RCFCE Act 8अध्याय III · Duties of Appropriate Government, Local Authority and Parents
धारा 8 · उपयुक्त सरकार के कर्तव्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
उपयुक्त सरकार को
(क) प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना:
बशर्ते कि यदि किसी बच्चे को उसके माता-पिता या अभिभावक द्वारा, जैसा भी मामला हो, किसी ऐसे विद्यालय में प्रवेश दिया जाता है जो उपयुक्त सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रदान किए गए धन से स्थापित, स्वामित्व, नियंत्रित या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित विद्यालय के अलावा किसी अन्य विद्यालय में है, तो ऐसे बच्चे या उसके माता-पिता या अभिभावक, जैसा भी मामला हो, उस अन्य विद्यालय में बच्चे की प्राथमिक शिक्षा पर किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति का दावा करने के हकदार नहीं होंगे।
स्पष्टीकरण । --अनिवार्य शिक्षा शब्द का अर्थ है संबंधित सरकार का दायित्व--
(i) छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना; और
(ii) छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे के लिए प्राथमिक शिक्षा में अनिवार्य प्रवेश, उपस्थिति और पूर्णता सुनिश्चित करना;
(ख) धारा 6 में निर्दिष्ट अनुसार पड़ोस के विद्यालय की उपलब्धता सुनिश्चित करना;
(ग) यह सुनिश्चित करना कि कमजोर वर्ग के बच्चे और वंचित वर्ग के बच्चे के साथ किसी भी आधार पर भेदभाव न किया जाए और उन्हें प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने और उसे पूरा करने से रोका न जाए;
(घ) विद्यालय भवन, शिक्षण स्टाफ और शिक्षण उपकरण सहित बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना;
(ई) धारा 4 में निर्दिष्ट विशेष प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करना;
(f) प्रत्येक बच्चे द्वारा प्राथमिक शिक्षा में प्रवेश, उपस्थिति और पूर्णता सुनिश्चित करना और उसकी निगरानी करना;
(जी) अनुसूची में निर्दिष्ट मानकों और मानदंडों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली प्राथमिक शिक्षा सुनिश्चित करना;
(h) प्राथमिक शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और अध्ययन के पाठ्यक्रमों का समय पर निर्धारण सुनिश्चित करना; और
(i) शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करना।
राज्य संशोधन
राजस्थान
केंद्रीय अधिनियम संख्या 35, 2009 की धारा 8 का संशोधन। बाल निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (केंद्रीय अधिनियम संख्या 35, 2009), जिसे इस अधिनियम में आगे मुख्य अधिनियम कहा गया है, की धारा 8 के खंड (क) की व्याख्या के मौजूदा खंड (ii) के स्थान पर निम्नलिखित नया खंड जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
(iii) छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे द्वारा कक्षा के अनुरूप अधिगम स्तर की प्राप्ति सुनिश्चित करना;
[राजस्थान अधिनियम 32, 2017, धारा 2 देखें ।]
(क) प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना:
बशर्ते कि यदि किसी बच्चे को उसके माता-पिता या अभिभावक द्वारा, जैसा भी मामला हो, किसी ऐसे विद्यालय में प्रवेश दिया जाता है जो उपयुक्त सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रदान किए गए धन से स्थापित, स्वामित्व, नियंत्रित या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित विद्यालय के अलावा किसी अन्य विद्यालय में है, तो ऐसे बच्चे या उसके माता-पिता या अभिभावक, जैसा भी मामला हो, उस अन्य विद्यालय में बच्चे की प्राथमिक शिक्षा पर किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति का दावा करने के हकदार नहीं होंगे।
स्पष्टीकरण । --अनिवार्य शिक्षा शब्द का अर्थ है संबंधित सरकार का दायित्व--
(i) छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना; और
(ii) छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे के लिए प्राथमिक शिक्षा में अनिवार्य प्रवेश, उपस्थिति और पूर्णता सुनिश्चित करना;
(ख) धारा 6 में निर्दिष्ट अनुसार पड़ोस के विद्यालय की उपलब्धता सुनिश्चित करना;
(ग) यह सुनिश्चित करना कि कमजोर वर्ग के बच्चे और वंचित वर्ग के बच्चे के साथ किसी भी आधार पर भेदभाव न किया जाए और उन्हें प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने और उसे पूरा करने से रोका न जाए;
(घ) विद्यालय भवन, शिक्षण स्टाफ और शिक्षण उपकरण सहित बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना;
(ई) धारा 4 में निर्दिष्ट विशेष प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करना;
(f) प्रत्येक बच्चे द्वारा प्राथमिक शिक्षा में प्रवेश, उपस्थिति और पूर्णता सुनिश्चित करना और उसकी निगरानी करना;
(जी) अनुसूची में निर्दिष्ट मानकों और मानदंडों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली प्राथमिक शिक्षा सुनिश्चित करना;
(h) प्राथमिक शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और अध्ययन के पाठ्यक्रमों का समय पर निर्धारण सुनिश्चित करना; और
(i) शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करना।
राज्य संशोधन
राजस्थान
केंद्रीय अधिनियम संख्या 35, 2009 की धारा 8 का संशोधन। बाल निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (केंद्रीय अधिनियम संख्या 35, 2009), जिसे इस अधिनियम में आगे मुख्य अधिनियम कहा गया है, की धारा 8 के खंड (क) की व्याख्या के मौजूदा खंड (ii) के स्थान पर निम्नलिखित नया खंड जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
(iii) छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे द्वारा कक्षा के अनुरूप अधिगम स्तर की प्राप्ति सुनिश्चित करना;
[राजस्थान अधिनियम 32, 2017, धारा 2 देखें ।]
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