The Designs Act, 2000 30अध्याय VI · Provisions as to registers and other documents in the patent office
धारा 30 · रजिस्टरों में आवंटन और हस्तांतरण की प्रविष्टि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहाँ कोई व्यक्ति किसी पंजीकृत डिज़ाइन में कॉपीराइट का अधिकार किसी हस्तांतरण, हस्तांतरण या विधि के अन्य संचालन द्वारा प्राप्त कर लेता है, तो वह अपने अधिकार को पंजीकृत करने के लिए नियंत्रक को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकता है, और नियंत्रक, ऐसे आवेदन की प्राप्ति पर और अपने संतोष के अनुरूप अधिकार के प्रमाण पर, उसे ऐसे डिज़ाइन के स्वामी के रूप में पंजीकृत करेगा, और अधिकार को प्रभावित करने वाले हस्तांतरण, हस्तांतरण या अन्य विलेख के रजिस्टर में निर्धारित तरीके से प्रविष्टि करवाएगा।
(2) जहां कोई व्यक्ति पंजीकृत डिजाइन में बंधकदार, लाइसेंसधारी या किसी अन्य रूप में किसी हित का हकदार हो जाता है, तो वह अपने स्वामित्व को पंजीकृत करने के लिए नियंत्रक को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकता है, और नियंत्रक, ऐसे आवेदन की प्राप्ति पर और अपने संतोष के अनुरूप स्वामित्व के प्रमाण पर, निर्धारित तरीके से डिजाइन रजिस्टर में हित की सूचना दर्ज करवाएगा, जिसमें यदि कोई हो, तो ऐसे हित को सृजित करने वाले दस्तावेज का विवरण भी शामिल होगा।
(3) उप-धारा (1) या उप-धारा (2) के प्रयोजनों के लिए, किसी डिजाइन या डिजाइन में किसी हिस्से का आवंटन, गिरवी, लाइसेंस या डिजाइन में किसी अन्य हित का सृजन तब तक वैध नहीं होगा जब तक कि वह लिखित में न हो और संबंधित पक्षों के बीच समझौता एक ऐसे दस्तावेज के रूप में न हो जिसमें उनके अधिकारों और दायित्वों को नियंत्रित करने वाले सभी नियम और शर्तें शामिल हों और ऐसे दस्तावेज के तहत स्वामित्व के पंजीकरण के लिए आवेदन निर्धारित तरीके से नियंत्रक के पास दस्तावेज के निष्पादन की तारीख से छह महीने के भीतर या नियंत्रक द्वारा निर्धारित तरीके से किए गए आवेदन पर अधिकतम छह महीने की अतिरिक्त अवधि के भीतर दाखिल न किया जाए:
बशर्ते कि उपधारा (1) या उपधारा (2) के तहत रजिस्टर में इसके विवरण दर्ज होने पर, यह दस्तावेज इसके निष्पादन की तारीख से प्रभावी होगा।
(4) किसी डिज़ाइन के स्वामी के रूप में पंजीकृत व्यक्ति को, इस अधिनियम के प्रावधानों और रजिस्टर से किसी अन्य व्यक्ति में निहित प्रतीत होने वाले किसी भी अधिकार के अधीन रहते हुए, डिज़ाइन को सौंपने, लाइसेंस देने या अन्यथा उससे संबंधित किसी भी कार्य को करने और ऐसे किसी भी सौंपने, लाइसेंस देने या कार्य करने के लिए किसी भी प्रतिफल के लिए प्रभावी रसीद देने का पूर्ण अधिकार होगा: बशर्ते कि डिज़ाइन के संबंध में किसी भी इक्विटी को उसी प्रकार लागू किया जा सकता है जैसे किसी अन्य चल संपत्ति के संबंध में किया जाता है।
(5) धारा 31 के तहत किए गए आवेदन के मामले को छोड़कर, कोई दस्तावेज या उपकरण जिसके संबंध में उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों के अनुसार रजिस्टर में कोई प्रविष्टि नहीं की गई है, किसी डिजाइन में कॉपीराइट के अधिकार या उसमें किसी हित के प्रमाण में किसी भी न्यायालय में साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा, जब तक कि न्यायालय, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अन्यथा निर्देश न दे।
(2) जहां कोई व्यक्ति पंजीकृत डिजाइन में बंधकदार, लाइसेंसधारी या किसी अन्य रूप में किसी हित का हकदार हो जाता है, तो वह अपने स्वामित्व को पंजीकृत करने के लिए नियंत्रक को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकता है, और नियंत्रक, ऐसे आवेदन की प्राप्ति पर और अपने संतोष के अनुरूप स्वामित्व के प्रमाण पर, निर्धारित तरीके से डिजाइन रजिस्टर में हित की सूचना दर्ज करवाएगा, जिसमें यदि कोई हो, तो ऐसे हित को सृजित करने वाले दस्तावेज का विवरण भी शामिल होगा।
(3) उप-धारा (1) या उप-धारा (2) के प्रयोजनों के लिए, किसी डिजाइन या डिजाइन में किसी हिस्से का आवंटन, गिरवी, लाइसेंस या डिजाइन में किसी अन्य हित का सृजन तब तक वैध नहीं होगा जब तक कि वह लिखित में न हो और संबंधित पक्षों के बीच समझौता एक ऐसे दस्तावेज के रूप में न हो जिसमें उनके अधिकारों और दायित्वों को नियंत्रित करने वाले सभी नियम और शर्तें शामिल हों और ऐसे दस्तावेज के तहत स्वामित्व के पंजीकरण के लिए आवेदन निर्धारित तरीके से नियंत्रक के पास दस्तावेज के निष्पादन की तारीख से छह महीने के भीतर या नियंत्रक द्वारा निर्धारित तरीके से किए गए आवेदन पर अधिकतम छह महीने की अतिरिक्त अवधि के भीतर दाखिल न किया जाए:
बशर्ते कि उपधारा (1) या उपधारा (2) के तहत रजिस्टर में इसके विवरण दर्ज होने पर, यह दस्तावेज इसके निष्पादन की तारीख से प्रभावी होगा।
(4) किसी डिज़ाइन के स्वामी के रूप में पंजीकृत व्यक्ति को, इस अधिनियम के प्रावधानों और रजिस्टर से किसी अन्य व्यक्ति में निहित प्रतीत होने वाले किसी भी अधिकार के अधीन रहते हुए, डिज़ाइन को सौंपने, लाइसेंस देने या अन्यथा उससे संबंधित किसी भी कार्य को करने और ऐसे किसी भी सौंपने, लाइसेंस देने या कार्य करने के लिए किसी भी प्रतिफल के लिए प्रभावी रसीद देने का पूर्ण अधिकार होगा: बशर्ते कि डिज़ाइन के संबंध में किसी भी इक्विटी को उसी प्रकार लागू किया जा सकता है जैसे किसी अन्य चल संपत्ति के संबंध में किया जाता है।
(5) धारा 31 के तहत किए गए आवेदन के मामले को छोड़कर, कोई दस्तावेज या उपकरण जिसके संबंध में उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों के अनुसार रजिस्टर में कोई प्रविष्टि नहीं की गई है, किसी डिजाइन में कॉपीराइट के अधिकार या उसमें किसी हित के प्रमाण में किसी भी न्यायालय में साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा, जब तक कि न्यायालय, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अन्यथा निर्देश न दे।
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