SIDBI Act 13अध्याय IV · Business of the Small Industries Bank
धारा 13 · लघु उद्योग बैंक का व्यवसाय।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) लघु उद्योग बैंक लघु उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों के संवर्धन, वित्तपोषण और विकास के लिए प्रमुख वित्तीय संस्था के रूप में कार्य करेगा और लघु उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों के संवर्धन, वित्तपोषण और विकास में लगे संस्थानों के कार्यों का समन्वय भी करेगा तथा निम्नलिखित में से कोई भी व्यवसाय कर सकता है, अर्थात्:--
1 [(i) किसी राज्य वित्तीय निगम, राज्य औद्योगिक विकास निगम, राज्य लघु उद्योग निगम, अनुसूचित बैंक, राज्य सहकारी बैंक या बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित ऐसे अन्य वित्तीय संस्थानों को, ऐसे निगम, बैंक या संस्थान द्वारा लघु उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों को दिए गए किसी भी ऋण या अग्रिम का पुनर्वित्त के रूप में, या राज्य वित्तीय निगम या राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा किसी अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठान को दिए गए किसी भी ऋण या अग्रिम का, जो पच्चीस वर्ष से अधिक की अवधि के भीतर चुकाने योग्य हो, ऐसे नियमों और शर्तों पर, जैसा वह उचित समझे, ऋण और अग्रिम प्रदान करना;]
(ii) लघु उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा या लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने वाले किसी व्यक्ति द्वारा बनाए गए, आहरित, स्वीकृत या पृष्ठांकित विनिमय बिलों और वचन पत्रों को स्वीकार करना, भुनाना या पुनः भुनाना;
(iii) किसी राज्य वित्तीय निगम, राज्य औद्योगिक विकास निगम, राज्य लघु उद्योग निगम, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम या 2 [बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित अन्य वित्तीय संस्थानों] के स्टॉक, शेयर, बांड या डिबेंचर की सदस्यता लेना या खरीदना;
(iv) किसी राज्य वित्तीय निगम, राज्य औद्योगिक विकास निगम, राज्य लघु उद्योग निगम, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम या 2 [बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित अन्य वित्तीय संस्थानों] को क्रेडिट लाइन या ऋण एवं अग्रिम प्रदान करना;
(v) लघु उद्योग क्षेत्र की किसी औद्योगिक इकाई को ऋण एवं अग्रिम देना, या ऐसी किसी इकाई के शेयरों, बांडों या डिबेंचरों की सदस्यता लेना, उन्हें खरीदना या उनके निर्गम का समर्थन करना:
इस खंड में निहित कोई भी बात लघु उद्योग बैंक को लघु उद्योग क्षेत्र की किसी औद्योगिक इकाई को ऋण या अग्रिम देने या उसके डिबेंचर की सदस्यता लेने से नहीं रोकेगी, बशर्ते कि उस पर बकाया राशि को लघु उद्योग बैंक के विकल्प पर ऋण, अग्रिम या डिबेंचर की चुकौती अवधि के भीतर उस इकाई के स्टॉक या शेयरों में परिवर्तित किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण .--इस खंड में, किसी ऋण या अग्रिम के संबंध में प्रयुक्त अभिव्यक्ति "उस पर बकाया राशि" का अर्थ उस समय देय मूलधन, ब्याज और अन्य शुल्क होगा जब राशि को स्टॉक या शेयरों में परिवर्तित करने का प्रयास किया जाता है;
(vi) ऋण और अग्रिम प्रदान करना--
(क) किसी निर्यातक व्यक्ति को; या
(ख) निर्यात के संबंध में भारत के बाहर किसी व्यक्ति को; या
(ग) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक इकाई द्वारा भारत के बाहर टर्न-की परियोजनाओं के निष्पादन के लिए;
(vii) किसी अनुसूचित बैंक या किसी अन्य बैंक या ऐसे वित्तीय संस्थानों 3 [बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित] को निर्यात के प्रयोजनों के लिए दिए गए ऋणों और अग्रिमों के पुनर्वित्त के माध्यम से ऋण और अग्रिम प्रदान करना;
(viii) भारत में या भारत के बाहर, निर्यात या आयात से संबंधित लेन-देन से उत्पन्न विनिमय बिलों या वचन पत्रों को स्वीकार करना, एकत्र करना, छूट देना, पुनर्छूट देना, खरीदना, बेचना या बातचीत करना तथा ऐसे बिलों या वचन पत्रों के बदले भारत में या भारत के बाहर ऋण और अग्रिम देना;
(ix) साख पत्र प्रदान करना, खोलना, जारी करना, पुष्टि करना या पृष्ठांकन करना तथा उसके अंतर्गत तैयार किए गए बिलों या अन्य दस्तावेजों का लेन-देन करना या संग्रह करना;
(x) निर्यात या आयात के उद्देश्य से किसी विदेशी राज्य की सरकार या भारत के बाहर किसी वित्तीय संस्था या व्यक्ति को ऋण देना;
(xi) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा या उसके लिए पट्टे, उप-पट्टे या किराया खरीद के आधार पर मशीनरी, उपकरण या अन्य परिसंपत्तियों, जिनमें वाहन, जहाज और विमान शामिल हैं, के भारत से निर्यात या भारत में आयात का वित्तपोषण;
(xii) विदेशी मुद्रा की खरीद-बिक्री करना, या विदेशी मुद्रा में ऐसे अन्य लेन-देन करना, जो लघु उद्योग बैंक के कार्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक हो;
(xiii) भारत में या भारत के बाहर किसी बैंक में कोई खाता खोलना या भारत में या भारत के बाहर किसी बैंक या अन्य संस्था के साथ कोई एजेंसी व्यवस्था करना या उसके एजेंट या संवाददाता के रूप में कार्य करना;
(xiv) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान को उसके द्वारा दिए गए ऋणों और अग्रिमों से संबंधित किसी भी दस्तावेज को प्रतिफल के बदले हस्तांतरित करना;
(xv) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान में निवेश के प्रयोजन से किसी व्यक्ति को ऋण एवं अग्रिम प्रदान करना;
(xvi) केंद्र सरकार की स्वीकृति से, लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा भारत के बाहर किसी देश में किसी बैंक, वित्तीय संस्था या अन्य ऋण एजेंसी से विदेशी मुद्रा में लिए गए ऋणों या उनके साथ किए गए ऋण समझौतों की गारंटी देना;
(xvii) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान से देय आस्थगित भुगतानों की गारंटी देना;
(18) गारंटी देना--
(क) लघु उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा लिए गए ऋण जो सार्वजनिक बाजार में जारी किए जाते हैं, या
(ख) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा किसी अनुसूचित बैंक या राज्य सहकारी बैंक या राज्य वित्तीय निगम या राज्य औद्योगिक निगम या ऐसे अन्य वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण 4 [जैसा कि बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित किया गया है];
(xix) किसी अनुसूचित बैंक या राज्य सहकारी बैंक या राज्य वित्तीय निगम या राज्य औद्योगिक विकास निगम या राज्य लघु उद्योग निगम या ऐसे अन्य वित्तीय संस्थानों 4 [जैसा कि बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित किया गया है] के दायित्वों की गारंटी देना, जो लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान के स्टॉक, शेयर, बांड या डिबेंचर के निर्गम के संबंध में उत्पन्न होते हैं;
(xx) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान को फैक्टरिंग सेवाएं प्रदान करना;
(xxi) तकनीकी एवं वित्तीय परामर्श, व्यापारी बैंकिंग एवं विस्तार सेवाएं प्रदान करना;
(xxii) लघु उद्योग क्षेत्र में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियाँ करना, जिसमें उद्यमशीलता विकास कार्यक्रम, कच्चे माल की खरीद, विपणन सहायता और ऐसी गतिविधियों में लगी एजेंसियों को बढ़ावा देना या वित्तीय सहायता प्रदान करना शामिल है;
(xxiii) 5 [केंद्र सरकार] की स्वीकृति से, किसी संस्था के उपक्रम, जिसमें व्यवसाय, परिसंपत्तियाँ और देनदारियाँ शामिल हैं, का अधिग्रहण करना, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में लघु उद्योग क्षेत्र में उद्योग को बढ़ावा देना या विकसित करना है, या ऐसे प्रोत्साहन या विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना;
(xxiv) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान को कोई चल या अचल संपत्ति पट्टे पर देना, उप-पट्टे पर देना या किराए पर देना या किराया-खरीद पर देना;
(xxv) विपणन या निवेश के मूल्यांकन या निपटान के लिए अनुसंधान और सर्वेक्षण करना तथा लघु उद्योग क्षेत्र में उद्योग के विकास के संबंध में तकनीकी-आर्थिक अध्ययन करना और जारी रखना;
(xxvi) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान या लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान के प्रचार, प्रबंधन या विस्तार के लिए किसी व्यक्ति को तकनीकी, कानूनी, विपणन और प्रशासनिक सहायता प्रदान करना;
(xxvii) लघु उद्योग क्षेत्र में उद्योगों की योजना बनाना, उन्हें बढ़ावा देना और उनका विकास करना;
(xxviii) कंपनियों, सहायक कंपनियों, सोसाइटियों, ट्रस्टों या व्यक्तियों के ऐसे अन्य संघों को बढ़ावा देना, गठित करना या संचालित करना या उनके प्रचार, गठन या संचालन में सहयोग करना, जैसा वह उचित समझे;
(xxix) के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना--
(क) केंद्र सरकार या रिजर्व बैंक या विकास बैंक, या
(ख) ऐसी अन्य सरकार या व्यक्ति जिसे [बोर्ड] अधिकृत कर सकता है;
(xxx) किसी अन्य प्रकार का व्यवसाय करना जिसे केंद्र सरकार, 6 [बोर्ड] की सिफारिश पर, अधिकृत कर सकती है;
(xxxi) सामान्यतः ऐसे अन्य कार्य और चीजें करना जो इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत अपनी शक्तियों के प्रयोग या अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए आकस्मिक या परिणामी हों, जिसमें अपनी किसी भी संपत्ति की बिक्री या हस्तांतरण शामिल है।
(2) लघु उद्योग बैंक उपधारा (1) में उल्लिखित किसी भी सेवा के प्रतिफल में ऐसा कमीशन, दलाली, ब्याज, पारिश्रमिक या शुल्क प्राप्त कर सकता है, जैसा कि सहमति हो।
(3) लघु उद्योग बैंक अपने स्वयं के बांड या डिबेंचर की सुरक्षा पर कोई ऋण या अग्रिम या अन्य वित्तीय सुविधा प्रदान नहीं करेगा।
1 [(i) किसी राज्य वित्तीय निगम, राज्य औद्योगिक विकास निगम, राज्य लघु उद्योग निगम, अनुसूचित बैंक, राज्य सहकारी बैंक या बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित ऐसे अन्य वित्तीय संस्थानों को, ऐसे निगम, बैंक या संस्थान द्वारा लघु उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों को दिए गए किसी भी ऋण या अग्रिम का पुनर्वित्त के रूप में, या राज्य वित्तीय निगम या राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा किसी अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठान को दिए गए किसी भी ऋण या अग्रिम का, जो पच्चीस वर्ष से अधिक की अवधि के भीतर चुकाने योग्य हो, ऐसे नियमों और शर्तों पर, जैसा वह उचित समझे, ऋण और अग्रिम प्रदान करना;]
(ii) लघु उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा या लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने वाले किसी व्यक्ति द्वारा बनाए गए, आहरित, स्वीकृत या पृष्ठांकित विनिमय बिलों और वचन पत्रों को स्वीकार करना, भुनाना या पुनः भुनाना;
(iii) किसी राज्य वित्तीय निगम, राज्य औद्योगिक विकास निगम, राज्य लघु उद्योग निगम, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम या 2 [बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित अन्य वित्तीय संस्थानों] के स्टॉक, शेयर, बांड या डिबेंचर की सदस्यता लेना या खरीदना;
(iv) किसी राज्य वित्तीय निगम, राज्य औद्योगिक विकास निगम, राज्य लघु उद्योग निगम, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम या 2 [बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित अन्य वित्तीय संस्थानों] को क्रेडिट लाइन या ऋण एवं अग्रिम प्रदान करना;
(v) लघु उद्योग क्षेत्र की किसी औद्योगिक इकाई को ऋण एवं अग्रिम देना, या ऐसी किसी इकाई के शेयरों, बांडों या डिबेंचरों की सदस्यता लेना, उन्हें खरीदना या उनके निर्गम का समर्थन करना:
इस खंड में निहित कोई भी बात लघु उद्योग बैंक को लघु उद्योग क्षेत्र की किसी औद्योगिक इकाई को ऋण या अग्रिम देने या उसके डिबेंचर की सदस्यता लेने से नहीं रोकेगी, बशर्ते कि उस पर बकाया राशि को लघु उद्योग बैंक के विकल्प पर ऋण, अग्रिम या डिबेंचर की चुकौती अवधि के भीतर उस इकाई के स्टॉक या शेयरों में परिवर्तित किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण .--इस खंड में, किसी ऋण या अग्रिम के संबंध में प्रयुक्त अभिव्यक्ति "उस पर बकाया राशि" का अर्थ उस समय देय मूलधन, ब्याज और अन्य शुल्क होगा जब राशि को स्टॉक या शेयरों में परिवर्तित करने का प्रयास किया जाता है;
(vi) ऋण और अग्रिम प्रदान करना--
(क) किसी निर्यातक व्यक्ति को; या
(ख) निर्यात के संबंध में भारत के बाहर किसी व्यक्ति को; या
(ग) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक इकाई द्वारा भारत के बाहर टर्न-की परियोजनाओं के निष्पादन के लिए;
(vii) किसी अनुसूचित बैंक या किसी अन्य बैंक या ऐसे वित्तीय संस्थानों 3 [बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित] को निर्यात के प्रयोजनों के लिए दिए गए ऋणों और अग्रिमों के पुनर्वित्त के माध्यम से ऋण और अग्रिम प्रदान करना;
(viii) भारत में या भारत के बाहर, निर्यात या आयात से संबंधित लेन-देन से उत्पन्न विनिमय बिलों या वचन पत्रों को स्वीकार करना, एकत्र करना, छूट देना, पुनर्छूट देना, खरीदना, बेचना या बातचीत करना तथा ऐसे बिलों या वचन पत्रों के बदले भारत में या भारत के बाहर ऋण और अग्रिम देना;
(ix) साख पत्र प्रदान करना, खोलना, जारी करना, पुष्टि करना या पृष्ठांकन करना तथा उसके अंतर्गत तैयार किए गए बिलों या अन्य दस्तावेजों का लेन-देन करना या संग्रह करना;
(x) निर्यात या आयात के उद्देश्य से किसी विदेशी राज्य की सरकार या भारत के बाहर किसी वित्तीय संस्था या व्यक्ति को ऋण देना;
(xi) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा या उसके लिए पट्टे, उप-पट्टे या किराया खरीद के आधार पर मशीनरी, उपकरण या अन्य परिसंपत्तियों, जिनमें वाहन, जहाज और विमान शामिल हैं, के भारत से निर्यात या भारत में आयात का वित्तपोषण;
(xii) विदेशी मुद्रा की खरीद-बिक्री करना, या विदेशी मुद्रा में ऐसे अन्य लेन-देन करना, जो लघु उद्योग बैंक के कार्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक हो;
(xiii) भारत में या भारत के बाहर किसी बैंक में कोई खाता खोलना या भारत में या भारत के बाहर किसी बैंक या अन्य संस्था के साथ कोई एजेंसी व्यवस्था करना या उसके एजेंट या संवाददाता के रूप में कार्य करना;
(xiv) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान को उसके द्वारा दिए गए ऋणों और अग्रिमों से संबंधित किसी भी दस्तावेज को प्रतिफल के बदले हस्तांतरित करना;
(xv) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान में निवेश के प्रयोजन से किसी व्यक्ति को ऋण एवं अग्रिम प्रदान करना;
(xvi) केंद्र सरकार की स्वीकृति से, लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा भारत के बाहर किसी देश में किसी बैंक, वित्तीय संस्था या अन्य ऋण एजेंसी से विदेशी मुद्रा में लिए गए ऋणों या उनके साथ किए गए ऋण समझौतों की गारंटी देना;
(xvii) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान से देय आस्थगित भुगतानों की गारंटी देना;
(18) गारंटी देना--
(क) लघु उद्योग क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा लिए गए ऋण जो सार्वजनिक बाजार में जारी किए जाते हैं, या
(ख) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा किसी अनुसूचित बैंक या राज्य सहकारी बैंक या राज्य वित्तीय निगम या राज्य औद्योगिक निगम या ऐसे अन्य वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण 4 [जैसा कि बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित किया गया है];
(xix) किसी अनुसूचित बैंक या राज्य सहकारी बैंक या राज्य वित्तीय निगम या राज्य औद्योगिक विकास निगम या राज्य लघु उद्योग निगम या ऐसे अन्य वित्तीय संस्थानों 4 [जैसा कि बोर्ड द्वारा इस संबंध में अनुमोदित किया गया है] के दायित्वों की गारंटी देना, जो लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान के स्टॉक, शेयर, बांड या डिबेंचर के निर्गम के संबंध में उत्पन्न होते हैं;
(xx) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान को फैक्टरिंग सेवाएं प्रदान करना;
(xxi) तकनीकी एवं वित्तीय परामर्श, व्यापारी बैंकिंग एवं विस्तार सेवाएं प्रदान करना;
(xxii) लघु उद्योग क्षेत्र में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियाँ करना, जिसमें उद्यमशीलता विकास कार्यक्रम, कच्चे माल की खरीद, विपणन सहायता और ऐसी गतिविधियों में लगी एजेंसियों को बढ़ावा देना या वित्तीय सहायता प्रदान करना शामिल है;
(xxiii) 5 [केंद्र सरकार] की स्वीकृति से, किसी संस्था के उपक्रम, जिसमें व्यवसाय, परिसंपत्तियाँ और देनदारियाँ शामिल हैं, का अधिग्रहण करना, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में लघु उद्योग क्षेत्र में उद्योग को बढ़ावा देना या विकसित करना है, या ऐसे प्रोत्साहन या विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना;
(xxiv) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान को कोई चल या अचल संपत्ति पट्टे पर देना, उप-पट्टे पर देना या किराए पर देना या किराया-खरीद पर देना;
(xxv) विपणन या निवेश के मूल्यांकन या निपटान के लिए अनुसंधान और सर्वेक्षण करना तथा लघु उद्योग क्षेत्र में उद्योग के विकास के संबंध में तकनीकी-आर्थिक अध्ययन करना और जारी रखना;
(xxvi) लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान या लघु उद्योग क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान के प्रचार, प्रबंधन या विस्तार के लिए किसी व्यक्ति को तकनीकी, कानूनी, विपणन और प्रशासनिक सहायता प्रदान करना;
(xxvii) लघु उद्योग क्षेत्र में उद्योगों की योजना बनाना, उन्हें बढ़ावा देना और उनका विकास करना;
(xxviii) कंपनियों, सहायक कंपनियों, सोसाइटियों, ट्रस्टों या व्यक्तियों के ऐसे अन्य संघों को बढ़ावा देना, गठित करना या संचालित करना या उनके प्रचार, गठन या संचालन में सहयोग करना, जैसा वह उचित समझे;
(xxix) के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना--
(क) केंद्र सरकार या रिजर्व बैंक या विकास बैंक, या
(ख) ऐसी अन्य सरकार या व्यक्ति जिसे [बोर्ड] अधिकृत कर सकता है;
(xxx) किसी अन्य प्रकार का व्यवसाय करना जिसे केंद्र सरकार, 6 [बोर्ड] की सिफारिश पर, अधिकृत कर सकती है;
(xxxi) सामान्यतः ऐसे अन्य कार्य और चीजें करना जो इस अधिनियम या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत अपनी शक्तियों के प्रयोग या अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए आकस्मिक या परिणामी हों, जिसमें अपनी किसी भी संपत्ति की बिक्री या हस्तांतरण शामिल है।
(2) लघु उद्योग बैंक उपधारा (1) में उल्लिखित किसी भी सेवा के प्रतिफल में ऐसा कमीशन, दलाली, ब्याज, पारिश्रमिक या शुल्क प्राप्त कर सकता है, जैसा कि सहमति हो।
(3) लघु उद्योग बैंक अपने स्वयं के बांड या डिबेंचर की सुरक्षा पर कोई ऋण या अग्रिम या अन्य वित्तीय सुविधा प्रदान नहीं करेगा।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
