Gratuity Act 2Aअध्याय · Sections
धारा 2A · निरन्तर सेवा
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए,-
(1) किसी कर्मचारी के बारे में यह समझा जाएगा कि वह किसी कालावधि के लिए निरन्तर सेवा में है यदि वह उस कालावधि के लिए अविच्छिन्न सेवा में रहा है, जिसके अन्तर्गत वह सेवा है जो बीमारी, दुर्घटना, छुट्टी, छुट्टी के बिना कर्तव्य से अनुपस्थिति (जो ऐसी अनुपस्थिति नहीं है जिसके संबंध में स्थापन के कर्मचारियों को शासित करने वाले स्थायी आदेशों, नियमों या विनियमों के अनुसार ॥। अनुपस्थिति को सेवा में भंग के रूप में मानने वाला कोई आदेश पारित किया गया है), कामबंदी, हड़ताल या तालाबंदी अथवा ऐसे कार्यावरोध, जो कर्मचारी की किसी त्रुटि के कारण न हो, से विच्छिन्न हुई हो, चाहे ऐसी अविच्छिन्न या विच्छिन्न सेवा इस अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व या उसके पश्चात् की गई हो ;
(2) जहां कोई कर्मचारी (जो किसी मौसमी स्थापन में नियोजित कर्मचारी नहीं है) एक वर्ष या छह मास की किसी कालावधि के लिए खंड (1) के अर्थ में निरन्तर सेवा में नहीं है वहां उसके बारे में यह समझा जाएगा कि वह नियोजक के अधीन-
(क) एक वर्ष की उक्त कालावधि के लिए निरन्तर सेवा में है यदि उस कर्मचारी ने उस तारीख के, जिसके प्रति निर्देश से संगणना को जानी है, पूर्ववर्ती बारह कैलेंडर मास की कालावधि के दौरान नियोजक के अधीन-
(i) उस कर्मचारी की दशा में, जो किसी खान में भूमि के नीचे या किसी ऐसे स्थापन में नियोजित है, जो एक सप्ताह में छह दिन से कम के लिए कार्य करता है, कम से कम एक सौ नब्बे दिन के लिए ; और
(ii) किसी अन्य दशा में, कम से कम दो सौ चालीस दिन के लिए,वास्तव में कार्य किया है ;
(ख) छह मास की उक्त कालावधि के लिए निरन्तर सेवा में है यदि उस कर्मचारी ने उस तारीख के, जिसके प्रति निर्देश से संगणना की जानी है, पूर्ववर्ती छह कैलेंडर मास की कालावधि के दौरान नियोजक के अधीन-
(i) उस कर्मचारी की दशा में, जो किसी खान में भूमि के नीचे या किसी ऐसे स्थापन में नियोजित है, जो एक सप्ताह में छह दिन से कम के लिए कार्य करता है कम से कम पचानवे दिन के लिए ; और
(ii) किसी अन्य दशा में, कम से कम एक सौ बीस दिन के लिए, वास्तव में कार्य किया है ;
(3) जहां कोई कर्मचारी, जो मौसमी स्थापन में नियोजित है, एक वर्ष या छह मास की किसी कालावधि के लिए खंड (1) के अर्थ में निरन्तर सेवा में नहीं है वहां वह नियोजक के अधीन ऐसी कालावधि के लिए निरन्तर सेवा में समझा जाएगा यदि उसने उन दिनों के, जिनमें स्थापन ऐसी कालावधि के दौरान चालू था, कम से कम पचहत्तर प्रतिशत दिन वास्तव में कार्य किया है ।]
स्पष्टीकरण-खण्ड (2) के प्रयोजनों के लिए उन दिनों की संख्या में, जिनमें किसी कर्मचारी ने नियोजक के अधीन वास्तव में कार्य किया है, वे दिन भी सम्मिलित होंगे जिनमें-
(i) वह किसी करार के अधीन या औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 (1946 का 20) के अधीन बनाए गए स्थायी आदेशों द्वारा यथा अनुज्ञात, या औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) के अधीन, या स्थापन को लागू किसी अन्य विधि के अधीन कामबन्दी पर रहा है ;
(ii) वह, पूर्ववर्ष में अर्जित, पूर्ण मजदूरी सहित छुट्टी पर रहा है ;
(iii) वह उसके नियोजन से और उसके अनुक्रम में होने वाली दुर्घटना से कारित अस्थायी निःशक्तता के कारण अनुपस्थित रहा है ; और
(iv) किसी महिला की दशा में, वह प्रसूति छुट्टी पर रही है, किन्तु ऐसा तब जब प्रसूति छुट्टी की कुल कालावधि बारह सप्ताह से अधिक नहीं है ।
(1) किसी कर्मचारी के बारे में यह समझा जाएगा कि वह किसी कालावधि के लिए निरन्तर सेवा में है यदि वह उस कालावधि के लिए अविच्छिन्न सेवा में रहा है, जिसके अन्तर्गत वह सेवा है जो बीमारी, दुर्घटना, छुट्टी, छुट्टी के बिना कर्तव्य से अनुपस्थिति (जो ऐसी अनुपस्थिति नहीं है जिसके संबंध में स्थापन के कर्मचारियों को शासित करने वाले स्थायी आदेशों, नियमों या विनियमों के अनुसार ॥। अनुपस्थिति को सेवा में भंग के रूप में मानने वाला कोई आदेश पारित किया गया है), कामबंदी, हड़ताल या तालाबंदी अथवा ऐसे कार्यावरोध, जो कर्मचारी की किसी त्रुटि के कारण न हो, से विच्छिन्न हुई हो, चाहे ऐसी अविच्छिन्न या विच्छिन्न सेवा इस अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व या उसके पश्चात् की गई हो ;
(2) जहां कोई कर्मचारी (जो किसी मौसमी स्थापन में नियोजित कर्मचारी नहीं है) एक वर्ष या छह मास की किसी कालावधि के लिए खंड (1) के अर्थ में निरन्तर सेवा में नहीं है वहां उसके बारे में यह समझा जाएगा कि वह नियोजक के अधीन-
(क) एक वर्ष की उक्त कालावधि के लिए निरन्तर सेवा में है यदि उस कर्मचारी ने उस तारीख के, जिसके प्रति निर्देश से संगणना को जानी है, पूर्ववर्ती बारह कैलेंडर मास की कालावधि के दौरान नियोजक के अधीन-
(i) उस कर्मचारी की दशा में, जो किसी खान में भूमि के नीचे या किसी ऐसे स्थापन में नियोजित है, जो एक सप्ताह में छह दिन से कम के लिए कार्य करता है, कम से कम एक सौ नब्बे दिन के लिए ; और
(ii) किसी अन्य दशा में, कम से कम दो सौ चालीस दिन के लिए,वास्तव में कार्य किया है ;
(ख) छह मास की उक्त कालावधि के लिए निरन्तर सेवा में है यदि उस कर्मचारी ने उस तारीख के, जिसके प्रति निर्देश से संगणना की जानी है, पूर्ववर्ती छह कैलेंडर मास की कालावधि के दौरान नियोजक के अधीन-
(i) उस कर्मचारी की दशा में, जो किसी खान में भूमि के नीचे या किसी ऐसे स्थापन में नियोजित है, जो एक सप्ताह में छह दिन से कम के लिए कार्य करता है कम से कम पचानवे दिन के लिए ; और
(ii) किसी अन्य दशा में, कम से कम एक सौ बीस दिन के लिए, वास्तव में कार्य किया है ;
(3) जहां कोई कर्मचारी, जो मौसमी स्थापन में नियोजित है, एक वर्ष या छह मास की किसी कालावधि के लिए खंड (1) के अर्थ में निरन्तर सेवा में नहीं है वहां वह नियोजक के अधीन ऐसी कालावधि के लिए निरन्तर सेवा में समझा जाएगा यदि उसने उन दिनों के, जिनमें स्थापन ऐसी कालावधि के दौरान चालू था, कम से कम पचहत्तर प्रतिशत दिन वास्तव में कार्य किया है ।]
स्पष्टीकरण-खण्ड (2) के प्रयोजनों के लिए उन दिनों की संख्या में, जिनमें किसी कर्मचारी ने नियोजक के अधीन वास्तव में कार्य किया है, वे दिन भी सम्मिलित होंगे जिनमें-
(i) वह किसी करार के अधीन या औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 (1946 का 20) के अधीन बनाए गए स्थायी आदेशों द्वारा यथा अनुज्ञात, या औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) के अधीन, या स्थापन को लागू किसी अन्य विधि के अधीन कामबन्दी पर रहा है ;
(ii) वह, पूर्ववर्ष में अर्जित, पूर्ण मजदूरी सहित छुट्टी पर रहा है ;
(iii) वह उसके नियोजन से और उसके अनुक्रम में होने वाली दुर्घटना से कारित अस्थायी निःशक्तता के कारण अनुपस्थित रहा है ; और
(iv) किसी महिला की दशा में, वह प्रसूति छुट्टी पर रही है, किन्तु ऐसा तब जब प्रसूति छुट्टी की कुल कालावधि बारह सप्ताह से अधिक नहीं है ।
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