Competition Actकेंद्रीय कानून2002
प्रतिस्पर्धा अधिनियम
An Act to provide, keeping in view of the economic development of the country, for the establishment of a Commission to prevent practices having adverse effect on competition, to promote and sustain competition in markets, to protect the interests of consumers and to ensure freedom of trade carried on by other participants in markets, in India, and for matters connected therewith or incidental thereto.
2002 का अधिनियम संख्या 12 · Ministry of Corporate Affairs
- धाराएँ
- 98
- अध्याय
- 10
- वर्गीकृत अपराध
- 1
विषय-सूची
IPreliminary§ 1–22 धाराएँ
IIProhibition of agreements · Prohibition of abuse of dominant position · Regulation of combinations§ 3–6A5 धाराएँ
Prohibition of agreements
Prohibition of abuse of dominant position
Regulation of combinations
IIICompetition Commission of India§ 7–1711 धाराएँ
- 7आयोग की स्थापना।
- 8आयोग की संरचना।
- 9आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए समिति।
- 10अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कार्यकाल।
- 11अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का इस्तीफा, पद से हटाना और निलंबन।
- 12अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के रोजगार पर प्रतिबंध।
- 13अध्यक्ष की प्रशासनिक शक्तियां।
- 14अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें एवं नियम।
- 15रिक्ति आदि से आयोग की कार्यवाही अमान्य नहीं होगी।
- 16महानिदेशक आदि की नियुक्ति।
- 17आयोग के सचिव, विशेषज्ञों, पेशेवरों, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति।
IVDuties, Powers and Functions of Commission§ 18–4025 धाराएँ6 निरस्त
- 18आयोग के कर्तव्य और कार्य।
- 19कुछ समझौतों और उद्यम की प्रमुख स्थिति की जांच।
- 20आयोग द्वारा संयोजन की जांच।
- 21वैधानिक प्राधिकरण द्वारा संदर्भ।
- 21Aआयोग द्वारा संदर्भित।
- 22आयोग की बैठकें।
- 23छोड़ा गया।(निरस्त)
- 24छोड़ा गया।(निरस्त)
- 25छोड़ा गया।(निरस्त)
- 26धारा 19 के तहत जांच की प्रक्रिया।
- 27आयोग द्वारा समझौतों या प्रभुत्वपूर्ण स्थिति के दुरुपयोग की जांच के बाद जारी किए गए आदेश।
- 28प्रमुख स्थिति का आनंद ले रही उद्यम की शाखा।
- 29संयोजनों की जांच की प्रक्रिया।
- 29AIssue of statement of objections by Commission and proposal of modifications.
- 30धारा 6 की उपधारा (2) के तहत खुलासों की जांच।
- 31कुछ संयोजनों पर आयोग के आदेश।
- 32भारत के बाहर घटित होने वाली ऐसी घटनाएं जिनका भारत में प्रतिस्पर्धा पर प्रभाव पड़ता है
- 33अंतरिम आदेश जारी करने का अधिकार।
- 34छोड़ा गया।(निरस्त)
- 35आयोग के समक्ष उपस्थिति
- 36आयोग को अपनी कार्यप्रणाली को विनियमित करने का अधिकार है।
- 37Omitted.(निरस्त)
- 38आदेशों की परिशुद्धि
- 39धनीय शास्ति अधिरोपित करने वाले आयोग के आदेशों का निष्पादन
- 40Omitted.(निरस्त)
VDuties of Director General§ 411 धाराएँ
VIPenalties§ 42–48C11 धाराएँ
- 42आयोग के आदेशों का उल्लंघन।
- 42Aआयोग के आदेशों के उल्लंघन की स्थिति में मुआवजा
- 43आयोग और महानिदेशक के निर्देशों का पालन न करने पर दंड।
- 43Aसंयोजन संबंधी जानकारी न देने पर जुर्माना लगाने का अधिकार।
- 44झूठा बयान देने या महत्वपूर्ण जानकारी न देने पर दंड।
- 45सूचना उपलब्ध कराने से संबंधित उल्लंघनों के लिए दंड।
- 46कम दंड लगाने की शक्ति
- 47जुर्माने के रूप में वसूल की गई राशि को भारत की संचित निधि में जमा करना।
- 48कंपनियों द्वारा उल्लंघन।
- 48ASettlement.
- 48CRevocation of the Settlement or Commitment order and penalty.
VIICompetition Advocacy§ 491 धाराएँ
VIIIFinance, Accounts and Audit§ 50–534 धाराएँ
VIIIAAppellate Tribunal§ 53A–53U22 धाराएँ11 निरस्त
- 53Aअपीलीय न्यायाधिकरण।
- 53Bअपीलीय न्यायाधिकरण में अपील।
- 53Cछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Dछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Eछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Fछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Gछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Hरिक्तियां।
- 53Iछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Jछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Kछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Lछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Mछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Nमुआवजा प्रदान करना
- 53NOउच्चतम न्यायालय को अपील
- 53Oअपीलीय न्यायाधिकरण की प्रक्रियाएं और शक्तियां।
- 53Pअपीलीय न्यायाधिकरण के आदेशों का निष्पादन।
- 53Qअपीलीय न्यायाधिकरण के आदेशों का उल्लंघन।
- 53Rछोड़ा गया।(निरस्त)
- 53Sकानूनी प्रतिनिधित्व का अधिकार।
- 53Tसर्वोच्च न्यायालय में अपील
- 53UPower to Punish for contempt.
IXMiscellaneous§ 54–6616 धाराएँ
- 54छूट देने की शक्ति।
- 55निर्देश जारी करने की केंद्रीय सरकार की शक्ति।
- 56आयोग को निरस्त करने की केंद्रीय सरकार की शक्ति।
- 57सूचना के प्रकटीकरण पर प्रतिबंध
- 58अध्यक्ष, सदस्य, महानिदेशक, सचिव, पदाधिकारी और अन्य कर्मचारी आदि लोक सेवक होंगे।
- 59सद्भावनापूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण।
- 59ACompounding of certain offences.
- 60अधिनियम का सर्वोपरि प्रभाव होगा
- 61दीवानी न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र का अपवर्जन।
- 62अन्य कानूनों के लागू होने पर कोई रोक नहीं है।
- 63नियम बनाने की शक्ति
- 64नियम बनाने की शक्ति।
- 64AProcess of issuing regulations.
- 64BCommission to issue guidelines.
- 65कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति।
- 66निरसन और बचत
