RLBCAU Act 3
धारा 3 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में, और इसके अंतर्गत बनाए गए सभी कानूनों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,—
(क) "अकादमिक परिषद" से तात्पर्य विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद से है;
(ख) "शैक्षणिक कर्मचारी" से तात्पर्य कर्मचारियों की ऐसी श्रेणियों से है जिन्हें अध्यादेशों द्वारा शैक्षणिक कर्मचारी के रूप में नामित किया गया है;
(ग) "कृषि" का अर्थ है मृदा एवं जल प्रबंधन, फसल उत्पादन (सभी बागवानी फसलों के उत्पादन सहित), पौधों, कीटों और रोगों का नियंत्रण, बागवानी (पुष्पकृषि सहित), पशुपालन (पशु चिकित्सा एवं दुग्ध विज्ञान सहित), मत्स्य पालन, वानिकी (कृषि वानिकी सहित), गृह विज्ञान, कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी, कृषि एवं पशुपालन उत्पादों का विपणन एवं प्रसंस्करण, भूमि उपयोग एवं प्रबंधन के मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान;
(घ) "बोर्ड" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड से है;
(ई) "अध्ययन बोर्ड" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के अध्ययन बोर्ड से है;
(च) "बुंदेलखंड" का तात्पर्य मध्य प्रदेश के छह जिलों, अर्थात् छतरपुर, दमोह, दतिया, पन्ना, सागर और टीकमगढ़ और उत्तर प्रदेश के सात जिलों, अर्थात् बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, झाँसी, ललितपुर और महोबा को कवर करने वाला क्षेत्र है;
(जी) "कुलपति" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से है;
(h) "कॉलेज" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के किसी घटक कॉलेज से है, चाहे वह मुख्यालय, परिसर या कहीं और स्थित हो;
(i) "विभाग" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के अध्ययन विभाग से है;
(j) "कर्मचारी" से तात्पर्य विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति से है और इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल हैं;
(k) "विस्तार शिक्षा" से तात्पर्य बागवानों, किसानों और कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और उससे संबंधित उन्नत प्रथाओं तथा कृषि और कृषि उत्पादन से संबंधित वैज्ञानिक प्रौद्योगिकी के विभिन्न चरणों, जिनमें फसल कटाई के बाद की प्रौद्योगिकी और विपणन शामिल हैं, की सेवा करने वाले अन्य समूहों के प्रशिक्षण से संबंधित शैक्षिक गतिविधियों से है;
(एल) "संकाय" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के संकाय से है;
(m) "अध्यादेश" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के अध्यादेशों से है;
(n) "विनियम" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकरण द्वारा बनाए गए विनियमों से है;
(ओ) "अनुसंधान सलाहकार समिति" से तात्पर्य विश्वविद्यालय की अनुसंधान सलाहकार समिति से है;
(p) "विधान" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के विधानों से है;
(q) "छात्र" से तात्पर्य विश्वविद्यालय में डिग्री, डिप्लोमा या अन्य विधिवत स्थापित शैक्षणिक उपाधि प्राप्त करने के लिए अध्ययन पाठ्यक्रम में नामांकित व्यक्ति से है;
(आर) "शिक्षक" से तात्पर्य विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किसी संस्थान में शिक्षण प्रदान करने, अनुसंधान करने, विस्तार शिक्षा कार्यक्रम चलाने या इन दोनों के संयोजन के लिए नियुक्त प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, शिक्षण संकाय सदस्य और उनके समकक्ष व्यक्तियों से है, जिन्हें अध्यादेशों द्वारा शिक्षक के रूप में नामित किया गया है;
(s) "विश्वविद्यालय" से तात्पर्य इस अधिनियम के अधीन स्थापित रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से है;
(टी) "कुलपति" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के कुलपति से है;
(u) "विज़िटर" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के विज़िटर से है।
(क) "अकादमिक परिषद" से तात्पर्य विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद से है;
(ख) "शैक्षणिक कर्मचारी" से तात्पर्य कर्मचारियों की ऐसी श्रेणियों से है जिन्हें अध्यादेशों द्वारा शैक्षणिक कर्मचारी के रूप में नामित किया गया है;
(ग) "कृषि" का अर्थ है मृदा एवं जल प्रबंधन, फसल उत्पादन (सभी बागवानी फसलों के उत्पादन सहित), पौधों, कीटों और रोगों का नियंत्रण, बागवानी (पुष्पकृषि सहित), पशुपालन (पशु चिकित्सा एवं दुग्ध विज्ञान सहित), मत्स्य पालन, वानिकी (कृषि वानिकी सहित), गृह विज्ञान, कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी, कृषि एवं पशुपालन उत्पादों का विपणन एवं प्रसंस्करण, भूमि उपयोग एवं प्रबंधन के मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान;
(घ) "बोर्ड" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड से है;
(ई) "अध्ययन बोर्ड" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के अध्ययन बोर्ड से है;
(च) "बुंदेलखंड" का तात्पर्य मध्य प्रदेश के छह जिलों, अर्थात् छतरपुर, दमोह, दतिया, पन्ना, सागर और टीकमगढ़ और उत्तर प्रदेश के सात जिलों, अर्थात् बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, झाँसी, ललितपुर और महोबा को कवर करने वाला क्षेत्र है;
(जी) "कुलपति" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से है;
(h) "कॉलेज" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के किसी घटक कॉलेज से है, चाहे वह मुख्यालय, परिसर या कहीं और स्थित हो;
(i) "विभाग" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के अध्ययन विभाग से है;
(j) "कर्मचारी" से तात्पर्य विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति से है और इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल हैं;
(k) "विस्तार शिक्षा" से तात्पर्य बागवानों, किसानों और कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और उससे संबंधित उन्नत प्रथाओं तथा कृषि और कृषि उत्पादन से संबंधित वैज्ञानिक प्रौद्योगिकी के विभिन्न चरणों, जिनमें फसल कटाई के बाद की प्रौद्योगिकी और विपणन शामिल हैं, की सेवा करने वाले अन्य समूहों के प्रशिक्षण से संबंधित शैक्षिक गतिविधियों से है;
(एल) "संकाय" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के संकाय से है;
(m) "अध्यादेश" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के अध्यादेशों से है;
(n) "विनियम" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकरण द्वारा बनाए गए विनियमों से है;
(ओ) "अनुसंधान सलाहकार समिति" से तात्पर्य विश्वविद्यालय की अनुसंधान सलाहकार समिति से है;
(p) "विधान" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के विधानों से है;
(q) "छात्र" से तात्पर्य विश्वविद्यालय में डिग्री, डिप्लोमा या अन्य विधिवत स्थापित शैक्षणिक उपाधि प्राप्त करने के लिए अध्ययन पाठ्यक्रम में नामांकित व्यक्ति से है;
(आर) "शिक्षक" से तात्पर्य विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किसी संस्थान में शिक्षण प्रदान करने, अनुसंधान करने, विस्तार शिक्षा कार्यक्रम चलाने या इन दोनों के संयोजन के लिए नियुक्त प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, शिक्षण संकाय सदस्य और उनके समकक्ष व्यक्तियों से है, जिन्हें अध्यादेशों द्वारा शिक्षक के रूप में नामित किया गया है;
(s) "विश्वविद्यालय" से तात्पर्य इस अधिनियम के अधीन स्थापित रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से है;
(टी) "कुलपति" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के कुलपति से है;
(u) "विज़िटर" से तात्पर्य विश्वविद्यालय के विज़िटर से है।
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