The Designs Act, 2000 6अध्याय II · Registration of Designs
धारा 6 · पंजीकरण किसी विशेष वस्तु के संबंध में होना चाहिए।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी निर्धारित वर्ग की वस्तुओं में से किसी एक या सभी वस्तुओं के संबंध में एक डिज़ाइन पंजीकृत किया जा सकता है।
(2) किसी वस्तु के वर्ग के संबंध में उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रश्न का निर्धारण नियंत्रक द्वारा किया जाएगा, जिसका निर्णय इस मामले में अंतिम होगा।
(3) यदि किसी वस्तु के किसी वर्ग में शामिल वस्तु के संबंध में कोई डिज़ाइन पंजीकृत किया गया है, तो उस डिज़ाइन के स्वामी द्वारा उस वर्ग में शामिल एक या अधिक अन्य वस्तुओं के संबंध में उसे पंजीकृत करने के लिए किए गए आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जाएगा, और न ही उसका पंजीकरण अमान्य किया जाएगा।
(क) डिजाइन के नए या मौलिक डिजाइन न होने के आधार पर, केवल इस कारण से कि यह पहले से ही पंजीकृत था; या
(ख) इस आधार पर कि डिजाइन पहले भारत में या किसी अन्य देश में प्रकाशित हो चुका है, केवल इस कारण से कि इसे उस वस्तु पर लागू किया गया है जिसके संबंध में यह पहले पंजीकृत था:
बशर्ते कि इस प्रकार का बाद का पंजीकरण डिजाइन में कॉपीराइट की अवधि को पिछले पंजीकरण से उत्पन्न अवधि से आगे नहीं बढ़ाएगा।
(4) जहाँ कोई व्यक्ति किसी वस्तु के संबंध में किसी डिज़ाइन के पंजीकरण के लिए आवेदन करता है और या तो--
(क) वह डिज़ाइन पहले से ही किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी अन्य वस्तु के संबंध में पंजीकृत किया गया हो; या
(ख) जिस डिजाइन से आवेदन संबंधित है, वह किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उसी या किसी अन्य वस्तु के संबंध में पहले से पंजीकृत डिजाइन से मिलकर बना है, जिसमें ऐसे संशोधन या बदलाव किए गए हैं जो उसके स्वरूप को बदलने या उसकी पहचान को पर्याप्त रूप से प्रभावित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
फिर, यदि आवेदन लंबित रहने के दौरान किसी भी समय आवेदक पूर्व में पंजीकृत डिजाइन का पंजीकृत स्वामी बन जाता है, तो इस धारा के पूर्वोक्त प्रावधान इस प्रकार लागू होंगे मानो आवेदन करते समय आवेदक उस डिजाइन का पंजीकृत स्वामी था।
(2) किसी वस्तु के वर्ग के संबंध में उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रश्न का निर्धारण नियंत्रक द्वारा किया जाएगा, जिसका निर्णय इस मामले में अंतिम होगा।
(3) यदि किसी वस्तु के किसी वर्ग में शामिल वस्तु के संबंध में कोई डिज़ाइन पंजीकृत किया गया है, तो उस डिज़ाइन के स्वामी द्वारा उस वर्ग में शामिल एक या अधिक अन्य वस्तुओं के संबंध में उसे पंजीकृत करने के लिए किए गए आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जाएगा, और न ही उसका पंजीकरण अमान्य किया जाएगा।
(क) डिजाइन के नए या मौलिक डिजाइन न होने के आधार पर, केवल इस कारण से कि यह पहले से ही पंजीकृत था; या
(ख) इस आधार पर कि डिजाइन पहले भारत में या किसी अन्य देश में प्रकाशित हो चुका है, केवल इस कारण से कि इसे उस वस्तु पर लागू किया गया है जिसके संबंध में यह पहले पंजीकृत था:
बशर्ते कि इस प्रकार का बाद का पंजीकरण डिजाइन में कॉपीराइट की अवधि को पिछले पंजीकरण से उत्पन्न अवधि से आगे नहीं बढ़ाएगा।
(4) जहाँ कोई व्यक्ति किसी वस्तु के संबंध में किसी डिज़ाइन के पंजीकरण के लिए आवेदन करता है और या तो--
(क) वह डिज़ाइन पहले से ही किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी अन्य वस्तु के संबंध में पंजीकृत किया गया हो; या
(ख) जिस डिजाइन से आवेदन संबंधित है, वह किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उसी या किसी अन्य वस्तु के संबंध में पहले से पंजीकृत डिजाइन से मिलकर बना है, जिसमें ऐसे संशोधन या बदलाव किए गए हैं जो उसके स्वरूप को बदलने या उसकी पहचान को पर्याप्त रूप से प्रभावित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
फिर, यदि आवेदन लंबित रहने के दौरान किसी भी समय आवेदक पूर्व में पंजीकृत डिजाइन का पंजीकृत स्वामी बन जाता है, तो इस धारा के पूर्वोक्त प्रावधान इस प्रकार लागू होंगे मानो आवेदन करते समय आवेदक उस डिजाइन का पंजीकृत स्वामी था।
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