NBARD Act 16अध्याय IV · Transfer of Business to the National Bank
धारा 16 · कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम की परिसंपत्तियों और देनदारियों का हस्तांतरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक के परामर्श से, अधिसूचना द्वारा, ऐसी तिथि को नियुक्त करे, कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम (जिसे इस अध्याय में आगे "निगम" कहा गया है) का संपूर्ण उपक्रम, जिसमें सभी व्यवसाय, संपत्ति, परिसंपत्तियां और देनदारियां, अधिकार, हित, विशेषाधिकार और किसी भी प्रकार के दायित्व शामिल हैं, राष्ट्रीय बैंक को हस्तांतरित हो जाएगा और उसमें निहित हो जाएगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन निगम के उपक्रम के राष्ट्रीय बैंक को हस्तांतरण के मुआवजे के रूप में, राष्ट्रीय बैंक उस उपधारा के अधीन नियुक्त तिथि से छह महीने के भीतर (जिसे इस धारा में नियुक्ति तिथि कहा गया है) निगम के शेयरधारकों को नियुक्ति तिथि से ठीक पहले की तिथि को निगम की कुल चुकता पूंजी के बराबर राशि का भुगतान करेगा।
(3) निगम के शेयरधारकों को उपधारा (2) के अधीन देय मुआवजे की राशि को नियुक्त तिथि से ठीक पहले की तिथि को निगम की चुकता पूंजी में उनके अंशदान के अनुपात में शेयरधारकों के बीच विभाजित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "निगम के शेयरधारक" से तात्पर्य निगम के उन शेयरधारकों से है जिनके नाम कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम अधिनियम, 1963 (10 ऑफ 1963) की धारा 8 के अंतर्गत रखे गए शेयरधारकों के रजिस्टर में नियुक्ति तिथि से ठीक पहले की तिथि को दर्ज हैं।
(4) राष्ट्रीय बैंक उप-धारा (2) में निर्दिष्ट निगम के शेयरधारकों को निगम के शेयरों पर न्यूनतम लाभांश के भुगतान की गारंटी की दर के अनुसार, निगम के लेखा वर्ष में नियुक्त तिथि से पहले समाप्त हुई अवधि के लिए, कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम अधिनियम, 1963 (10 ऑफ 1963) की धारा 6 के अंतर्गत दी गई राशि का भुगतान करेगा। राष्ट्रीय बैंक इस राशि को उप-धारा (2) में निर्दिष्ट निगम के शेयरधारकों को नियुक्त तिथि से ठीक पहले की तिथि को उनके द्वारा धारित शेयरों के अनुपात में और न्यूनतम लाभांश के भुगतान की गारंटी की दर के अनुसार वितरित करेगा।
(5) सभी अनुबंध, विलेख, बांड, समझौते, अभिरक्षा पत्र, कानूनी प्रतिनिधित्व के अनुदान और किसी भी प्रकृति के अन्य दस्तावेज जो नियुक्त तिथि से ठीक पहले विद्यमान या प्रभावी थे और जिनमें निगम एक पक्षकार है, या जो निगम के पक्ष में हैं, राष्ट्रीय बैंक के विरुद्ध या उसके पक्ष में पूर्ण रूप से प्रभावी होंगे, जैसा भी मामला हो, और उन्हें उसी पूर्ण और प्रभावी ढंग से लागू या उन पर कार्रवाई की जा सकती है जैसे कि निगम के स्थान पर राष्ट्रीय बैंक एक पक्षकार होता, या जैसे कि वे राष्ट्रीय बैंक के पक्ष में होते।
(6) यदि निर्धारित तिथि से ठीक पहले निगम द्वारा या उसके विरुद्ध किसी भी प्रकार का कोई मुकदमा, अपील या अन्य कानूनी कार्यवाही लंबित हो, तो निगम के उपक्रम के राष्ट्रीय बैंक को हस्तांतरण या इस अधिनियम में निहित किसी भी बात के कारण वह कार्यवाही समाप्त नहीं होगी, बंद नहीं होगी या किसी भी प्रकार से प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं होगी, बल्कि राष्ट्रीय बैंक द्वारा या उसके विरुद्ध मुकदमा, अपील या अन्य कार्यवाही जारी रखी जा सकती है, उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है और उसे लागू किया जा सकता है।
(2) उपधारा (1) के अधीन निगम के उपक्रम के राष्ट्रीय बैंक को हस्तांतरण के मुआवजे के रूप में, राष्ट्रीय बैंक उस उपधारा के अधीन नियुक्त तिथि से छह महीने के भीतर (जिसे इस धारा में नियुक्ति तिथि कहा गया है) निगम के शेयरधारकों को नियुक्ति तिथि से ठीक पहले की तिथि को निगम की कुल चुकता पूंजी के बराबर राशि का भुगतान करेगा।
(3) निगम के शेयरधारकों को उपधारा (2) के अधीन देय मुआवजे की राशि को नियुक्त तिथि से ठीक पहले की तिथि को निगम की चुकता पूंजी में उनके अंशदान के अनुपात में शेयरधारकों के बीच विभाजित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "निगम के शेयरधारक" से तात्पर्य निगम के उन शेयरधारकों से है जिनके नाम कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम अधिनियम, 1963 (10 ऑफ 1963) की धारा 8 के अंतर्गत रखे गए शेयरधारकों के रजिस्टर में नियुक्ति तिथि से ठीक पहले की तिथि को दर्ज हैं।
(4) राष्ट्रीय बैंक उप-धारा (2) में निर्दिष्ट निगम के शेयरधारकों को निगम के शेयरों पर न्यूनतम लाभांश के भुगतान की गारंटी की दर के अनुसार, निगम के लेखा वर्ष में नियुक्त तिथि से पहले समाप्त हुई अवधि के लिए, कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम अधिनियम, 1963 (10 ऑफ 1963) की धारा 6 के अंतर्गत दी गई राशि का भुगतान करेगा। राष्ट्रीय बैंक इस राशि को उप-धारा (2) में निर्दिष्ट निगम के शेयरधारकों को नियुक्त तिथि से ठीक पहले की तिथि को उनके द्वारा धारित शेयरों के अनुपात में और न्यूनतम लाभांश के भुगतान की गारंटी की दर के अनुसार वितरित करेगा।
(5) सभी अनुबंध, विलेख, बांड, समझौते, अभिरक्षा पत्र, कानूनी प्रतिनिधित्व के अनुदान और किसी भी प्रकृति के अन्य दस्तावेज जो नियुक्त तिथि से ठीक पहले विद्यमान या प्रभावी थे और जिनमें निगम एक पक्षकार है, या जो निगम के पक्ष में हैं, राष्ट्रीय बैंक के विरुद्ध या उसके पक्ष में पूर्ण रूप से प्रभावी होंगे, जैसा भी मामला हो, और उन्हें उसी पूर्ण और प्रभावी ढंग से लागू या उन पर कार्रवाई की जा सकती है जैसे कि निगम के स्थान पर राष्ट्रीय बैंक एक पक्षकार होता, या जैसे कि वे राष्ट्रीय बैंक के पक्ष में होते।
(6) यदि निर्धारित तिथि से ठीक पहले निगम द्वारा या उसके विरुद्ध किसी भी प्रकार का कोई मुकदमा, अपील या अन्य कानूनी कार्यवाही लंबित हो, तो निगम के उपक्रम के राष्ट्रीय बैंक को हस्तांतरण या इस अधिनियम में निहित किसी भी बात के कारण वह कार्यवाही समाप्त नहीं होगी, बंद नहीं होगी या किसी भी प्रकार से प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं होगी, बल्कि राष्ट्रीय बैंक द्वारा या उसके विरुद्ध मुकदमा, अपील या अन्य कार्यवाही जारी रखी जा सकती है, उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है और उसे लागू किया जा सकता है।
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