Gratuity Act 7Bअध्याय · Sections
धारा 7B · निरीक्षकों की शक्तियां
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) समुचित सरकार द्वारा इस निमित्त बनाए गए नियमों के अधीन रहते हुए, निरीक्षक, यह अभिनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए कि इस अधिनियम के उपबन्धों में से किसी का अथवा उसके अधीन दी गई किसी छूट की शर्तों का, यदि कोई हों, अनुपालन किया गया है या नहीं, निम्नलिखित सभी शक्तियों या उनमें से किसी का प्रयोग कर सकेगा, अर्थात् :-
(क) नियोजक से ऐसी जानकारी देने की अपेक्षा कर सकेगा जो वह आवश्यक समझे ;
(ख) किसी ऐसे कारखाने, खान, तेलक्षेत्र, बागान, पत्तन, रेल कम्पनी, दुकान या अन्य स्थापन में, जिसको यह अधिनियम लागू है, किसी ऐसे रजिस्टर, अभिलेख या सूचना या अन्य दस्तावेज की परीक्षा करने के प्रयोजन के लिए, जो इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन रखी जाने या प्रदर्शित की जाने के लिए अपेक्षित है, अथवा किसी व्यक्ति के नियोजन या कर्मचारियों को उपदान के संदाय के संबंध में अन्यथा रखी या प्रदर्शित की गई है, सभी युक्तियुक्त समयों पर ऐसे सहायकों (यदि कोई हों) के साथ, जो सरकार या स्थानीय प्राधिकारी या किसी लोक प्राधिकरण की सेवा के व्यक्ति हैं और जैसे वह ठीक समझे, प्रवेश और निरीक्षण कर सकेगा तथा निरीक्षण के लिए उसके पेश किए जाने की अपेक्षा कर सकेगा ;
(ग) पूर्वोक्त प्रयोजनों में से किसी से सुसंगत किसी विषय के संबंध में, नियोजक या किसी ऐसे व्यक्ति की, जिसे वह परिसर या स्थान पर पाता है तथा जिसकी बाबत उसे यह विश्वास करने का कारण है कि वह उसमें नियोजित कर्मचारी है, परीक्षा कर सकेगा ;
(घ) किसी रजिस्टर, अभिलेख, सूचना या अन्य दस्तावेज की, जिसे वह सुसंगत समझे, प्रतिलिपियां तैयार कर सकेगा या उसमें से उद्धरण ले सकेगा, तथा जहां उसे यह विश्वास करने का कारण है कि किसी नियोजक द्वारा इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किया गया है, वहां ऐसे रजिस्टर, अभिलेख, सूचना या अन्य दस्तावेज की, जिसे वह उस अपराध की बाबत सुसंगत समझे, ऐसे सहायकों के साथ जिन्हें वह ठीक समझे, तलाशी ले सकेगा और उसका अभिग्रहण कर सकेगा ;
(ङ) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग कर सकेगा जो विहित की जाएं ।
(2) किसी ऐसे व्यक्ति को, जिससे किसी निरीक्षक द्वारा उपधारा (1) के अधीन कोई रजिस्टर, अभिलेख, सूचना या अन्य दस्तावेज पेश करने या कोई जानकारी देने की अपेक्षा की गई है, भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) की धारा 175 और 176 के अर्थ में ऐसा करने के लिए वैध रूप से आबद्ध समझा जाएगा ।
(3) दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के उपबन्ध, जहां तक हो सके, इस धारा के अधीन किसी ऐसी तलाशी या अभिग्रहण को उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उस संहिता की धारा 94 के अधीन जारी किए गए वारंट के प्राधिकार के अधीन की गई किसी तलाशी या अभिग्रहण को लागू होते हैं ।
(क) नियोजक से ऐसी जानकारी देने की अपेक्षा कर सकेगा जो वह आवश्यक समझे ;
(ख) किसी ऐसे कारखाने, खान, तेलक्षेत्र, बागान, पत्तन, रेल कम्पनी, दुकान या अन्य स्थापन में, जिसको यह अधिनियम लागू है, किसी ऐसे रजिस्टर, अभिलेख या सूचना या अन्य दस्तावेज की परीक्षा करने के प्रयोजन के लिए, जो इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन रखी जाने या प्रदर्शित की जाने के लिए अपेक्षित है, अथवा किसी व्यक्ति के नियोजन या कर्मचारियों को उपदान के संदाय के संबंध में अन्यथा रखी या प्रदर्शित की गई है, सभी युक्तियुक्त समयों पर ऐसे सहायकों (यदि कोई हों) के साथ, जो सरकार या स्थानीय प्राधिकारी या किसी लोक प्राधिकरण की सेवा के व्यक्ति हैं और जैसे वह ठीक समझे, प्रवेश और निरीक्षण कर सकेगा तथा निरीक्षण के लिए उसके पेश किए जाने की अपेक्षा कर सकेगा ;
(ग) पूर्वोक्त प्रयोजनों में से किसी से सुसंगत किसी विषय के संबंध में, नियोजक या किसी ऐसे व्यक्ति की, जिसे वह परिसर या स्थान पर पाता है तथा जिसकी बाबत उसे यह विश्वास करने का कारण है कि वह उसमें नियोजित कर्मचारी है, परीक्षा कर सकेगा ;
(घ) किसी रजिस्टर, अभिलेख, सूचना या अन्य दस्तावेज की, जिसे वह सुसंगत समझे, प्रतिलिपियां तैयार कर सकेगा या उसमें से उद्धरण ले सकेगा, तथा जहां उसे यह विश्वास करने का कारण है कि किसी नियोजक द्वारा इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किया गया है, वहां ऐसे रजिस्टर, अभिलेख, सूचना या अन्य दस्तावेज की, जिसे वह उस अपराध की बाबत सुसंगत समझे, ऐसे सहायकों के साथ जिन्हें वह ठीक समझे, तलाशी ले सकेगा और उसका अभिग्रहण कर सकेगा ;
(ङ) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग कर सकेगा जो विहित की जाएं ।
(2) किसी ऐसे व्यक्ति को, जिससे किसी निरीक्षक द्वारा उपधारा (1) के अधीन कोई रजिस्टर, अभिलेख, सूचना या अन्य दस्तावेज पेश करने या कोई जानकारी देने की अपेक्षा की गई है, भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) की धारा 175 और 176 के अर्थ में ऐसा करने के लिए वैध रूप से आबद्ध समझा जाएगा ।
(3) दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के उपबन्ध, जहां तक हो सके, इस धारा के अधीन किसी ऐसी तलाशी या अभिग्रहण को उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उस संहिता की धारा 94 के अधीन जारी किए गए वारंट के प्राधिकार के अधीन की गई किसी तलाशी या अभिग्रहण को लागू होते हैं ।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
