A&C Act 38अध्याय X · Miscellaneous
धारा 38 · जमा राशि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) मध्यस्थ न्यायाधिकरण धारा 31 की उपधारा (8) में निर्दिष्ट लागतों के अग्रिम भुगतान के रूप में जमा राशि या पूरक जमा राशि, जैसा भी मामला हो, निर्धारित कर सकता है, जिसके बारे में उसे उम्मीद है कि उसके समक्ष प्रस्तुत दावे के संबंध में वहन की जाएगी:
बशर्ते कि जहां दावे के अलावा, मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष प्रतिदावा प्रस्तुत किया गया हो, वहां वह दावे और प्रतिदावे के लिए अलग-अलग जमा राशि निर्धारित कर सकता है।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट जमा राशि पक्षों द्वारा बराबर भागों में देय होगी: बशर्ते कि यदि एक पक्ष जमा राशि में अपना हिस्सा देने में विफल रहता है, तो दूसरा पक्ष वह हिस्सा दे सकता है:
इसके अलावा, यदि दूसरा पक्ष भी दावे या प्रतिदावे के संबंध में उपर्युक्त हिस्सा अदा नहीं करता है, तो मध्यस्थ न्यायाधिकरण ऐसे दावे या प्रतिदावे के संबंध में मध्यस्थता कार्यवाही को निलंबित या समाप्त कर सकता है, जैसा भी मामला हो।
(3) मध्यस्थता कार्यवाही की समाप्ति पर, मध्यस्थता न्यायाधिकरण प्राप्त जमा राशि का हिसाब पक्षकारों को देगा और किसी भी अप्रयुक्त शेष राशि को पक्षकार या पक्षकारों को लौटा देगा, जैसा भी मामला हो।
बशर्ते कि जहां दावे के अलावा, मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष प्रतिदावा प्रस्तुत किया गया हो, वहां वह दावे और प्रतिदावे के लिए अलग-अलग जमा राशि निर्धारित कर सकता है।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट जमा राशि पक्षों द्वारा बराबर भागों में देय होगी: बशर्ते कि यदि एक पक्ष जमा राशि में अपना हिस्सा देने में विफल रहता है, तो दूसरा पक्ष वह हिस्सा दे सकता है:
इसके अलावा, यदि दूसरा पक्ष भी दावे या प्रतिदावे के संबंध में उपर्युक्त हिस्सा अदा नहीं करता है, तो मध्यस्थ न्यायाधिकरण ऐसे दावे या प्रतिदावे के संबंध में मध्यस्थता कार्यवाही को निलंबित या समाप्त कर सकता है, जैसा भी मामला हो।
(3) मध्यस्थता कार्यवाही की समाप्ति पर, मध्यस्थता न्यायाधिकरण प्राप्त जमा राशि का हिसाब पक्षकारों को देगा और किसी भी अप्रयुक्त शेष राशि को पक्षकार या पक्षकारों को लौटा देगा, जैसा भी मामला हो।
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