PCPNDT Act 8अध्याय IV · Central Supervisory Board
धारा 8 · सदस्यों का कार्यकाल।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) पदेन सदस्य के अतिरिक्त किसी सदस्य का कार्यकाल निम्नलिखित होगा:--
(क) धारा 7 की उपधारा (2) के खंड (ई) या खंड (एफ) के तहत नियुक्ति के मामले में, तीन वर्ष: 1 ***
2 [बशर्ते कि धारा 7 की उपधारा (2) के खंड (एफ) के अधीन निर्वाचित सदस्य का कार्यकाल उस क्षण समाप्त हो जाएगा जब वह सदस्य मंत्री या राज्य मंत्री या उप मंत्री, या लोकसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष, या राज्य परिषद का उपाध्यक्ष बन जाता है, या उस सदन का सदस्य नहीं रहता जिससे वह निर्वाचित हुआ था; और]
(ख) उक्त उपधारा के खंड (घ) के अधीन नियुक्ति के मामले में, एक वर्ष।
(2) यदि किसी अन्य सदस्य के पद में आकस्मिक रिक्ति उत्पन्न हो जाती है, चाहे उसकी मृत्यु, त्यागपत्र या बीमारी या अन्य अक्षमता के कारण अपने कार्यों का निर्वहन करने में असमर्थता के कारण, तो ऐसी रिक्ति को केंद्र सरकार द्वारा नई नियुक्ति करके भरा जाएगा और इस प्रकार नियुक्त सदस्य उस व्यक्ति के कार्यकाल के शेष समय के लिए पद धारण करेगा जिसके स्थान पर उसे नियुक्त किया गया है।
(3) उपाध्यक्ष समय-समय पर अध्यक्ष द्वारा सौंपे गए ऐसे कार्यों का निष्पादन करेगा।
(4) सदस्यों द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ऐसी होगी जैसी निर्धारित की जाए।
(क) धारा 7 की उपधारा (2) के खंड (ई) या खंड (एफ) के तहत नियुक्ति के मामले में, तीन वर्ष: 1 ***
2 [बशर्ते कि धारा 7 की उपधारा (2) के खंड (एफ) के अधीन निर्वाचित सदस्य का कार्यकाल उस क्षण समाप्त हो जाएगा जब वह सदस्य मंत्री या राज्य मंत्री या उप मंत्री, या लोकसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष, या राज्य परिषद का उपाध्यक्ष बन जाता है, या उस सदन का सदस्य नहीं रहता जिससे वह निर्वाचित हुआ था; और]
(ख) उक्त उपधारा के खंड (घ) के अधीन नियुक्ति के मामले में, एक वर्ष।
(2) यदि किसी अन्य सदस्य के पद में आकस्मिक रिक्ति उत्पन्न हो जाती है, चाहे उसकी मृत्यु, त्यागपत्र या बीमारी या अन्य अक्षमता के कारण अपने कार्यों का निर्वहन करने में असमर्थता के कारण, तो ऐसी रिक्ति को केंद्र सरकार द्वारा नई नियुक्ति करके भरा जाएगा और इस प्रकार नियुक्त सदस्य उस व्यक्ति के कार्यकाल के शेष समय के लिए पद धारण करेगा जिसके स्थान पर उसे नियुक्त किया गया है।
(3) उपाध्यक्ष समय-समय पर अध्यक्ष द्वारा सौंपे गए ऐसे कार्यों का निष्पादन करेगा।
(4) सदस्यों द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ऐसी होगी जैसी निर्धारित की जाए।
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