर, कुल मिलाकर, दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति, जिसमें भारत में कम से कम पांच सौ करोड़ रुपये शामिल हों, या छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कारोबार, जिसमें भारत में कम से कम पंद्रह सौ करोड़ रुपये शामिल हों; या]]
8 [(घ) किसी उद्यम के नियंत्रण, शेयरों, मतदान अधिकारों या परिसंपत्तियों के अधिग्रहण, विलय या समामेलन के संबंध में किसी भी लेनदेन का मूल्य दो हजार करोड़ रुपये से अधिक हो:
बशर्ते कि जिस उद्यम का अधिग्रहण, नियंत्रण, विलय या समामेलन किया जा रहा है, उसके भारत में इतने महत्वपूर्ण व्यावसायिक संचालन हों, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(e) खंड (a) या खंड (b) या खंड (c) में किसी बात के होते हुए भी, यदि भारत में अधिग्रहित, नियंत्रित, विलयित या समामेलित किए जा रहे उद्यम की परिसंपत्तियों का मूल्य या कारोबार निर्धारित मूल्य से अधिक नहीं है, तो ऐसा अधिग्रहण, नियंत्रण, विलय या समामेलन धारा 5 के अंतर्गत संयोजन नहीं माना जाएगा।]
9 [ स्पष्टीकरण। --इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए,--]
(क) "नियंत्रण" से तात्पर्य किसी भी प्रकार से प्रबंधन, मामलों या रणनीतिक वाणिज्यिक निर्णयों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता से है--
(i) एक या एक से अधिक उद्यम, संयुक्त रूप से या अकेले, किसी अन्य उद्यम या समूह पर; या
(ii) एक या एक से अधिक समूह, संयुक्त रूप से या अकेले, किसी अन्य समूह या उद्यम पर;
(ख) "समूह" से तात्पर्य दो या दो से अधिक उद्यमों से है, जिनमें से एक उद्यम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित स्थिति में हो:
(i) दूसरे उद्यम में मतदान के अधिकारों का छब्बीस प्रतिशत या ऐसा कोई अन्य उच्च प्रतिशत, जैसा निर्धारित किया जा सकता है, का प्रयोग करना; या
(ii) दूसरे उद्यम में निदेशक मंडल के पचास प्रतिशत से अधिक सदस्यों की नियुक्ति करना; या
(iii) दूसरे उद्यम के प्रबंधन या मामलों को नियंत्रित करना;
(ग) "टर्नओवर" से तात्पर्य उस वित्तीय वर्ष में कंपनी के अंतिम उपलब्ध लेखापरीक्षित खातों के आधार पर वैधानिक लेखापरीक्षक द्वारा प्रमाणित टर्नओवर से है, जिस वित्तीय वर्ष में धारा 6 की उपधारा (2) या उपधारा (4) के तहत नोटिस दाखिल किया जाता है, और भारत में ऐसे टर्नओवर का निर्धारण इंट्रा-ग्रुप बिक्री, अप्रत्यक्ष कर, व्यापार छूट और भारत के बाहर के ग्राहकों से परिसंपत्तियों या व्यवसाय के माध्यम से उत्पन्न सभी राशियों को छोड़कर किया जाएगा, जैसा कि वैधानिक लेखापरीक्षक द्वारा उस वित्तीय वर्ष में कंपनी के अंतिम उपलब्ध लेखापरीक्षित खातों के आधार पर प्रमाणित किया जाता है, जिस वित्तीय वर्ष में धारा 6 की उपधारा (2) या उपधारा (4) के तहत नोटिस दाखिल किया जाता है;
(घ) "लेनदेन का मूल्य" में अधिग्रहण, विलय या समामेलन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष या आस्थगित प्रत्येक मूल्यवान प्रतिफल शामिल है;
(ई) परिसंपत्तियों का मूल्य प्रस्तावित संयोजन की तिथि वाले वित्तीय वर्ष से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष में उद्यम की लेखापरीक्षित पुस्तकों में दर्शाए गए परिसंपत्तियों के बही मूल्य को लेकर निर्धारित किया जाएगा, और यदि ऐसा वित्तीय विवरण कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) के तहत रजिस्ट्रार के पास दाखिल करने की नियत तिथि तक नहीं पहुंचा है, तो धारा 6 की उपधारा (2) या उपधारा (4) के तहत नोटिस दाखिल किए जाने वाले वित्तीय वर्ष से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष में कंपनी के अंतिम उपलब्ध लेखापरीक्षित खातों के आधार पर वैधानिक लेखापरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी मूल्यह्रास को घटाकर, परिसंपत्तियों के मूल्य में ब्रांड मूल्य, सद्भावना का मूल्य, या कॉपीराइट, पेटेंट, अनुमत उपयोग, सामूहिक चिह्न, पंजीकृत स्वामी, पंजीकृत ट्रेडमार्क, पंजीकृत उपयोगकर्ता, समनाम भौगोलिक संकेत, भौगोलिक संकेत, डिजाइन या लेआउट-डिजाइन या धारा 3 की उपधारा (5) में दिए गए कानूनों के तहत समान अन्य वाणिज्यिक अधिकारों का मूल्य शामिल होगा;
(f) जहां किसी उद्यम या प्रभाग या व्यवसाय के किसी भाग का अधिग्रहण किया जा रहा हो, उस पर नियंत्रण किया जा रहा हो, उसका विलय किया जा रहा हो या उसे किसी अन्य उद्यम के साथ समामेलित किया जा रहा हो, तो उक्त भाग या प्रभाग या व्यवसाय की या उससे संबंधित परिसंपत्तियों का मूल्य या कारोबार या लेनदेन का मूल्य, जैसा भी लागू हो, धारा 5 के अंतर्गत निर्धारित सीमाएँ लागू करने के उद्देश्य से प्रासंगिक परिसंपत्तियाँ या कारोबार या लेनदेन का प्रासंगिक मूल्य होगा।]
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