BR Act 80अध्याय IX · Mangement and Developmet of Water Resources
धारा 80 · प्रबंधन बोर्ड के कर्मचारी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) बोर्ड इस अधिनियम के अधीन अपने कार्यों के कुशल निर्वहन के लिए ऐसे कर्मचारियों को नियुक्त कर सकता है, जिन्हें वह आवश्यक समझे:
बशर्ते कि प्रत्येक व्यक्ति जो उक्त बोर्ड के गठन से ठीक पहले धारा 78 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट परियोजनाओं से संबंधित कार्यों के निर्माण, रखरखाव या संचालन में लगा हुआ था, वह उक्त कार्यों के संबंध में बोर्ड के अधीन उसी सेवा शर्तों और नियमों पर कार्यरत रहेगा जो ऐसे गठन से पहले उस पर लागू थे, जब तक कि केंद्र सरकार आदेश द्वारा अन्यथा निर्देश न दे दे।
इसके अलावा, उक्त बोर्ड किसी भी समय संबंधित राज्य सरकारों या विद्युत बोर्ड से परामर्श करके और केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से किसी भी ऐसे व्यक्ति को उस राज्य सरकार या बोर्ड के अधीन सेवा के लिए नियुक्त कर सकता है।
(2) उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश राज्यों की सरकारें बोर्ड को उसके कार्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक सभी व्ययों (कर्मचारियों के वेतन और भत्ते सहित) को पूरा करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराएंगी और ऐसी धनराशि संबंधित राज्यों के बीच ऐसे अनुपात में आवंटित की जाएगी जैसा कि केंद्र सरकार उक्त राज्यों में से प्रत्येक को होने वाले लाभों को ध्यान में रखते हुए निर्दिष्ट करे।
(3) बोर्ड केंद्र सरकार के नियंत्रण में होगा और समय-समय पर सरकार द्वारा उसे दिए गए ऐसे निर्देशों का पालन करेगा।
(4) बोर्ड, केंद्र सरकार की स्वीकृति से, अपनी ऐसी शक्तियों, कार्यों और कर्तव्यों को, जिन्हें वह उचित समझे, उक्त बोर्ड के अध्यक्ष या बोर्ड के अधीनस्थ किसी अधिकारी को प्रत्यायोजित कर सकता है।
(5) बोर्ड को कुशलतापूर्वक कार्य करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों या किसी अन्य प्राधिकरण को ऐसे निर्देश जारी कर सकती है, और राज्य सरकारें या अन्य प्राधिकरण ऐसे निर्देशों का पालन करेंगे।
बशर्ते कि प्रत्येक व्यक्ति जो उक्त बोर्ड के गठन से ठीक पहले धारा 78 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट परियोजनाओं से संबंधित कार्यों के निर्माण, रखरखाव या संचालन में लगा हुआ था, वह उक्त कार्यों के संबंध में बोर्ड के अधीन उसी सेवा शर्तों और नियमों पर कार्यरत रहेगा जो ऐसे गठन से पहले उस पर लागू थे, जब तक कि केंद्र सरकार आदेश द्वारा अन्यथा निर्देश न दे दे।
इसके अलावा, उक्त बोर्ड किसी भी समय संबंधित राज्य सरकारों या विद्युत बोर्ड से परामर्श करके और केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से किसी भी ऐसे व्यक्ति को उस राज्य सरकार या बोर्ड के अधीन सेवा के लिए नियुक्त कर सकता है।
(2) उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश राज्यों की सरकारें बोर्ड को उसके कार्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक सभी व्ययों (कर्मचारियों के वेतन और भत्ते सहित) को पूरा करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराएंगी और ऐसी धनराशि संबंधित राज्यों के बीच ऐसे अनुपात में आवंटित की जाएगी जैसा कि केंद्र सरकार उक्त राज्यों में से प्रत्येक को होने वाले लाभों को ध्यान में रखते हुए निर्दिष्ट करे।
(3) बोर्ड केंद्र सरकार के नियंत्रण में होगा और समय-समय पर सरकार द्वारा उसे दिए गए ऐसे निर्देशों का पालन करेगा।
(4) बोर्ड, केंद्र सरकार की स्वीकृति से, अपनी ऐसी शक्तियों, कार्यों और कर्तव्यों को, जिन्हें वह उचित समझे, उक्त बोर्ड के अध्यक्ष या बोर्ड के अधीनस्थ किसी अधिकारी को प्रत्यायोजित कर सकता है।
(5) बोर्ड को कुशलतापूर्वक कार्य करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों या किसी अन्य प्राधिकरण को ऐसे निर्देश जारी कर सकती है, और राज्य सरकारें या अन्य प्राधिकरण ऐसे निर्देशों का पालन करेंगे।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
