RCFCE Act 18अध्याय IV · Responsibilities of Schools and Teachers
धारा 18 · मान्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना किसी भी विद्यालय की स्थापना नहीं की जाएगी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) उपयुक्त सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा स्थापित, स्वामित्व या नियंत्रित विद्यालय के अतिरिक्त कोई भी विद्यालय, इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद, ऐसे प्राधिकरण से मान्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना, निर्धारित प्रपत्र और तरीके से आवेदन किए बिना स्थापित या कार्य नहीं कर सकेगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन निर्धारित प्राधिकारी मान्यता प्रमाण पत्र ऐसे प्रपत्र में, ऐसी अवधि के भीतर, ऐसे तरीके से और ऐसी शर्तों के अधीन जारी करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जाए:
बशर्ते कि किसी विद्यालय को ऐसी मान्यता तब तक नहीं दी जाएगी जब तक वह धारा 19 के तहत निर्दिष्ट मानदंडों और मानकों को पूरा नहीं करता है।
(3) मान्यता की शर्तों के उल्लंघन पर, निर्धारित प्राधिकारी लिखित आदेश द्वारा मान्यता वापस ले लेगा: बशर्ते कि ऐसे आदेश में यह निर्देश शामिल होगा कि मान्यता रद्द किए गए विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को आस-पड़ोस के किस विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा।
इसके अलावा, यह भी प्रावधान है कि किसी भी विद्यालय को निर्धारित तरीके से सुनवाई का अवसर दिए बिना उसकी मान्यता वापस नहीं ली जाएगी।
(4) उपधारा (3) के तहत मान्यता वापस लेने की तिथि से, ऐसा कोई विद्यालय कार्य करना जारी नहीं रखेगा।
(5) कोई भी व्यक्ति जो मान्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना विद्यालय स्थापित करता है या चलाता है, या मान्यता वापस लेने के बाद भी विद्यालय चलाना जारी रखता है, उस पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और उल्लंघन जारी रहने की स्थिति में, उल्लंघन जारी रहने वाले प्रत्येक दिन के लिए दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
(2) उपधारा (1) के अधीन निर्धारित प्राधिकारी मान्यता प्रमाण पत्र ऐसे प्रपत्र में, ऐसी अवधि के भीतर, ऐसे तरीके से और ऐसी शर्तों के अधीन जारी करेगा, जैसा कि निर्धारित किया जाए:
बशर्ते कि किसी विद्यालय को ऐसी मान्यता तब तक नहीं दी जाएगी जब तक वह धारा 19 के तहत निर्दिष्ट मानदंडों और मानकों को पूरा नहीं करता है।
(3) मान्यता की शर्तों के उल्लंघन पर, निर्धारित प्राधिकारी लिखित आदेश द्वारा मान्यता वापस ले लेगा: बशर्ते कि ऐसे आदेश में यह निर्देश शामिल होगा कि मान्यता रद्द किए गए विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को आस-पड़ोस के किस विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा।
इसके अलावा, यह भी प्रावधान है कि किसी भी विद्यालय को निर्धारित तरीके से सुनवाई का अवसर दिए बिना उसकी मान्यता वापस नहीं ली जाएगी।
(4) उपधारा (3) के तहत मान्यता वापस लेने की तिथि से, ऐसा कोई विद्यालय कार्य करना जारी नहीं रखेगा।
(5) कोई भी व्यक्ति जो मान्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना विद्यालय स्थापित करता है या चलाता है, या मान्यता वापस लेने के बाद भी विद्यालय चलाना जारी रखता है, उस पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और उल्लंघन जारी रहने की स्थिति में, उल्लंघन जारी रहने वाले प्रत्येक दिन के लिए दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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