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44 प्रविष्टियाँ
परिभाषाएँ।
इस संहिता में, जब तक संदर्भ अन्यथा अपेक्षित न हो,--- (1) "कार्य" से तात्पर्य कार्यों की श्रृंखला के साथ-साथ एक एकल कार्य से भी है; (2) "पशु" से तात्पर्य मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी से है; (3) "बाल" से तात्पर्य अठारह वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति से है; (4) "नकली".---वह व्यक्ति "नकली" कहलाता है जो किसी…
पूरा पढ़ेंयह संचार सद्भावना से किया गया था।
सद्भावना से किया गया कोई भी संचार, उस व्यक्ति को होने वाली किसी भी हानि के कारण अपराध नहीं है, यदि वह संचार उस व्यक्ति के लाभ के लिए किया गया हो। चित्रण । सर्जन ए ने सद्भावनापूर्वक एक मरीज को अपनी राय बताई कि वह जीवित नहीं रह सकता। इस सदमे के कारण मरीज की मृत्यु हो गई। ए ने कोई अपराध नहीं किया, हालांकि वह जानता था कि…
पूरा पढ़ेंधारा 93 - सद्भावपूरवक दी गई संसूचना
सद्भावपूरवक दी गई संसूचना सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना उस अपहानि के कारण अपराध नहीं है, जो उस व्यक्ति की हो जिसे वह दी गई है, यदि वह उस व्यक्ति के फायदे के लिए दी गई हो । द्रष्टांत : क, एक शल्यचिकित्सक, एक रोगी को सद्भावपूर्वक यह संसूचित कर्ता है कि उसकी राय में वह जीवित नहीं रह सकता । इस आघात के परिणामस्वरूप उस रोगी की…
पूरा पढ़ेंजिससे गर्भपात हो जाता है।
जो कोई भी स्वेच्छा से किसी गर्भवती महिला का गर्भपात कराता है, यदि ऐसा गर्भपात महिला का जीवन बचाने के उद्देश्य से सद्भावनापूर्वक नहीं कराया गया हो, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा; और यदि महिला गर्भ धारण कर चुकी हो, तो उसे किसी भी प्रकार के…
पूरा पढ़ेंधारा 312 - गर्भपात कारित करना
गर्भपात कारित करना जो कोई गर्भवती स्त्री का स्वेच्छया गर्भपात कारित करेगा, यदि ऐसा गर्भपात उस स्त्री का जीवन बचाने के प्रयोजन से सद्भावपूर्वक कारित न किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा, और यदि वह स्त्री स्पन्दनगर्भा…
पूरा पढ़ेंमहिला की सहमति के बिना गर्भपात कराना।
जो कोई भी स्त्री की सहमति के बिना धारा 88 के अंतर्गत अपराध करता है, चाहे स्त्री गर्भवती हो या न हो, उसे आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ेंधारा 313 - स्त्री की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना
स्त्री की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना जो कोई उस स्त्री की सम्मति के बिना, चाहे वह स्त्री स्पन्दनगर्भा हो या नहीं, पूर्ववर्ती अन्तिम धारा में परिभाषित अपराध करेगा, वह 2[आजीवन कारावास] से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंगर्भपात कराने के इरादे से किए गए कृत्य के कारण हुई मृत्यु।
(1) जो कोई गर्भवती स्त्री का गर्भपात कराने के इरादे से ऐसा कोई कार्य करता है जिससे ऐसी स्त्री की मृत्यु हो जाती है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। (2) जहाँ उपधारा (1) में निर्दिष्ट कार्य स्त्री की सहमति के बिना किया जाता है, तो वह या तो…
पूरा पढ़ेंधारा 314 - गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्यों द्वारा कारित मॄत्यु
गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्यों द्वारा कारित मॄत्यु जो कोई गर्भवती स्त्री का गर्भपात कारित करने के आशय से कोई ऐसा कार्य करेगा, जिससे ऐसी स्त्री की मॄत्यु कारित हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा । यदि वह…
पूरा पढ़ेंकिसी बच्चे को जीवित जन्म लेने से रोकने या जन्म के बाद उसकी मृत्यु का कारण बनने के इरादे से किया गया कार्य।
जो कोई भी किसी बच्चे के जन्म से पहले ऐसा कोई कार्य करता है जिससे वह बच्चा जीवित पैदा न हो या जन्म के बाद मर जाए, और ऐसे कार्य से वह बच्चा जीवित पैदा न हो पाए या जन्म के बाद मर जाए, तो यदि ऐसा कार्य माता का जीवन बचाने के उद्देश्य से सद्भावनापूर्वक न किया गया हो, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के…
पूरा पढ़ेंधारा 315 - शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मॄत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य
शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मॄत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य जो कोई किसी शिशु के जन्म से पूर्व कोई कार्य इस आशय से करेगा कि उस शिशु का जीवित पैदा होना तद्द्वारा रोका जाए या जन्म के पश्चात् तद्द्वारा उसकी मॄत्यु कारित हो जाए, और ऐसे कार्य से उस शिशु का जीवित पैदा होना रोकेगा, या उसके…
पूरा पढ़ेंगर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु का कारण बनना, जो कि गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है।
जो कोई भी ऐसी परिस्थितियों में कोई ऐसा कार्य करता है, जिससे मृत्यु होने पर वह गैर इरादतन हत्या का दोषी होगा, और ऐसे कार्य से किसी जीवित अजन्मे बच्चे की मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। चित्रण। ए, यह जानते हुए कि…
पूरा पढ़ेंगर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु का कारण बनना, जो कि गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है।
जो कोई भी ऐसी परिस्थितियों में कोई ऐसा कार्य करता है, जिससे मृत्यु होने पर वह गैर इरादतन हत्या का दोषी होगा, और ऐसे कार्य से किसी जीवित अजन्मे बच्चे की मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। चित्रण ए, यह जानते हुए कि उसके…
पूरा पढ़ेंबारह वर्ष से कम आयु के बच्चे को उसके माता-पिता या देखभाल करने वाले व्यक्ति द्वारा छोड़ देना और उसे असुरक्षित छोड़ देना।
जो कोई भी बारह वर्ष से कम आयु के बच्चे का पिता या माता हो, या ऐसे बच्चे की देखभाल करता हो, यदि वह बच्चे को पूरी तरह से त्यागने के इरादे से किसी स्थान पर छोड़ देता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा। स्पष्टीकरण.—इस धारा का उद्देश्य अपराधी पर…
पूरा पढ़ेंधारा 317 - शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग
शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग जो कोई बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का पिता या माता होते हुए, या ऐसे शिशु की देखरेख का भार रखते हुए, ऐसे शिशु का पूर्णतः परित्याग करने के आशय से उस शिशु को किसी स्थान में अरक्षित डाल देगा या…
पूरा पढ़ेंमृत शरीर को गुप्त रूप से ठिकाने लगाकर जन्म को छिपाना।
जो कोई भी किसी बच्चे के मृत शरीर को गुप्त रूप से दफनाकर या किसी अन्य तरीके से उसका निपटान करके, चाहे वह बच्चा जन्म से पहले, बाद में या जन्म के दौरान मर गया हो, जानबूझकर उस बच्चे के जन्म को छुपाता है या छुपाने का प्रयास करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से…
पूरा पढ़ेंधारा 318 - मॄत शरीर के गुप्त व्ययन द्वारा जन्म छिपाना
मॄत शरीर के गुप्त व्ययन द्वारा जन्म छिपाना जो कोई किसी शिशु के मॄत शरीर को गुप्त रूप से गाड़कर या अन्यथा उसका व्ययन करके, चाहे ऐसे शिशु की मॄत्यु उसके जन्म से पूर्व या पश्चात् या जन्म के दौरान में हुई हो, ऐसे शिशु के जन्म को साशय छिपाएगा या छिपाने का प्रयास करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि…
पूरा पढ़ेंहटाई गई धारा
DELETED
धारा 310 - ठग
ठग जो कोई इस अधिनियम के पारित होने के पश्चात् किसी समय हत्या द्वारा या हत्या सहित लूट या शिशुओं की चोरी करने के प्रयोजन के लिए अन्य व्यक्ति या अन्य व्यक्तियों से अभ्यासतः सहयुक्त रहता है वह ठग है ।
पूरा पढ़ेंहटाई गई धारा
DELETED
धारा 311 - दण्ड
दण्ड जो कोई ठग होगा, वह 1[आजीवन कारावास] से दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा । गर्भपात कारित करने, अजात शिशुओं को क्षति कारित करने, शिशुओं को अरक्षित छोड़ने और जन्म छिपाने के विषय में
पूरा पढ़ेंआहत।
जो कोई भी किसी व्यक्ति को शारीरिक पीड़ा, बीमारी या दुर्बलता पहुंचाता है, उसे चोट पहुंचाना कहा जाता है।
पूरा पढ़ेंधारा 319 - उपहति
उपहति जो कोई व्यक्ति को शारीरिक पीड़ा रोग या अंग-शैथिल्य कारित करता है, वह उपहति करता है, यह कहा जाता है ।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंधारा 391 - डकैती
डकैती जबकि पांच या अधिक व्यक्ति संयुक्त होकर लूट करते हैं या करने का प्रयत्न करते हैं या जहां कि वे व्यक्ति, जो संयुक्त होकर लूट करते हैं या करने का प्रयत्न करते हैं और वे व्यक्ति जो उपस्थित हैं और ऐसे लूट के किए जाने या ऐसे प्रयत्न में मदद करते हैं, कुल मिलाकर पांच या अधिक हैं, तब हर व्यक्ति जो इस प्रकार लूट करता है,…
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंधारा 391 - डकैती
डकैती जबकि पांच या अधिक व्यक्ति संयुक्त होकर लूट करते हैं या करने का प्रयत्न करते हैं या जहां कि वे व्यक्ति, जो संयुक्त होकर लूट करते हैं या करने का प्रयत्न करते हैं और वे व्यक्ति जो उपस्थित हैं और ऐसे लूट के किए जाने या ऐसे प्रयत्न में मदद करते हैं, कुल मिलाकर पांच या अधिक हैं, तब हर व्यक्ति जो इस प्रकार लूट करता है,…
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंडकैती के लिए सजा।
जो कोई भी डकैती करेगा उसे 1 [आजीवन कारावास] या दस वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंहत्या सहित डकैती।
यदि पाँच या दो से अधिक व्यक्तियों में से कोई एक व्यक्ति, जो संयुक्त रूप से डकैती कर रहे हैं, डकैती करते समय हत्या कर देता है, तो उन सभी व्यक्तियों को मृत्युदंड, या 1 [आजीवन कारावास], या दस वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी, और उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंधारा 399 - डकैती करने के लिए तैयारी करना
डकैती करने के लिए तैयारी करना जो कोई डकैती करने के लिए कोई तैयारी करेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा, और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंधारा 402 - डकैती करने के प्रयोजन से एकत्रित होना
डकैती करने के प्रयोजन से एकत्रित होना जो कोई इस अधिनियम के पारित होने के पश्चात् किसी भी समय डकैती करने के प्रयोजन से एकत्रित पांच या अधिक व्यक्तियों में से एक होगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंडकैती।
(1) जब पाँच या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से डकैती करते हैं या डकैती करने का प्रयास करते हैं, या जहाँ संयुक्त रूप से डकैती करने या डकैती करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, और ऐसे कृत्य या प्रयास में उपस्थित और सहायता करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या पाँच या दो से अधिक हो, तो ऐसा करने, प्रयास करने…
पूरा पढ़ेंधारा 400 - डाकुओं की टोली का होने के लिए दण्ड
डाकुओं की टोली का होने के लिए दण्ड जो कोई इस अधिनियम के पारित होने के पश्चात् किसी भी समय ऐसे व्यक्तियों की टोली का होगा, जो अभ्यासतः डकैती करने के प्रयोजन से सहयुक्त हों, वह 1[आजीवन कारावास] से, या कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंहत्या या गंभीर चोट पहुंचाने के प्रयास के साथ डकैती या लूटपाट।
यदि कोई अपराधी डकैती या लूटपाट करते समय किसी घातक हथियार का प्रयोग करता है, या किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाता है, या किसी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास करता है, तो ऐसे अपराधी को दी जाने वाली कारावास की अवधि सात वर्ष से कम नहीं होगी।
पूरा पढ़ेंधारा 397 - मॄत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती
मॄत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती यदि लूट या डकैती करते समय अपराधी किसी घातक आयुध का उपयोग करेगा, या किसी व्यक्ति को घोर उपहति कारित करेगा, या किसी व्यक्ति की मॄत्यु कारित करने या उसे घोर उपहति कारित करने का प्रयत्न करेगा, तो वह कारावास, जिससे ऐसा अपराधी दण्डित किया जाएगा, सात वर्ष से कम का…
पूरा पढ़ेंघातक हथियार से लैस होकर डकैती या लूटपाट करने का प्रयास करना।
यदि डकैती या लूटपाट करने का प्रयास करते समय अपराधी किसी घातक हथियार से लैस हो, तो ऐसे अपराधी को दी जाने वाली कारावास की अवधि सात वर्ष से कम नहीं होगी।
पूरा पढ़ेंधारा 398 - घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न
घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न यदि लूट या डकैती करने का प्रयत्न करते समय, अपराधी किसी घातक आयुध से सज्जित होगा, तो वह कारावास, जिससे ऐसा अपराधी दण्डित किया जाएगा, सात वर्ष से कम का नहीं होगा ।
पूरा पढ़ेंडाकुओं के गिरोह से संबंधित होने पर मिलने वाली सजा, आदि।
जो कोई भी ऐसे गिरोह का सदस्य हो जो आदतन चोरी या डकैती करता हो, और वह डाकुओं का गिरोह न हो, उसे सात वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 401 - चोरों की टोली का होने के लिए दण्ड
चोरों की टोली का होने के लिए दण्ड जो कोई इस अधिनियम के पारित होने के पश्चात् किसी भी समय ऐसे व्यक्तियों की किसी घूमती-फिरती या अन्य टोली का होगा जो, अभ्यासतः चोरी या लूट करने के प्रयोजन से सहयुक्त हों और वह टोली ठगों या डाकुओं की टोली न हो, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और…
पूरा पढ़ेंसंपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग।
जो कोई भी बेईमानी से किसी चल संपत्ति का दुरुपयोग करता है या उसे अपने उपयोग के लिए परिवर्तित करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि छह महीने से कम नहीं होगी लेकिन दो वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है और जुर्माना भी लगाया जाएगा। चित्र। (क) यदि ए, ज़ेड की संपत्ति को ज़ेड के कब्जे से सद्भावनापूर्वक…
पूरा पढ़ेंधारा 403 - सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग
सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग जो कोई बेईमानी से किसी जंगम सम्पत्ति का दुर्विनियोग करेगा या उसको अपने उपयोग के लिए संपरिवर्तित कर लेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा । दृष्टांत : (क) क, य की सम्पत्ति को उस समय जब कि क उस…
पूरा पढ़ेंमृतक व्यक्ति की मृत्यु के समय उसके पास मौजूद संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग करना।
जो कोई भी बेईमानी से किसी संपत्ति का दुरुपयोग करता है या उसे अपने निजी उपयोग के लिए परिवर्तित करता है, यह जानते हुए कि ऐसी संपत्ति किसी मृत व्यक्ति के कब्जे में उसकी मृत्यु के समय थी, और उसके बाद से किसी ऐसे व्यक्ति के कब्जे में नहीं रही है जो कानूनी रूप से उस संपत्ति पर कब्जा करने का हकदार हो, उसे किसी भी प्रकार के…
पूरा पढ़ेंधारा 404 - ऐसी सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग जो मॄत व्यक्ति की मॄत्यु के समय उसके कब्जे में थी
ऐसी सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग जो मॄत व्यक्ति की मॄत्यु के समय उसके कब्जे में थी जो कोई किसी सम्पत्ति को, यह जानते हुए कि ऐसी सम्पत्ति किसी व्यक्ति की मॄत्यु के समय उस मॄत व्यक्ति के कब्जे में थी, और तब से किसी व्यक्ति के कब्जे में नहीं रही है, जो ऐसे कब्जे का वैध रूप से हकदार है, बेईमानी से दुर्विनियोजित…
पूरा पढ़ेंविश्वासघात का आपराधिक मामला।
(1) जो कोई भी, किसी भी प्रकार से संपत्ति या संपत्ति पर किसी भी आधिपत्य के साथ सौंपा गया हो, बेईमानी से उस संपत्ति का दुरुपयोग करता है या उसे अपने उपयोग के लिए परिवर्तित करता है, या बेईमानी से उस संपत्ति का उपयोग करता है या उसका निपटान करता है, कानून के किसी भी निर्देश का उल्लंघन करते हुए, जिसमें ऐसे विश्वास के निर्वहन…
पूरा पढ़ेंधारा 405 - आपराधिक न्यासभंग
आपराधिक न्यासभंग जो कोई किसी सम्पत्ति का, या सम्पत्ति पर के किसी आधिपत्य का, किसी भी प्रकार से न्यास सौंपा जाकर, उस सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग कर लेगा या उसे अपने उपयोग में संपरिवर्तित कर लेगा, अथवा उस सम्पत्ति का उपयोग या व्ययन विधि के किसी ऐसे निदेश के, जो उस ढंग को विहित करता है जिससे ऐसे न्यास का निर्वहन…
पूरा पढ़ेंविश्वासघात का आपराधिक मामला।
(1) जो कोई भी, किसी भी प्रकार से संपत्ति या संपत्ति पर किसी भी आधिपत्य के साथ सौंपा गया हो, बेईमानी से उस संपत्ति का दुरुपयोग करता है या उसे अपने उपयोग के लिए परिवर्तित करता है, या बेईमानी से उस संपत्ति का उपयोग करता है या उसका निपटान करता है, कानून के किसी भी निर्देश का उल्लंघन करते हुए, जिसमें ऐसे विश्वास के निर्वहन…
पूरा पढ़ेंधारा 405 - आपराधिक न्यासभंग
आपराधिक न्यासभंग जो कोई किसी सम्पत्ति का, या सम्पत्ति पर के किसी आधिपत्य का, किसी भी प्रकार से न्यास सौंपा जाकर, उस सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग कर लेगा या उसे अपने उपयोग में संपरिवर्तित कर लेगा, अथवा उस सम्पत्ति का उपयोग या व्ययन विधि के किसी ऐसे निदेश के, जो उस ढंग को विहित करता है जिससे ऐसे न्यास का निर्वहन…
पूरा पढ़ेंविश्वासघात का आपराधिक मामला।
(1) जो कोई भी, किसी भी प्रकार से संपत्ति या संपत्ति पर किसी भी आधिपत्य के साथ सौंपा गया हो, बेईमानी से उस संपत्ति का दुरुपयोग करता है या उसे अपने उपयोग के लिए परिवर्तित करता है, या बेईमानी से उस संपत्ति का उपयोग करता है या उसका निपटान करता है, कानून के किसी भी निर्देश का उल्लंघन करते हुए, जिसमें ऐसे विश्वास के निर्वहन…
पूरा पढ़ेंधारा 406 - आपराधिक न्यासभंग के लिए दंड
आपराधिक न्यासभंग के लिए दंड जो कोई आपराधिक न्यासभंग करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंविश्वासघात का आपराधिक मामला।
(1) जो कोई भी, किसी भी प्रकार से संपत्ति या संपत्ति पर किसी भी आधिपत्य के साथ सौंपा गया हो, बेईमानी से उस संपत्ति का दुरुपयोग करता है या उसे अपने उपयोग के लिए परिवर्तित करता है, या बेईमानी से उस संपत्ति का उपयोग करता है या उसका निपटान करता है, कानून के किसी भी निर्देश का उल्लंघन करते हुए, जिसमें ऐसे विश्वास के निर्वहन…
पूरा पढ़ेंधारा 407 - वाहक, आदि द्वारा आपराधिक न्यासभंग
वाहक, आदि द्वारा आपराधिक न्यासभंग जो कोई वाहक, घाटवाल, या भांडागारिक के रूप में अपने पास संपत्ति न्यस्त किए जाने पर ऐसी संपत्ति के विषय में आपराधिक न्यासभंग करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ेंविश्वासघात का आपराधिक मामला।
(1) जो कोई भी, किसी भी प्रकार से संपत्ति या संपत्ति पर किसी भी आधिपत्य के साथ सौंपा गया हो, बेईमानी से उस संपत्ति का दुरुपयोग करता है या उसे अपने उपयोग के लिए परिवर्तित करता है, या बेईमानी से उस संपत्ति का उपयोग करता है या उसका निपटान करता है, कानून के किसी भी निर्देश का उल्लंघन करते हुए, जिसमें ऐसे विश्वास के निर्वहन…
पूरा पढ़ेंधारा 408 - लिपिक या सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग
लिपिक या सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग जो कोई लिपिक या सेवक होते हुए, या लिपिक या सेवक के रूप में नियोजित होते हुए, और इस नाते किसी प्रकार संपत्ति, या संमत्ति पर कोई भी अख्त्यार अपने में न्यस्त होते हुए, उस संपत्ति के विषय में आपराधिक न्यासभंग करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की…
पूरा पढ़ेंविश्वासघात का आपराधिक मामला।
(1) जो कोई भी, किसी भी प्रकार से संपत्ति या संपत्ति पर किसी भी आधिपत्य के साथ सौंपा गया हो, बेईमानी से उस संपत्ति का दुरुपयोग करता है या उसे अपने उपयोग के लिए परिवर्तित करता है, या बेईमानी से उस संपत्ति का उपयोग करता है या उसका निपटान करता है, कानून के किसी भी निर्देश का उल्लंघन करते हुए, जिसमें ऐसे विश्वास के निर्वहन…
पूरा पढ़ेंधारा 409 - लोक सेवक द्वारा या बैंकार, व्यापारी या अभिकर्ता द्वारा आपराधिक न्यासभंग
लोक सेवक द्वारा या बैंकार, व्यापारी या अभिकर्ता द्वारा आपराधिक न्यासभंग जो कोई लोक सेवक के नाते अथवा बैंकार, व्यापारी, फैक्टर, दलाल, अटर्नी या अभिकर्ता के रूप में अपने कारबार के अनुक्रम में किसी प्रकार संपत्ति या संपत्ति पर कोई भी अख्त्यार अपने को न्यस्त होते हुए उस संपत्ति के विषय में आपराधिक न्यासभंग करेगा, वह आजीवन…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 410 - चुराई हुई संपत्ति
चुराई हुई संपत्ति वह संपत्ति, जिसका कब्जा चोरी द्वारा, या उद्दापन द्वारा या लूट द्वारा अंतरित किया गया है, और वह संपत्ति, जिसका आपराधिक दुर्विनियोग किया गया है, या जिसके विषय में आपराधिक न्यासभंग किया गया है, चुराई हुई “संपत्ति” कहलाती है, चाहे वह अंतरण या वह दुर्विनियोग या न्यासभंग भारत के भीतर किया गया हो या बाहर ।…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 410 - चुराई हुई संपत्ति
चुराई हुई संपत्ति वह संपत्ति, जिसका कब्जा चोरी द्वारा, या उद्दापन द्वारा या लूट द्वारा अंतरित किया गया है, और वह संपत्ति, जिसका आपराधिक दुर्विनियोग किया गया है, या जिसके विषय में आपराधिक न्यासभंग किया गया है, चुराई हुई “संपत्ति” कहलाती है, चाहे वह अंतरण या वह दुर्विनियोग या न्यासभंग भारत के भीतर किया गया हो या बाहर ।…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 411 - चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना
चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो कोई किसी चुराई हुई संपत्ति को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई संपत्ति है, बेईमानी से प्राप्त करेगा या रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 412 - ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है
ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है जो कोई ऐसी चुराई गई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करेगा या रखे रखेगा, जिसके कब्जे के विषय में वह यह जानता है या विश्वास करने का कारण रखता है कि वह डकैती द्वारा अंतरित की गई है, अथवा किसी ऐसे व्यक्ति से, जिसके संबंध में वह यह जानता है या विश्वास करने…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 413 - चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना
चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना जो कोई ऐसी संपत्ति, जिसके संबंध में वह यह जानता है, या विश्वास करने का कारण रखता है कि वह चुराई हुई संपत्ति है, अभ्यासतः प्राप्त करेगा, या अभ्यासतः उसमें व्यवहार करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित…
पूरा पढ़ेंचोरी की संपत्ति।
(1) वह संपत्ति जिसका कब्ज़ा चोरी, जबरन वसूली, डकैती या धोखाधड़ी द्वारा हस्तांतरित किया गया हो, और वह संपत्ति जिसका आपराधिक रूप से दुरुपयोग किया गया हो या जिसके संबंध में आपराधिक विश्वासघात किया गया हो, चोरी की संपत्ति कहलाती है, चाहे हस्तांतरण भारत के भीतर हुआ हो या भारत के बाहर, या दुरुपयोग या विश्वासघात किया गया हो,…
पूरा पढ़ेंधारा 414 - चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना
चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना जो कोई ऐसी संपत्ति को छिपाने में, या व्ययनित करने में, या इधर उधर करने में स्वेच्छया सहायता करेगा, जिसके विषय में वह यह जानता है या विश्वास करने का कारण रखता है कि वह चुराई हुई संपत्ति है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 3 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने…
पूरा पढ़ेंबेईमानी करना।
(1) जो कोई किसी व्यक्ति को धोखा देकर, कपटपूर्वक या बेईमानी से उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति अपने पास रखने की सहमति देने के लिए प्रेरित करता है, या जानबूझकर उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को ऐसा कोई कार्य करने या न करने के लिए…
पूरा पढ़ेंधारा 415 - छल
छल जो कोई किसी व्यक्ति से प्रवंचना कर उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार प्रवंचित किया गया है, कपटपूर्व या बेईमानी से उत्प्रेरित करता है कि वह कोई संपत्ति किसी व्यक्ति को परिदत्त कर दे, या यह सम्मति दे दे कि कोई व्यक्ति किसी संपत्ति को रख रखे या साशय उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार प्रवंचित किया गया है, उत्प्रेरित करता है कि…
पूरा पढ़ेंबेईमानी करना।
(1) जो कोई किसी व्यक्ति को धोखा देकर, कपटपूर्वक या बेईमानी से उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति अपने पास रखने की सहमति देने के लिए प्रेरित करता है, या जानबूझकर उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को ऐसा कोई कार्य करने या न करने के लिए…
पूरा पढ़ेंधारा 415 - छल
छल जो कोई किसी व्यक्ति से प्रवंचना कर उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार प्रवंचित किया गया है, कपटपूर्व या बेईमानी से उत्प्रेरित करता है कि वह कोई संपत्ति किसी व्यक्ति को परिदत्त कर दे, या यह सम्मति दे दे कि कोई व्यक्ति किसी संपत्ति को रख रखे या साशय उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार प्रवंचित किया गया है, उत्प्रेरित करता है कि…
पूरा पढ़ेंबेईमानी करना।
(1) जो कोई किसी व्यक्ति को धोखा देकर, कपटपूर्वक या बेईमानी से उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति अपने पास रखने की सहमति देने के लिए प्रेरित करता है, या जानबूझकर उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को ऐसा कोई कार्य करने या न करने के लिए…
पूरा पढ़ेंधारा 417 - छल के लिए दंड
छल के लिए दंड जो कोई छल करेगा, दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंबेईमानी करना।
(1) जो कोई किसी व्यक्ति को धोखा देकर, कपटपूर्वक या बेईमानी से उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति अपने पास रखने की सहमति देने के लिए प्रेरित करता है, या जानबूझकर उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को ऐसा कोई कार्य करने या न करने के लिए…
पूरा पढ़ेंधारा 418 - इस ज्ञान के साथ छल करना कि उस व्यक्ति को सदोष हानि हो सकती है जिसका हित संरक्षित रखने के लिए अपराधी आबद्ध है
इस ज्ञान के साथ छल करना कि उस व्यक्ति को सदोष हानि हो सकती है जिसका हित संरक्षित रखने के लिए अपराधी आबद्ध है जो कोई इस ज्ञान के साथ छल करेगा कि यह सम्भाव्य है कि वह तद्द्वारा उस व्यक्ति को सदोष हानि पहुंचाए, जिसका हित उस संव्यवहार में जिससे वह छल संबंधित है, संरक्षित रखने के लिए वह या तो विधि द्वारा, या वैध संविदा…
पूरा पढ़ेंबेईमानी करना।
(1) जो कोई किसी व्यक्ति को धोखा देकर, कपटपूर्वक या बेईमानी से उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करता है, या किसी अन्य व्यक्ति को कोई संपत्ति अपने पास रखने की सहमति देने के लिए प्रेरित करता है, या जानबूझकर उस धोखे से पीड़ित व्यक्ति को ऐसा कोई कार्य करने या न करने के लिए…
पूरा पढ़ेंधारा 420 - छल करना और संपत्ति परिदत्त करने के लिए बेईमानी से उत्प्रेरित करना
छल करना और संपत्ति परिदत्त करने के लिए बेईमानी से उत्प्रेरित करना जो कोई छल करेगा, और तद्द्वारा उस व्यक्ति को, जिसे प्रवंचित किया गया है, बेईमानी से उत्प्रेरित करेगा कि वह कोई संपत्ति किसी व्यक्ति को परिदत्त कर दे, या किसी भी मूल्यवान प्रतिभूति को, या किसी चीज को, जो हस्ताक्षरित या मुद्रांकित हैं, और जो मुल्यवान…
पूरा पढ़ेंप्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी।
(1) किसी व्यक्ति को प्रतिरूपण द्वारा धोखा देने वाला कहा जाता है यदि वह किसी अन्य व्यक्ति होने का ढोंग करके, या जानबूझकर किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर प्रतिस्थापित करके, या यह दर्शाकर कि वह या कोई अन्य व्यक्ति वास्तव में जो व्यक्ति है उससे भिन्न है, धोखा देता है। स्पष्टीकरण। —यह अपराध तब भी होता है जब…
पूरा पढ़ेंधारा 416 - प्रतिरूपण द्वारा छल
प्रतिरूपण द्वारा छल कोई व्यक्ति “प्रतिरूपण द्वारा छल करता है”, यह तब कहा जाता है, जब वह यह अपदेश करके कि वह कोई अन्य व्यक्ति है, या एक व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के रूप में जानते हुए प्रतिस्थापित करके, या यह व्यपदिष्ट करके कि वह या कोई अन्य व्यक्ति, कोई ऐसा व्यक्ति है, जो वस्तुतः उससे या अन्य व्यक्ति से भिन्न है, छल…
पूरा पढ़ेंप्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी।
(1) किसी व्यक्ति को प्रतिरूपण द्वारा धोखा देने वाला कहा जाता है यदि वह किसी अन्य व्यक्ति होने का ढोंग करके, या जानबूझकर किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर प्रतिस्थापित करके, या यह दर्शाकर कि वह या कोई अन्य व्यक्ति वास्तव में जो व्यक्ति है उससे भिन्न है, धोखा देता है। स्पष्टीकरण। —यह अपराध तब भी होता है जब…
पूरा पढ़ेंधारा 416 - प्रतिरूपण द्वारा छल
प्रतिरूपण द्वारा छल कोई व्यक्ति “प्रतिरूपण द्वारा छल करता है”, यह तब कहा जाता है, जब वह यह अपदेश करके कि वह कोई अन्य व्यक्ति है, या एक व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के रूप में जानते हुए प्रतिस्थापित करके, या यह व्यपदिष्ट करके कि वह या कोई अन्य व्यक्ति, कोई ऐसा व्यक्ति है, जो वस्तुतः उससे या अन्य व्यक्ति से भिन्न है, छल…
पूरा पढ़ेंप्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी।
(1) किसी व्यक्ति को प्रतिरूपण द्वारा धोखा देने वाला कहा जाता है यदि वह किसी अन्य व्यक्ति होने का ढोंग करके, या जानबूझकर किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर प्रतिस्थापित करके, या यह दर्शाकर कि वह या कोई अन्य व्यक्ति वास्तव में जो व्यक्ति है उससे भिन्न है, धोखा देता है। स्पष्टीकरण। —यह अपराध तब भी होता है जब…
पूरा पढ़ेंधारा 419 - प्रतिरूपण द्वारा छल के लिए दंड
प्रतिरूपण द्वारा छल के लिए दंड जो कोई प्रतिरूपण द्वारा छल करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें- BNS §2(34)IPC §31
परिभाषाएँ।
धारा 31 - “बिल”
- BNS §31IPC §93
यह संचार सद्भावना से किया गया था।
धारा 93 - सद्भावपूरवक दी गई संसूचना
- BNS §88IPC §312
जिससे गर्भपात हो जाता है।
धारा 312 - गर्भपात कारित करना
- BNS §89IPC §313
महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराना।
धारा 313 - स्त्री की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना
- BNS §90IPC §314
गर्भपात कराने के इरादे से किए गए कृत्य के कारण हुई मृत्यु।
धारा 314 - गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्यों द्वारा कारित मॄत्यु
- BNS §91IPC §315
किसी बच्चे को जीवित जन्म लेने से रोकने या जन्म के बाद उसकी मृत्यु का कारण बनने के इरादे से किया गया कार्य।
धारा 315 - शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मॄत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य
- BNS §92IPC §316
गर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु का कारण बनना, जो कि गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है।
- BNS §93IPC §317
बारह वर्ष से कम आयु के बच्चे को उसके माता-पिता या देखभाल करने वाले व्यक्ति द्वारा छोड़ देना और उसे असुरक्षित छोड़ देना।
धारा 317 - शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग
- BNS §94IPC §318
मृत शरीर को गुप्त रूप से ठिकाने लगाकर जन्म को छिपाना।
धारा 318 - मॄत शरीर के गुप्त व्ययन द्वारा जन्म छिपाना
- BNS §DELETEDIPC §310
हटाई गई धारा
धारा 310 - ठग
BNS §DELETEDIPC §310 - BNS §DELETEDIPC §311
हटाई गई धारा
धारा 311 - दण्ड
BNS §DELETEDIPC §311 - BNS §114IPC §319
आहत।
धारा 319 - उपहति
- BNS §310IPC §391बदलाव हुआ
डकैती।
धारा 391 - डकैती
- BNS §310 (1)IPC §391
डकैती।
धारा 391 - डकैती
- BNS §310 (2)IPC §395
डकैती।
डकैती के लिए सजा।
- BNS §310 (3)IPC §396
डकैती।
हत्या सहित डकैती।
- BNS §310 (4)IPC §399
डकैती।
धारा 399 - डकैती करने के लिए तैयारी करना
- BNS §310 (5)IPC §402
डकैती।
धारा 402 - डकैती करने के प्रयोजन से एकत्रित होना
- BNS §310 (6)IPC §400
डकैती।
धारा 400 - डाकुओं की टोली का होने के लिए दण्ड
- BNS §311IPC §397
हत्या या गंभीर चोट पहुंचाने के प्रयास के साथ डकैती या लूटपाट।
धारा 397 - मॄत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती
- BNS §312IPC §398
घातक हथियार से लैस होकर डकैती या लूटपाट करने का प्रयास करना।
धारा 398 - घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न
- BNS §313IPC §401
डाकुओं के गिरोह से संबंधित होने पर मिलने वाली सजा, आदि।
धारा 401 - चोरों की टोली का होने के लिए दण्ड
- BNS §314IPC §403बदलाव हुआ
संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग।
धारा 403 - सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग
- BNS §315IPC §404
मृतक व्यक्ति की मृत्यु के समय उसके पास मौजूद संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग करना।
धारा 404 - ऐसी सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग जो मॄत व्यक्ति की मॄत्यु के समय उसके कब्जे में थी
- BNS §316IPC §405बदलाव हुआ
विश्वासघात का आपराधिक मामला।
धारा 405 - आपराधिक न्यासभंग
- BNS §316 (1)IPC §405
विश्वासघात का आपराधिक मामला।
धारा 405 - आपराधिक न्यासभंग
- BNS §316 (2)IPC §406
विश्वासघात का आपराधिक मामला।
धारा 406 - आपराधिक न्यासभंग के लिए दंड
- BNS §316 (3)IPC §407
विश्वासघात का आपराधिक मामला।
धारा 407 - वाहक, आदि द्वारा आपराधिक न्यासभंग
- BNS §316 (4)IPC §408
विश्वासघात का आपराधिक मामला।
धारा 408 - लिपिक या सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग
- BNS §316 (5)IPC §409
विश्वासघात का आपराधिक मामला।
धारा 409 - लोक सेवक द्वारा या बैंकार, व्यापारी या अभिकर्ता द्वारा आपराधिक न्यासभंग
- BNS §317IPC §410बदलाव हुआ
चोरी की संपत्ति।
धारा 410 - चुराई हुई संपत्ति
- BNS §317 (1)IPC §410
चोरी की संपत्ति।
धारा 410 - चुराई हुई संपत्ति
- BNS §317 (2)IPC §411
चोरी की संपत्ति।
धारा 411 - चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना
- BNS §317 (3)IPC §412
चोरी की संपत्ति।
धारा 412 - ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है
- BNS §317 (4)IPC §413
चोरी की संपत्ति।
धारा 413 - चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना
- BNS §317 (5)IPC §414
चोरी की संपत्ति।
धारा 414 - चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना
- BNS §318IPC §415बदलाव हुआ
बेईमानी करना।
धारा 415 - छल
- BNS §318 (1)IPC §415
बेईमानी करना।
धारा 415 - छल
- BNS §318 (2)IPC §417
बेईमानी करना।
धारा 417 - छल के लिए दंड
- BNS §318 (3)IPC §418
बेईमानी करना।
धारा 418 - इस ज्ञान के साथ छल करना कि उस व्यक्ति को सदोष हानि हो सकती है जिसका हित संरक्षित रखने के लिए अपराधी आबद्ध है
- BNS §318 (4)IPC §420
बेईमानी करना।
धारा 420 - छल करना और संपत्ति परिदत्त करने के लिए बेईमानी से उत्प्रेरित करना
- BNS §319IPC §416बदलाव हुआ
प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी।
धारा 416 - प्रतिरूपण द्वारा छल
- BNS §319(1)IPC §416
प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी।
धारा 416 - प्रतिरूपण द्वारा छल
- BNS §319(2)IPC §419
प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी।
धारा 419 - प्रतिरूपण द्वारा छल के लिए दंड
