CF Act 74अध्याय XIII · Miscellaneous
धारा 74 · अपीलें।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) रजिस्ट्रार के निर्णय से पीड़ित कोई भी फोरमैन,--
(क) धारा 7 के तहत चिट समझौते को पंजीकृत करने से इनकार करना;
(ख) धारा 9 की उपधारा (2) के तहत प्रारंभ का प्रमाण पत्र देने से इनकार करना;
(ग) धारा 20 की उपधारा (1) या धारा 31 के तहत किसी भी सुरक्षा को स्वीकार करने से इनकार करना; या
(घ) धारा 20 या धारा 31 के तहत आरक्षित जमानत राशि को जारी करने से इनकार करना,
वह ऐसे निर्णय की सूचना प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर राज्य सरकार या ऐसे अधिकारी या प्राधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है, जिसे राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से इस संबंध में सशक्त बनाया गया हो।
(2) धारा 34 की उपधारा (1) के तहत रजिस्ट्रार के आदेश से पीड़ित कोई भी फोरमैन या अन्य व्यक्ति, ऐसे निर्णय की सूचना प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर, राज्य सरकार या ऐसे अधिकारी या प्राधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है, जिसे राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में सशक्त किया गया हो।
(3) राज्य सरकार या उपर्युक्त अधिकारी या प्राधिकारी, अपीलकर्ता को अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का अवसर देने के बाद, अपील पर ऐसा आदेश पारित कर सकता है जैसा वह उचित समझे और ऐसा आदेश अंतिम होगा।
(क) धारा 7 के तहत चिट समझौते को पंजीकृत करने से इनकार करना;
(ख) धारा 9 की उपधारा (2) के तहत प्रारंभ का प्रमाण पत्र देने से इनकार करना;
(ग) धारा 20 की उपधारा (1) या धारा 31 के तहत किसी भी सुरक्षा को स्वीकार करने से इनकार करना; या
(घ) धारा 20 या धारा 31 के तहत आरक्षित जमानत राशि को जारी करने से इनकार करना,
वह ऐसे निर्णय की सूचना प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर राज्य सरकार या ऐसे अधिकारी या प्राधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है, जिसे राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से इस संबंध में सशक्त बनाया गया हो।
(2) धारा 34 की उपधारा (1) के तहत रजिस्ट्रार के आदेश से पीड़ित कोई भी फोरमैन या अन्य व्यक्ति, ऐसे निर्णय की सूचना प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर, राज्य सरकार या ऐसे अधिकारी या प्राधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है, जिसे राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में सशक्त किया गया हो।
(3) राज्य सरकार या उपर्युक्त अधिकारी या प्राधिकारी, अपीलकर्ता को अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का अवसर देने के बाद, अपील पर ऐसा आदेश पारित कर सकता है जैसा वह उचित समझे और ऐसा आदेश अंतिम होगा।
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