CIC Act 13अध्याय IV · Auditors
धारा 13 · लेखा परीक्षकों की शक्तियां और कर्तव्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) क्रेडिट सूचना कंपनी के लेखा परीक्षक का यह कर्तव्य होगा कि वह यह पता लगाए कि क्रेडिट सूचना कंपनी ने भारतीय रिज़र्व बैंक को अपने व्यवसाय से संबंधित ऐसे विवरण, सूचना या विवरण प्रस्तुत किए हैं या नहीं, जो इस अधिनियम के अंतर्गत प्रस्तुत किए जाने आवश्यक हैं, और लेखा परीक्षक, सिवाय उस स्थिति में जब वह इस बात से संतुष्ट हो कि क्रेडिट सूचना कंपनी ने ऐसा विवरण, सूचना या विवरण प्रस्तुत किया है, इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(2) यदि रिजर्व बैंक संतुष्ट हो कि जनहित में या ऋण प्रणाली के हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो वह ऋण सूचना कंपनी के लेखापरीक्षा तथा रिजर्व बैंक को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के संबंध में विशेषतः या सामान्यतः निर्देश जारी कर सकता है।
(3) यदि रिज़र्व बैंक को यह प्रतीत हो कि ऐसा करना जनहित में, या ऋण सूचना कंपनी या उसके सदस्यों के हित में, या ऋण प्रणाली या ऋण संस्था या उसके उधारकर्ता या ग्राहक के हित में आवश्यक है, तो वह किसी भी समय, एक आदेश द्वारा, यह निर्देश दे सकता है कि किसी विशेष लेनदेन या लेनदेन के वर्ग के संबंध में, या ऐसी अवधि या अवधियों के लिए, जैसा कि आदेश में उल्लेख किया गया हो, ऋण सूचना कंपनी के खातों का विशेष लेखापरीक्षा किया जाए और रिज़र्व बैंक ऐसे आदेश द्वारा या एक अलग आदेश द्वारा या तो एक लेखापरीक्षक नियुक्त कर सकता है या ऋण सूचना कंपनी के लेखापरीक्षक को स्वयं ऐसा विशेष लेखापरीक्षा करने का निर्देश दे सकता है और लेखापरीक्षक ऐसे निर्देशों का पालन करेगा और ऐसी लेखापरीक्षा की रिपोर्ट रिज़र्व बैंक को प्रस्तुत करेगा तथा उसकी एक प्रति ऋण सूचना कंपनी को भेजेगा।
(4) लेखापरीक्षकों का पारिश्रमिक, जैसा कि रिजर्व बैंक द्वारा लेखापरीक्षा में शामिल कार्य की प्रकृति और मात्रा तथा लेखापरीक्षा के व्यय या उससे संबंधित व्यय को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जा सकता है, लेखापरीक्षित क्रेडिट सूचना कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा।
(2) यदि रिजर्व बैंक संतुष्ट हो कि जनहित में या ऋण प्रणाली के हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो वह ऋण सूचना कंपनी के लेखापरीक्षा तथा रिजर्व बैंक को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के संबंध में विशेषतः या सामान्यतः निर्देश जारी कर सकता है।
(3) यदि रिज़र्व बैंक को यह प्रतीत हो कि ऐसा करना जनहित में, या ऋण सूचना कंपनी या उसके सदस्यों के हित में, या ऋण प्रणाली या ऋण संस्था या उसके उधारकर्ता या ग्राहक के हित में आवश्यक है, तो वह किसी भी समय, एक आदेश द्वारा, यह निर्देश दे सकता है कि किसी विशेष लेनदेन या लेनदेन के वर्ग के संबंध में, या ऐसी अवधि या अवधियों के लिए, जैसा कि आदेश में उल्लेख किया गया हो, ऋण सूचना कंपनी के खातों का विशेष लेखापरीक्षा किया जाए और रिज़र्व बैंक ऐसे आदेश द्वारा या एक अलग आदेश द्वारा या तो एक लेखापरीक्षक नियुक्त कर सकता है या ऋण सूचना कंपनी के लेखापरीक्षक को स्वयं ऐसा विशेष लेखापरीक्षा करने का निर्देश दे सकता है और लेखापरीक्षक ऐसे निर्देशों का पालन करेगा और ऐसी लेखापरीक्षा की रिपोर्ट रिज़र्व बैंक को प्रस्तुत करेगा तथा उसकी एक प्रति ऋण सूचना कंपनी को भेजेगा।
(4) लेखापरीक्षकों का पारिश्रमिक, जैसा कि रिजर्व बैंक द्वारा लेखापरीक्षा में शामिल कार्य की प्रकृति और मात्रा तथा लेखापरीक्षा के व्यय या उससे संबंधित व्यय को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जा सकता है, लेखापरीक्षित क्रेडिट सूचना कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा।
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