बीएसए → आईईए

196 प्रविष्टियाँ

  • BSA §1IEA §1

    संक्षिप्त शीर्षक, आवेदन और प्रारंभ तिथि।

    संक्षिप्त शीर्षक।

  • BSA §2IEA §3बदलाव हुआ

    परिभाषाएँ।

    व्याख्या-खंड।

  • BSA §2IEA §4बदलाव हुआ

    परिभाषाएँ।

    उपधारणा कर सकेगा (निर्णय या अनुमान / कुछ विवादित तथ्यों की सत्यता के बारे में कोई निष्कर्ष )

  • BSA §3IEA §5

    मामले से संबंधित तथ्यों और प्रासंगिक तथ्यों के साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

    विवाद्यक तथ्यों और सुसंगत तथ्यों को साक्ष्य दिया जा सकेगा

  • BSA §4IEA §6बदलाव हुआ

    एक ही लेन-देन के अंतर्गत आने वाले तथ्यों की प्रासंगिकता।

    एक ही संव्यवहार (कार्य-विवरण) के भाग होने वाले तथ्यों की सुसंगति

  • BSA §5IEA §7

    वे तथ्य जो विवादित तथ्यों या प्रासंगिक तथ्यों के अवसर, कारण या परिणाम हों।

    वे तथ्य जो विवाद्यक तथ्यों के प्रसंग, हेतुक (कारण / मामला ) या परिणाम है

  • BSA §6IEA §8

    उद्देश्य, तैयारी और पूर्व या बाद का आचरण।

  • BSA §7IEA §9

    विवाद में उल्लिखित तथ्य या प्रासंगिक तथ्यों को स्पष्ट करने या प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक तथ्य।

    सुसंगत तथ्यों के स्पष्टीकरण या पुन:स्थापन के लिए आवश्यक तथ्य

  • BSA §8IEA §10

    किसी साझा योजना के संदर्भ में षड्यंत्रकारियों द्वारा कही या की गई बातें।

    सामान्य परिकल्पना के बारे में षडयंत्रकारी द्वारा कही या की गई बातें

  • BSA §9IEA §11

    जब अप्रासंगिक तथ्य प्रासंगिक हो जाते हैं।

    वे तथ्य जा अन्यथा सुसंगत नहीं है कब सुसंगत है

  • BSA §10IEA §12

    क्षतिपूर्ति के मुकदमों में वे तथ्य प्रासंगिक होते हैं जो न्यायालय को क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित करने में सक्षम बनाते हैं।

    नुकसानी के लिए वादों में रकम अवधारित करने के लिए न्यायालय को समर्थ करने की प्रवृत्ति रखने वाले तथ्य सुसंगत है

  • BSA §11IEA §13

    जब अधिकार या रीति-रिवाज पर सवाल उठता है तो प्रासंगिक तथ्य।

    जबकि अधिकार या रुढि प्रश्नगत है तब सुसंगत तथ्य

  • BSA §12IEA §14

    ऐसे तथ्य जो मन की अवस्था, शरीर की अवस्था या शारीरिक संवेदना के अस्तित्व को दर्शाते हैं।

    मन या शरीर की दशा या शारीरिक संवेदना का अस्तित्व दर्शित करने वाले तथ्य

  • BSA §13IEA §15

    वे तथ्य जो इस प्रश्न से संबंधित हैं कि कृत्य आकस्मिक था या जानबूझकर किया गया था।

    कार्य आकस्मिक या साशय था इस प्रश्न पर प्रकाश डालने वाला तथ्य

  • BSA §14IEA §16

    प्रासंगिक होने पर व्यवसाय के पाठ्यक्रम का अस्तित्व।

    कारबार के अनुक्रम का अस्तित्व कब सुसंगत है

  • BSA §15IEA §17

    प्रवेश की परिभाषा।

  • BSA §16IEA §18

    मुकदमे में शामिल पक्ष या उसके प्रतिनिधि द्वारा प्रवेश।

    स्वीकृति - कार्यवाही के पक्षकार या उसके अभिकर्ता द्वारा

  • BSA §17IEA §19

    उन व्यक्तियों द्वारा स्वीकारोक्ति जिनकी स्थिति मुकदमे में पक्षकार के विरुद्ध सिद्ध की जानी चाहिए।

    उन व्यक्तियों द्वारा स्वीकृतियाँ जिनकी स्थिति वाद के प्रक्षकारां के विरुद्ध साबित की जानी चाहिए

  • BSA §18IEA §20

    मुकदमे में पक्षकार द्वारा स्पष्ट रूप से संदर्भित व्यक्तियों द्वारा स्वीकारोक्तियाँ।

    वाद के पक्षकार द्वारा अभिव्यक्त रुप से निर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा स्वीकृतियाँ

  • BSA §19IEA §21

    उन व्यक्तियों के विरुद्ध और उनके द्वारा या उनकी ओर से स्वीकारोक्तियों का प्रमाण।

    स्वीकृतियों का उन्हें करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध और उनके द्वारा या उनकी और से साबित किया जाना

  • BSA §20IEA §22

    जब दस्तावेजों की विषयवस्तु के संबंध में मौखिक स्वीकारोक्ति प्रासंगिक हो।

    दस्तावेजों की अन्तर्वस्तु के बारे में मौखिक स्वीकृतियाँ कब सुसंगत होती है

  • BSA §DELETEDIEA §22A.

    हटाई गई धारा

    इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की अन्तर्वस्तु के बारे में मौखिक स्वीकृतियाँ कब सुसंगत होती है

    BSA §DELETEDIEA §22A.
  • BSA §21IEA §23

    प्रासंगिक होने पर दीवानी मामलों में स्वीकारोक्ति।

    सिविल मामलों में स्वीकृतियाँ कब सुसंगत होती है

  • BSA §22IEA §24बदलाव हुआ

    प्रलोभन, धमकी, दबाव या वादे के कारण लिया गया इकबालिया बयान, जब आपराधिक कार्यवाही में अप्रासंगिक हो।

    उत्प्रेरणा, धमकी या वचन द्वारा कराई गई संस्वीकृति दाण्डिक कार्यवाही में कब विसंगत होती है

  • BSA §22IEA §28

    प्रलोभन, धमकी, दबाव या वादे के कारण लिया गया इकबालिया बयान, जब आपराधिक कार्यवाही में अप्रासंगिक हो।

    उत्पेरणा, धमकी या वचन से पैदा हुए मन पर प्रभाव के दूर हो जाने के पश्चात् की गई संस्वीकृति सुसंगत है

  • BSA §22IEA §29

    प्रलोभन, धमकी, दबाव या वादे के कारण लिया गया इकबालिया बयान, जब आपराधिक कार्यवाही में अप्रासंगिक हो।

    अन्यथा सुसंगत संस्वीकृति का गुप्त रखने के वचन आदि के कारण विसंगत न हो जाना

  • BSA §23IEA §25

    पुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।

    पुलिस ऑफिसर से की गई संस्वीकृति का साबित न किया जाना

  • BSA §23IEA §25

    पुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।

    पुलिस ऑफिसर से की गई संस्वीकृति का साबित न किया जाना

  • BSA §23IEA §26

    पुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।

    पुलिस की अभिरक्षा में होते हुए अभियुक्त द्वारा की गई संस्वीकृति का उसके विरुद्ध साबित न किया जाना

  • BSA §23IEA §27

    पुलिस अधिकारी के समक्ष अपराध स्वीकारोक्ति।

    अभियुक्त से प्राप्त जानकारी में से कितनी साबित की जा सकेगी

  • BSA §24IEA §30बदलाव हुआ

    सिद्ध इकबालिया बयान पर विचार करना, जो बयान देने वाले व्यक्ति और उसी अपराध के लिए संयुक्त रूप से मुकदमे का सामना कर रहे अन्य लोगों को प्रभावित करता है।

    साबित संस्वीकृति को, जो उसे करने वाले व्यक्ति तथा एक ही अपराध के लिए संयुक्त रुप से विचरित अन्य को प्रभावित करती है विचार में लेना

  • BSA §25IEA §31

    स्वीकारोक्ति निर्णायक प्रमाण नहीं है, लेकिन इससे कानूनी कार्यवाही पर रोक लग सकती है।

  • BSA §26IEA §32बदलाव हुआ

    ऐसे मामले जिनमें किसी मृत व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति द्वारा दिए गए प्रासंगिक तथ्य का कथन प्रासंगिक होता है जिसका पता नहीं लगाया जा सकता है।

    ऐसे मामले जिनमें किसी मृत या अनुपलब्ध व्यक्ति द्वारा प्रासंगिक तथ्य का कथन प्रासंगिक होता है। जब यह मृत्यु के कारण से संबंधित हो; या व्यवसाय के दौरान किया गया हो; या कथनकर्ता के हित के विरुद्ध हो; या सार्वजनिक अधिकार या रीति-रिवाज, या सामान्य हित के मामलों के बारे में राय देता हो; या रिश्तेदारी के अस्तित्व से संबंधित हो; या वसीयत या पारिवारिक मामलों से संबंधित विलेख में किया गया हो; या धारा 13 के खंड (क) में उल्लिखित लेनदेन से संबंधित दस्तावेज में किया गया हो; या अनेक व्यक्तियों द्वारा किया गया हो और विचाराधीन मामले से संबंधित भावनाओं को व्यक्त करता हो।

  • BSA §27IEA §33

    आगे की कार्यवाही में, उसमें वर्णित तथ्यों की सत्यता को सिद्ध करने के लिए कुछ साक्ष्यों की प्रासंगिकता।

    किसी साक्ष्य में कथित तथ्यों की सत्यता को पश्चात्वर्ती कार्यवाही में साबित करने के लिए उस साक्ष्य की सुसंगति

  • BSA §28IEA §34

    जहां आवश्यक हो, लेखा-पुस्तकों में प्रविष्टियाँ।

    लेखा पुस्तकों की प्रविष्टियां, जिनके अंतर्गत वे भी है, जो इलेक्ट्रॉनिक रुप में रखी गई हो, कब सुसंगत है

  • BSA §29IEA §35

    कर्तव्य पालन के दौरान सार्वजनिक अभिलेख या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख में दर्ज की गई प्रविष्टि की प्रासंगिकता।

    कर्तव्य पालन में की गई लोक अभिलेख या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की प्रविष्टियों की सुसंगति

  • BSA §30IEA §36

    मानचित्रों, चार्टों और योजनाओं में दिए गए कथनों की प्रासंगिकता।

    मानचित्रों, चार्टों और रेखांको के कथनों की सुसंगति

  • BSA §31IEA §37बदलाव हुआ

    कुछ अधिनियमों या अधिसूचनाओं में निहित सार्वजनिक प्रकृति के तथ्यों के संबंध में कथन की प्रासंगिकता।

    किन्हीं अधिनियमों या अधिसूचनाओं में अंतर्विष्ट लोक प्रकृति के तथ्य के बारे में कथन की सुसंगति

  • BSA §32IEA §38बदलाव हुआ

    कानून की पुस्तकों में निहित किसी भी कानून से संबंधित कथनों की प्रासंगिकता, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रूप भी शामिल हैं।

    विधि की पुस्तकों में अंतर्विष्ट किसी विधि के कथनों की सुसंगति

  • BSA §33IEA §39

    जब कोई बयान किसी बातचीत, दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, पुस्तक या पत्रों या कागजों की श्रृंखला का हिस्सा हो तो क्या साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

    जबकि कथन किसी बातचीत, दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख, पुस्तक अथवा पत्रों या कागज-पत्रों की आवली (क्रमबद्धत) का भाग हो, तब क्या साक्ष्य दिया जाए

  • BSA §34IEA §40

    द्वितीय मुकदमा या सुनवाई को रोकने के लिए प्रासंगिक पूर्व निर्णय।

    द्वितीय वाद या विचारण के वारणार्थ (वर्जन योग्य) पूर्व निर्णय सुसंगत है

  • BSA §35IEA §41बदलाव हुआ

    वसीयतनामा आदि के अधिकार क्षेत्र में कुछ निर्णयों की प्रासंगिकता।

    प्रोबेट (संप्रभाव /वसीयतनामा) इत्यादि विषयक अधिकारिता के किन्हीं निर्णयों की सुसंगति

  • BSA §36IEA §42

    धारा 35 में उल्लिखित निर्णयों, आदेशों या डिक्री के अलावा अन्य निर्णयों, आदेशों या डिक्री की प्रासंगिकता और प्रभाव।

    धारा ४१ में वर्णित भिन्न निर्णयों, आदेशों या डिक्रियों की सुसंगति और प्रभाव

  • BSA §37IEA §43

    धारा 34, 35 और 36 में उल्लिखित निर्णयों आदि के अलावा, जब वे प्रासंगिक हों।

    धाराओं ४० से ४२ में वर्णित से भिन्न निर्णय आदि कब सुसंगत है

  • BSA §38IEA §44

    निर्णय प्राप्त करने में धोखाधड़ी या मिलीभगत, या न्यायालय की अक्षमता, सिद्ध की जा सकती है।

    निणय अभिप्राप्त करने में कपट या दुस्संधि अथवा न्यायालय की अक्षमता साबित की जा सकेगी

  • BSA §39IEA §45बदलाव हुआ

    विशेषज्ञों की राय।

    विशेषज्ञों की राय

  • BSA §39IEA §45

    विशेषज्ञों की राय।

    विशेषज्ञों की राय

  • BSA §39IEA §45A

    विशेषज्ञों की राय।

    इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के परीक्षक की राय

  • BSA §40IEA §46

    विशेषज्ञों की राय से संबंधित तथ्य।

    विशेषज्ञों की रायों से संबंधित तथ्य

  • BSA §41IEA §47

    प्रासंगिक होने पर, लिखावट और हस्ताक्षर के संबंध में राय।

    हस्तलेख के बारे में राय कब सुसंगत है