SICLD Act 34अध्याय VIII · Appellate Board
धारा 34 · अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या अन्य सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए योग्यताएं।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई व्यक्ति अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा जब तक वह--
(क) उच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रह चुका है; या
(ख) कम से कम दो वर्षों तक उपाध्यक्ष का पद धारण किया हो।
(2) कोई व्यक्ति उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा, जब तक कि वह—
(क) कम से कम दो वर्षों तक न्यायिक सदस्य या तकनीकी सदस्य का पद धारण किया हो; या
(ख) भारतीय विधिक सेवा का सदस्य रहा हो और उस सेवा के प्रथम श्रेणी के पद या किसी उच्च पद पर कम से कम पांच वर्ष तक कार्यरत रहा हो।
(3) कोई व्यक्ति न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा जब तक कि वह--
(क) भारतीय विधि सेवा का सदस्य रहा हो और उस सेवा के प्रथम श्रेणी के पद पर कम से कम तीन वर्ष तक कार्यरत रहा हो; या
(ख) कम से कम दस वर्षों तक सिविल न्यायिक पद पर रहा हो।
(4) कोई व्यक्ति तकनीकी सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा, जब तक कि उसके पास किसी विश्वविद्यालय या संस्थान से भौतिकी में मास्टर डिग्री या इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या कंप्यूटर इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री न हो, जो उस समय लागू कानून के तहत स्थापित हो, और उसने भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद के समकक्ष या किसी उच्च पद पर कम से कम पांच वर्ष तक कार्य किया हो और अर्धचालकों के क्षेत्र में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव हो।
(5) उपधारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
(6) भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श किए बिना किसी व्यक्ति को अध्यक्ष के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा।
(क) उच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रह चुका है; या
(ख) कम से कम दो वर्षों तक उपाध्यक्ष का पद धारण किया हो।
(2) कोई व्यक्ति उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा, जब तक कि वह—
(क) कम से कम दो वर्षों तक न्यायिक सदस्य या तकनीकी सदस्य का पद धारण किया हो; या
(ख) भारतीय विधिक सेवा का सदस्य रहा हो और उस सेवा के प्रथम श्रेणी के पद या किसी उच्च पद पर कम से कम पांच वर्ष तक कार्यरत रहा हो।
(3) कोई व्यक्ति न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा जब तक कि वह--
(क) भारतीय विधि सेवा का सदस्य रहा हो और उस सेवा के प्रथम श्रेणी के पद पर कम से कम तीन वर्ष तक कार्यरत रहा हो; या
(ख) कम से कम दस वर्षों तक सिविल न्यायिक पद पर रहा हो।
(4) कोई व्यक्ति तकनीकी सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा, जब तक कि उसके पास किसी विश्वविद्यालय या संस्थान से भौतिकी में मास्टर डिग्री या इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या कंप्यूटर इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री न हो, जो उस समय लागू कानून के तहत स्थापित हो, और उसने भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद के समकक्ष या किसी उच्च पद पर कम से कम पांच वर्ष तक कार्य किया हो और अर्धचालकों के क्षेत्र में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव हो।
(5) उपधारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रत्येक अन्य सदस्य की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
(6) भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श किए बिना किसी व्यक्ति को अध्यक्ष के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा।
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