RCFCE Act 12अध्याय IV · Responsibilities of Schools and Teachers
धारा 12 · नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए विद्यालय की उत्तरदायित्व की सीमा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, एक विद्यालय,--
(क) धारा 2 के खंड (न) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट संस्थाएँ उसमें प्रवेश पाने वाले सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करेंगी;
(ख) धारा 2 के खंड (न) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट संस्था अपने द्वारा प्रवेशित बच्चों के ऐसे अनुपात को निशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करेगी, जैसा कि उसे प्राप्त वार्षिक आवर्ती सहायता या अनुदान उसके वार्षिक आवर्ती व्यय के अनुपात में हो, जो न्यूनतम पच्चीस प्रतिशत के अधीन होगा।
(ग) धारा 2 के खंड (न) के उपखंड (iii) और (iv) में निर्दिष्ट विद्यालय कक्षा I में, उस कक्षा की कुल संख्या के कम से कम पच्चीस प्रतिशत तक, आस-पास के दुर्बल वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश देंगे और उनकी शिक्षा पूर्ण होने तक निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करेंगे।
इसके अलावा, जहां धारा 2 के खंड (एन) में निर्दिष्ट विद्यालय पूर्व-विद्यालय शिक्षा प्रदान करता है, वहां ऐसे पूर्व-विद्यालय शिक्षा में प्रवेश के लिए खंड (क) से (ग) के प्रावधान लागू होंगे।
(2) धारा 2 के खंड (n) के उपखंड ( iv) में निर्दिष्ट विद्यालय, जो उपधारा (1) के खंड (c) में निर्दिष्ट अनुसार निशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करता है, उसे राज्य द्वारा प्रति बालक व्यय की सीमा तक या बालक से वसूले गए वास्तविक शुल्क की सीमा तक, जो भी कम हो, उस व्यय की प्रतिपूर्ति ऐसे तरीके से की जाएगी जैसा निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि ऐसी प्रतिपूर्ति धारा 2 के खंड (n) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट विद्यालय द्वारा प्रति बच्चे किए गए व्यय से अधिक नहीं होगी:
इसके अलावा, यदि कोई विद्यालय किसी निर्दिष्ट संख्या में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए पहले से ही बाध्य है, क्योंकि उसे कोई भूमि, भवन, उपकरण या अन्य सुविधाएं निःशुल्क या रियायती दर पर प्राप्त हुई हैं, तो ऐसे विद्यालय को इस दायित्व की सीमा तक प्रतिपूर्ति का अधिकार नहीं होगा।
(3) प्रत्येक विद्यालय ऐसी जानकारी प्रदान करेगा जो उपयुक्त सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा अपेक्षित हो, जैसा भी मामला हो।
(क) धारा 2 के खंड (न) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट संस्थाएँ उसमें प्रवेश पाने वाले सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करेंगी;
(ख) धारा 2 के खंड (न) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट संस्था अपने द्वारा प्रवेशित बच्चों के ऐसे अनुपात को निशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करेगी, जैसा कि उसे प्राप्त वार्षिक आवर्ती सहायता या अनुदान उसके वार्षिक आवर्ती व्यय के अनुपात में हो, जो न्यूनतम पच्चीस प्रतिशत के अधीन होगा।
(ग) धारा 2 के खंड (न) के उपखंड (iii) और (iv) में निर्दिष्ट विद्यालय कक्षा I में, उस कक्षा की कुल संख्या के कम से कम पच्चीस प्रतिशत तक, आस-पास के दुर्बल वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश देंगे और उनकी शिक्षा पूर्ण होने तक निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करेंगे।
इसके अलावा, जहां धारा 2 के खंड (एन) में निर्दिष्ट विद्यालय पूर्व-विद्यालय शिक्षा प्रदान करता है, वहां ऐसे पूर्व-विद्यालय शिक्षा में प्रवेश के लिए खंड (क) से (ग) के प्रावधान लागू होंगे।
(2) धारा 2 के खंड (n) के उपखंड ( iv) में निर्दिष्ट विद्यालय, जो उपधारा (1) के खंड (c) में निर्दिष्ट अनुसार निशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करता है, उसे राज्य द्वारा प्रति बालक व्यय की सीमा तक या बालक से वसूले गए वास्तविक शुल्क की सीमा तक, जो भी कम हो, उस व्यय की प्रतिपूर्ति ऐसे तरीके से की जाएगी जैसा निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि ऐसी प्रतिपूर्ति धारा 2 के खंड (n) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट विद्यालय द्वारा प्रति बच्चे किए गए व्यय से अधिक नहीं होगी:
इसके अलावा, यदि कोई विद्यालय किसी निर्दिष्ट संख्या में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए पहले से ही बाध्य है, क्योंकि उसे कोई भूमि, भवन, उपकरण या अन्य सुविधाएं निःशुल्क या रियायती दर पर प्राप्त हुई हैं, तो ऐसे विद्यालय को इस दायित्व की सीमा तक प्रतिपूर्ति का अधिकार नहीं होगा।
(3) प्रत्येक विद्यालय ऐसी जानकारी प्रदान करेगा जो उपयुक्त सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा अपेक्षित हो, जैसा भी मामला हो।
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